कोरोना : निजी अस्पतालों के अधिक फीस वसूलने पर जनहित याचिका दायर, अदालत ने मांगे सबूत

2 Jul, 2020 15:45 IST|Sakshi
कॉंसेप्ट फोटो

तेलंगाना में कोरोना वायरस का कहर जारी है 

वहीं कार्पोरेट अस्पतालों पर अधिक फीस वसूलने का आरोप है

अदालत में जनहित याचिका दायर 

हैदराबाद : उच्च न्यायालय ने याचिकाकर्ता को एक जनहित याचिका दायर करने के मामले में साक्ष्य प्रस्तुत करने का आदेश दिया, जिसमें दावा किया गया कि कई निजी अस्पताल मुख्य रूप से कॉर्पोरेट अस्पतालों में कोरोना प्रीवेंटिव मेडिसिन के नाम पर मरीजों से भारी शुल्क वसूला जा रहा है।

इसी तरह, उच्च शुल्क लेने वाले निजी अस्पतालों को उत्तरदाता होने का आदेश दिया गया है। प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति राघवेंद्र सिंह चौहान और न्यायमूर्ति बी विजयसेन रेड्डी की पीठ ने बुधवार को यह आदेश जारी किया।

सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार अस्पतालों को 4,000 रुपये से 9,000 रुपये प्रतिदिन शुल्क लेना चाहिए लेकिन ये अस्पताल प्रतिदिन 50 हजार रुपये से लेकर 1.5 लाख रुपये तक वसूल रहे हैं, इस मामले पर सेवा संस्था महासचिव डीजी नरसिम्हा राव ने एक जनहित याचिका दायर की है।

याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि कॉरपोरेट अस्पताल कोरोना रोगियों से ज्यादा फीस वसूल रहे हैं और इन अस्पतालों को लिए मरीजों की जान से ज्यादा पैसा ही है और इस तरह वे कोरोना मरीजों का आर्थिक शोषण कर रहे हैं। 

उन्होंने कहा कि सरकार को निजी और कॉरपोरेट अस्पतालों और शिक्षण पत्रों के शोषण को रोककर 50% बेड ऑनलाइन मरीजों को आवंटित करने का आदेश देना चाहिए।

इस खंडपीठ ने यह स्पष्ट करने की मांग की कि लूट कहां और किन अस्पतालों में हो रही है बताएं, सबूत पेश करें और अस्पतालों को प्रतिवादी भी बनाया गया है। इस महीने की 10 तारीख को अगली सुनवाई होगी। जिसमें अदालत ने साक्ष्य पेश करने को कहा है। 

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