हैदराबाद बाढ़ : ऐसा मंजर जो पहले कभी नहीं देखा, जानिए लोगों की जुबानी, कैसे बीते खौफ के वो दो दिन

17 Oct, 2020 06:48 IST|मो. जहांगीर आलम

कभी नहीं हुई ऐसी बारिश 

तेज रफ्तार से घरों का निर्माण 

हैदराबाद : तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में दो दिन पहले भारी बारिश ने इस कदर तबाही मचाई कि यहां के लोगों ने कभी तस्सवुर में भी कभी नहीं सोचा होगा। बारिश के इस तबाही में करीब 24 लोगों की मौत हो गई और न जाने कितने का नुकसान हुआ कह पाना मुश्किल है। इस बारिश के कारण हैदराबाद के कई इलाकों में पानी भर गया। सड़कें लबालब भर गई। यहां की सैकड़ों कॉलोनियों में 20 हजार से ज्यादा मकान डूब गए । कई इलाकों में लोग मकानों की छत पर चढ़कर अपनी जान बचाते दिखे। कहा जाता है कि 30 से ज्यादा पुराने भवन और दीवारें ढह गईं। यहां के लोगों का कहना है कि हमने अभी तक इस तरह की बारिश नहीं देखी है। आइए जानते हैं कि यहां के लोगों को बारिश और उसके बाद किस तरह से मुश्किलों का सामना करना पड़ा। 

कभी नहीं हुई ऐसी बारिश 

ट़ौलीचोकी के रहने वाले फहीमुद्दीन साहब का कहना है कि हैदराबाद में जिस तरह की बारिश हुई है ऐसी बारिश हमने अपने 70 साल के जीवन में कभी नहीं नहीं देखा है। उन्होंने कहा कि हमने अपने पूर्वजों से सुना था कि 100 साल पहले भी इस तरह की बारिश हुई थी, लेकिन इतनी तबाही नहीं मचाई थी। लोगों ने छतों पर भींगते हुए भूखे-प्यासे रात गुजारी। सुबह में कई तनजीमों की मदद से उन लोगों को दूसरे जगह पहुंचाया गया। 

उन्होंने कहा कि शहर की नीचली इलाकों में पहले थोड़ी से बारिश से भर जाते थे। लेकिन अब यह इलाका डूब जाता है। टौलीचोकी स्थित नदीम कालोनी में लोगों को एक जगह से दूसरे जगह ले जाने के लिए नांव का सहारा लेना पड़ा। उन्होंने कहा कि यह सरकार की कोताहियों और बिना योजना के पानी की निकासी के लिए सही इंतजाम नहीं होने का नतीजा है कि पानी नाले से निकलकर सड़क पर आ जाता है। और धीरे-धीरे यही पानी लोगों के घरों में घुस जाता है। 

उन्होंने यह भी कहा कि हैदराबाद में बेतरबीत तरीके से लोग घर  का निर्माण कर रहे हैं। जिससे बारिश के पानी की निकासी के रास्तों को ही खत्म कर दिया। नतीजा यह हुआ कि शहर का हर कोना बारिश के पानी से भर जाता है। चाहे वो नदीन कोलोनी हो या पूराने शहर का इलाका। लोगों को आने-जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है।  

तेज रफ्तार से घरों का निर्माण 

वहीं मोहम्मद रउफ का कहना है कि अगर तेलंगाना सरकार समय रहते अगर बारिश के पानी के निकासी के लिए सही तरीके से योजनाओं को अमल में नहीं लाती है तो आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं। क्यों कि शहर में जनसंख्या तेजी से बढ़ रही है और उसी रफ्तार से मकानात का निर्माण भी हो रहा है। अगर ऐसे ही चलता रहा तो नतीजा गंभीर हो सकता है। 

टौलीचोकी के रहने वाले सैयद हासीम अली भी बारिश से प्रभावित लोगों में से एक है। उन्होंने कहा कि पहले भी बारिश होती थी लेकिन घरों में पानी नहीं घुसता था। लेकिन इस बार घर में इतना पानी घुस गया कि दूसरों के घरों में रहने के लिए मजबूर हो गए हैं। उनके साजो समान डूब गए। खाने-पीने समान भी बह गया। उन्होंने तेलंगाना सरकार पर इल्जाम लगाते हुए कहा कि सरकार ने लोगों को उन इलाकों में भी रहने और घर बनाने की इजाजत दे दी जो रहने की जगह नहीं थी। बिल्डरों ने सस्ती जमीन खरीदकर मकान का निर्माण कराया, जिससे लोग अब भुगत रहे है। 

पानी की निकासी सबसे बड़ी समस्या 

वहीं दूसरी तरफ फारुक का कहना है कि अगर सरकार सही तरीके से पानी के निकासी के लिए योजना बनाती तो यह परेशानी नहीं होती। उन्होंने कहा कि पहले बारिश का पानी तलाब में जाता था। अब तलाब की जगह घर बन गया है। तो अब पानी कहां जाएगा। इसलिए सरकार को पानी की निकासी के लिए बेहतर बंदोबस्त करनी चाहिए और अवैध निर्माण पर रोक लगनी चाहिए।  

इस तरह के कई लोगों ने अपने दर्द को बताया कि इस आफत की बारिश में कैसे उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ा। लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी बारिश की पानी कि निकासी को लेकर है। क्योंकि यह पानी लोगों के घरों में घुस जाते हैं और आने जाने में भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।  

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