दुर्गम चेरुवु केबल ब्रिज का शुक्रवार को उद्घाटन, अब रोड नं. 45 होगा 'पेद्दम्मातल्ली एक्सप्रेसवे'

24 Sep, 2020 22:22 IST|के. राजन्ना
दुर्गम चेरुवु केबल ब्रिज

दुर्गम चेरुवु केबल ब्रिज का उद्घाटन मुहूर्त करार हो गया है

रोड नंबर 45 फ्लाईओवर का नाम होगा 'पेद्दम्मातल्ली एक्सप्रेसवे'

हैदराबाद: दुर्गम चेरुवु केबल ब्रिज का उद्घाटन मुहूर्त करार हो गया है। मंत्री केटी रामाराव शुक्रवार को शाम 5.30 बजे दुर्गम चेरुवु केबल ब्रिज का उद्घाटन करेंगे। 

इस उद्घाटन कार्यक्रम केंद्रीय मंत्री किशन रेड्डी, मेयर बोंतु राममोहन और अन्य भाग लेंगे। रुपये। 184 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित केबल ब्रिज एशिया में दूसरा सबसे बड़ा ब्रिज है।

अब 'पेद्दम्मातल्ली एक्सप्रेसवे' 

केबल ब्रिज और जुबली हिल्स रोड़ नंबर 45 के साथ जोड़ते हुए बनाया गया है। मंत्री केटीआर केबल ब्रिज के साथ ही फ्लाईओवर का भी उद्घाटन करेंगे। जुबली हिल्स रोड नंबर 45 फ्लाईओवर का नाम बदलकर 'पेद्दम्मातल्ली एक्सप्रेसवे' रखा गया है।

184 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित

आपको बता दें कि जुबलीहिन्स रोड नंबर 45 से आईटी कॉरीडोर को केबल ब्रिज के जरिए जोड़ते हुए करीब 184 करोड़ रुपए की लागत से इसका निर्माण किया गया है। 233 मीटर लंबा और छह लेना जितना चौड़ा है। पैदल चलने वालों और साइकिलिस्ट्स के लिए स्पेशल ट्रैक से बनाए गए हैं। ब्रिच पर विशेष रूप से लाइटिंग की व्यवस्था की गई है जो रात के वक्त विभिन्न रंगों से जगमगाया। केबल ब्रिज के दोनों तरफ वाटर फाउंटेन की व्यवस्था की जानी है। इस प्रतिष्ठित ब्रिज का उद्घाटना अगले हफ्ते राज्य के सीएम केसीआर करने वाले हैं।

समय की बचत

 ब्रिज के उद्घाटन के लिए जीएचएमसी के अधिकारियों सहित सिंचाई, एचएमडीए, टूरिज्म विभाग के अधिकारियों ने व्यापक तैयारी की है। ट्रैफिक अधिक रहने वाले सुबह और शाम के वक्त जुबलीहिल्स से माधापुर पहुंचने में करीब 30 से 40 मिनट का वक्त लगता है। ऐसे में रोड नंबर 45 से केबल ब्रिज के जरिए आईटी कॉरीडोर स्थित इनऑर्बिट माल से सिर्फ 10 मिनट में पहुंच सकते हैं।

4.5 किलो मीटर लंबा वाकिंग और साइक्लिंग ट्रैक​

आकर्षक का केंद्र बने केबल ब्रिज की तर्ज पर दुर्गम चेरुवु के सुंदरीकरण के लिए 'मन दुर्गम' के नाम पर के रहेजा ग्रुप ने 40 करोड़ से अधिक सीसीआर की राशि खर्च कर चुका है। तालााब के अतराफ 4.5 किलो मीटर लंबा वाकिंग और साइक्लिंग ट्रैक बनाई गई है। सुरक्षा के तहत इनरसाइड सेफ्टी रेलिंग लगाई गई है। ट्रैक के साथ प्लांटेशन सहित इलेक्ट्रकिल लाइटिंग की व्यवस्था की गई है। चिल्ड्रन प्ले एरिया सहित ओपेन जिम, दो एंट्रेन्स प्लाजा बनाए गए हैं। इनऑर्बिट माल की तरफ स्थित ब्रिज के निचले हिस्से से एनसीसी बिल्डिंग के पास मौजूद एंट्रेन्स प्लाजा तक मौजूद खुली जगह को सपाट बनाया गया है।

ढाई किलो मीटर लंबा पाइपलाइन

उसमें वर्टिकल लैंड स्कैपिंग, प्लांटेशन शुरू कर उसे सुंदर बनाया जाएगा। केबल ब्रिज के शुरू में हीं सुंदरीकरण के काम पूरे होने वाले हैं। कभी दुर्गंध से भरा दुर्गम चेरुवु (तालाब) में विकसित किया गया है। यही नहीं, तालाब में ड्रेनेज व अन्य गंदा पानी मिलने से रोकेने के लिए ढाई किलो मीटर लंबा पाइप लाइन बिछाई गई है। केवल बारिश होने पर ही इनलेट्स के जरिए छोड़ा बहुत गंदा पानी तालाब में आकर मिलने की संभावना है। तालाब के भीतर आने वाले इनलेट्स के पास पानी साफ करने के मुद्दे पर विचार किया जा रहा है।

बनेगा फ्लोटिंग रेस्टोरेंट

तेलंगाना टूरिज्म डेवलपमेंट कार्पोरेशन मैनेजिंग डायरेक्टर मोहनर ने बताया कि राज्य के पर्यटन मंत्री श्रीनिवास गौड़ ने पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए जरूरी स्टैंडर्ड बनाए रखते हुए बोटिंग की व्यवस्था करने का आदेश दिया है। सोफा पर बैठकर पर्यटक जॉली राइड को जाने के लिए डीलक्स बोट उपलब्ध कराया जाएगा। चार लोगों की बैठने की व्यवस्था वाले बोट के साथ दो फेडल बोट भी उपलब्ध कराए जाएंगे। दुर्गम चेरुवु में तालाब में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए फ्लोटिंग रेस्टोरेंट का निर्माण किया जाएगा। कोविड-19 के मद्देनजर केंद्र सरकार की अनुमति मिलने के तुरंत बाद बोटिंग की सुविधा मुहैया कराई जाएगी। 

ऐतिहासिक दुर्गम चेरुवु

आपको बता दें कि हुसैन सागर के बाद सुंदर और ऐतिहासिक दुर्गम चेरुवु का नाम आता है। हुसैन सागर का निर्माण निजाम नवाबों के जमाने में किया गया था, जबकि दो पहाड़ों के बीच स्थित दुर्गम चेरुवु उन निजाम के नवाब रहने वाले सेवन टोंब्स को पानी के पानी पहुंचता था। 

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