नागार्जुन सागर उपचुनाव में TRS से सीट छीनने के लिए तैयार है कांग्रेस और बीजेपी

11 Jan, 2021 10:30 IST|के. राजन्ना
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टीआरएस ने निर्वाचन क्षेत्र में दो बार नोमूला की शोक सभा आयोजित कर चुकी

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जाना रेड्डी निर्वाचन क्षेत्र में ही अधिक समय बीता रहे

नागार्जुन उपचुनाव में इस समय दो व्यक्ति बीजेपी की टिकट आस लगाये बैठे हैं

हैदराबाद : इस समय तेलंगाना (Telangana) में सबकी नजरें नागार्जुन सागर (Nagarjuna Sagar) उपचुनाव पर टिकी है। क्योंकि लगातार हार का सामना कर रही टीआरएस के का यह सिटिंग सीट है। वही कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के लिए प्रतिष्ठा का मुद्दा बन गया है। दुब्बाका विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र और जीएचएमसी चुनाव में बड़ी जीत दर्ज करने के बाद तीसरी जीत का बीजेपी के लिए यह सुनहरा मौका है। इस तरह तीन मुख्य दलों के लिए नागार्जुन सागर उपचुनाव 'अग्नि परीक्षा' बन चुकी है। 

तेलंगाना में अपनी एक विशेष इमेज बना चुके कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता के जाना रेड्डी नागार्जुन सागर उपचुनाव लड़ने का फैसला लिया है। यह चुनाव उनका राजनीतिक भविष्य तय करेगा। यदि जीत जाते हैं तो उनकी राजनीति में प्रतिष्ठा काफी बढ़ जाएगी। वर्ना राजनीति से संन्यास लेने की नौबत आएगी। 

टीआरएस को सहानुभूति पर भरोसा

नागार्जुन सागर के टीआरएस के विधायक नोमूला नरसिम्हा की असामयिक निधन के कारण सभी दल इस उपचुनाव के लिए कमर कस रहे हैं। सोचने की बात यह है कि चुनाव की घोषणा नहीं हुई है। मगर निर्वाचन क्षेत्र में चुनावी सरगर्मियां तेज हो चुकी है। सत्तारूढ़ टीआरएस पार्टी उम्मीदवार चयन पर कवायद शुरू कर दी है। इसके चलते नेताओं के बीच समन्वय और निर्वाचन क्षेत्र में विकास कार्यों पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

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टीआरएस ने निर्वाचन क्षेत्र में दो बार नोमूला की शोक सभा आयोजित कर चुकी हैं। चर्चा है कि उम्मीदवार का भी चयन किया है। मुख्य रूप से नरसिम्हा का बेटा भरत, पिछली चुनाव में टिकट की आस लगाये बैठे एमसी कोटि रेड्डी या एमएलसी चिन्नपरेड्डी के नाम सबसे आगे है। उम्मीदरवार चाहे कोई भी नागार्जन सागर उपचुनाव टीआरएस के लिए चुनौती भरे है। 

कांग्रेस के जाना रेड्डी कर रहे हैं तैयारी

पिछले चुनावों में हार का सामना कर चुके के कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जाना रेड्डी निर्वाचन क्षेत्र में ही अधिक समय बीता रहे हैं। वह सप्ताह में कम से कम दो दिन नागार्जुन सागर में रह रहे है। इतना ही नहीं नोमुला की निधन के बाद अधिक सक्रिय रूप से निर्वाचन क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं। जो पार्टी छोड़कर गये और जो दूर रहे है उनसे संपर्क कर रहे हैं। साथ ही उनका बेटा रघुवीर भी उनके साथ हो गये हैं। बाप और बेटा अलग-अलग मंडलों में दौरा कर रहे हैं। जाना रेड्डी का इस निर्वाचन क्षेत्र में अच्छा नाम है। कांग्रेस को विश्वास है कि उनका यहां पर काफी वोट बैंक है। तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को अब तक नियुक्त नहीं किया जाना भी जाना के लिए लाभदायक सिद्ध होगा।

भाजपा के टिकट के कई दावेदार

बीजेपी ने भी चुनाव प्रचार शुरू किया है। पिछली बार चुनाव में बीजेपी को 1.48 फीसदी (2,675) वोट मिले थे। अर्थात अपेक्षा से कम वोट मिले। बीजेपी के लिए नागार्जुन उपचुनाव उतना आसान नहीं है। इस समय दो व्यक्ति बीजेपी की टिकट आस लगाये बैठे हैं। पार्टी के नलगोंडा जिला अध्यक्ष कंकणाला श्रीधर रेड्डी की पत्नी निवेदिता और हाल ही में पार्टी में शामिल हुए कडारी अंजय्या यादव टिकट की मांग कर रहे हैं। इस समय दोनों भी प्रचार कर रहे हैं। मगर अंजय्या इस निर्वाचन के निवासी नहीं है। इस पर गौर करने से स्पष्ट होता है कि अंजय्या को टिकट मिलना उतना आसान नहीं है। मगर उनके समुदाय के लोग यहां पर अधिक है। 

इसी क्रम में दुब्बाक और जीएचएमसी की तरह ही नागार्जुन सागर में भी बीजेपी अपना वर्चस्व दिखाने की कोशिश में जुटी है। एक मजबूत उम्मीदवार को चुनावी मैदान में उतारने पर बीजेपी गंभीरता से विचार कर रही है। ऐसा करके बीजेपी अपने भविष्य को और मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया है। 

मार्च में चुनाव होने की संभावना 

कहा जा रहा है कि फरवरी के दूसरे सप्ताह उपचुनाव की अधिसूचना जारी होगी और मार्च में चुनाव होंगे। इसी बात को ध्यान में रखते हुए लगभग सभी दल नागार्जुन सागर उपचुनाव पर ध्यान देना शुरू कर दिया है।

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