कांग्रेस के गढ़ में सेंध लगाने की कोशिश करेगी TRS, ऐसी है जोगुलांबा गद्वाल में लड़ाई

27 Nov, 2018 14:22 IST|Sakshi
डिजाइन फोटो 

जोगुलांबा गद्वाल जिले का गठन पृथक तेलंगाना राज्य बनने के बाद किया गया है। जिले में कुल मतदाताओं की संख्या-4,37,569 है जिसमें पुरुष-2,18,011 और महिलाएं-2,19,504 हैं। देश के 18 शक्तिपीठों में से पांचवां शक्तिपीठ जोगुलांबा के नाम से प्रसिद्ध है। यहां तुंगभद्रा नदी के तट पर नवब्रह्मा और बाल ब्रह्मेश्वर मंदिर हैं। जिले में गद्वाल किला है।

रेशम की साड़ियों की बुनाई के अलावा हथकरघा उद्योग के लिए गद्वाल जिला प्रसिद्ध है। जिले में जुर्राला और राजोली बंडा, नेट्टेमपाडु सिंचाई परियोजनाएं होने के बावजूद यह जिला काफी पिछड़ा हुआ है।

गद्वाल-जोगुलंभ

डी.के. अरुणा (फाइल फोटो) 

गद्वाल विधानसभा निर्वचन क्षेत्र 1952 में बना है। इस क्षेत्र में कुल मतदाताओं की संख्या-2,21,395 है जिसमें पुरुष-1,09,920 और महिलाएं-1,11,455 हैं। 2014 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की डी.के अरुणा ने टीआरएस के उम्मीदवार बंडा कृष्णमोहन रेड्डी को हराया था। वह पुर्व मुख्यमंत्री डॉ. वाईएस राजशेखर रेड्डी के कैबिनेट में सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री रहीं। पहली बार 1999 गद्वाल विेधानसभा निर्वाचन से विधायक निर्वाचित हुईं। 2004 में वह समाजवादी पार्टी से जीती थी।

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2009 में वह कांग्रेस पार्टी से चुनाव जीतकर मंत्री बनीं। डी.के. अरुणा ने गद्वाल को नए जिले का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर काफी समय तक अनशन किया था और आखिर में टीआरएस सरकार को उनकी मांग स्वीकारनी पड़ी और गद्वाल एक नया जिला बन गया। अकसर लोगों के बीच होने और कई विकास कार्यक्रमों में उनका योगदान होने की वजह से वह इस निर्वाचन क्षेत्र से लगातार जीत रही हैं। इस 2018 के विधानसभा चुनाव में उनका सामना टीआरएस बंडला कृष्णमोहन रेड्डी, भाजपा के गद्वाल वेंकटाद्री और बीएलएफ के रंजीत कुमार से है।

आलमपुर

संपत कुमार (फाइल फोटो) 

आलमपुर निर्वाचन क्षेत्र 1952 में बना है। इस विधानसभा क्षेत्र में कुल मतदाताओं की संख्या- 2,14,335 है जिसमें पुरुष-1,07,207 और महिलाएं-1,07,094 हैं। 2014 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार एस.संपत कुमार ने टीडीपी के वी.एम.अब्राहम को हराया था। यह विधानसभा निर्वचन क्षेत्र तुंगभद्र नदी के किनारे स्थित है। 2008 के डीलिमिटेशन में यह क्षेत्र SC को आरक्षित किया गया है।

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राजोली बंडा परियोजना का काम धीमी गति से चल रह है। नंदिकोट्टुर रेलवे ब्रिड्ज का पूरा नहीं होने से लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। 2018 के चुनाव में संपत कुमार का सामना टीआरएस के वी.एम. अब्रहम, भाजपा के रजनी माधव रेड्डी और बीएलएफ के वरप्रसाद से है।

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