अपनी करनी का ही अंजाम भुगत रहे हैं हैदराबाद में बाढ़ प्रभावित लोग, जानिए कैसे !

17 Oct, 2020 18:17 IST|Sakshi
फोटो : सौ. सोशल मीडिया

तलाबाों को भरकर खड़ी कर दी गईं इमारतें 

बहुत सस्ते में मिल जाती थी जमीन 

हैदराबाद : तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में बारिश का सिलसिला थमने के बावजूद लोगों की परेशानियां कम नहीं हो रही हैं। यहां के कई इलाकों में अभी भी पानी जमा है और राहत व बचाव का कार्य जारी है। इन इलाकों से पानी निकालने का काम अब भी जारी है। बताया जाता है कि बेतरतीब तरीके से बने यहां के मकानों ने पानी के निकासी के रास्तों को ही खत्म कर दिया है। हैदराबाद में कई ऐसी कॉलोनियों को बसाया गया है जहां पहले तालाब थे। इन तलाबों को भरकर इमारतें खड़ी कर दी गईं। इतना ही नहीं, पहाड़ों को काटकर मकान का निर्माण किया गया और आज सबसे ज्यादा प्रभावित यहीं के लोग हैं। आइए जानते हैं कि बेतरतीबी से बसी इन कॉलोनियों के बारे में यहां के लोगों का क्या कहना है... 

तलाबाों को भरकर खड़ी कर दी गईं इमारतें 

टोलीचौकी में करीब 40-50 साल से ज्यादा समय से रह रहे मोहम्मद निजाम का कहना है कि टोलीचौकी में कई तालाब थे, जो पहले बारिश के पानी की निकासी के काम आता था। लेकिन अब इन तलाबाों को भरकर इमारतें खड़ी कर दी गईं, जिसके कारण बारिश का पानी बाहर निकल नहीं पाता है। और थोड़ी सी बारिश के कारण इन इलाकों में पानी भर जाता है। आज सबसे ज्यदा प्रभावित यहीं के लोग हैं। 

बहुत सस्ते में मिल जाती थी जमीन 

वहीं, फहीमुद्दीन साहब का कहना है कि हैदराबाद में बाहरी लोगों की संख्या अब बहुत तेजी से बढ़ती जा रही है। यहां रहने के लिए बिना कुछ पता किए ही लोग जमीन खरीद लेते हैं। क्योंकि इन इलाकों में जमीन लोगों को बहुत सस्ते में मिल जाती थी। यही वजह है कि आज सबसे ज्यादा प्रभावित यहीं के लोग हैं। उन्होंने यह भी कहा कि तेलंगाना सरकार को ऐसी जमीन को चिन्हित करना चाहिए जो बारिश के पानी के निकासी के लिए उपयोग होता है और इन जमीनों के खरीद-फरोख्त पर भी रोक लगा देनी चाहिए।  

औने-पौने दाम में खरीद ली जमीन

टोलीचौकी निवासी सैयद हासीम अली का कहना है कि हैदराबाद के टोलीचौकी के नदीम कॉलोनी, छाबड़ा एन्क्लेव और वली चौकी ही नहीं बल्कि शहर में 30 से ज्यादा ऐसी कॉ​लोनियां हैं जहां बिल्डरों ने सरकार को रिश्वत देकर जमीन औने-पौने दाम में खरीद ली और फिर उन्हें बेच दी। उन्होंने कहा कि जमीन खरीदने वालों को तहकीकात कर ही जमीन खरीदनी चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को ऐसी जमीनों पर नजर रखनी चाहिए। 

थोड़ी सी बारिश से ही भर जाता सड़क 

पूराने शहर के रहने वाले अब्दुल फारुक ने कहा कि सरकार के ढीले रवैये के कारण लोगो अवैध जमीन पर कब्जा कर घर बना लेते हैं। सरकार को अवैध जमीन पर घर बनाने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि नदीम कॉलोनी में जिस तरह से तालाब के किनारे घरों का निर्माण हुआ है, क्या वह ठीक है। यहां कभी बारिश का पानी जमा होता था। लेकिन आज यहां बड़ी-बड़ी इमारतें हैं। यही वजह है कि थोड़ी सी बारिश से ही यहां सड़क पानी से भर जाता है। तो ऐसे अगर फिर बारिश हो तो आलम क्या हो सकता है?   इस तरह की कई कॉलोनी है जहां बारिश के पानी के निकासी का रास्ता नहीं है। 

आपको बता दें कि हैदराबाद में भारी बारिश के बाद हिमायत सागर से पानी छोड़ा गया। जिसके कारण मूसा राम बाग के पास मूसा नदी में जलस्तर बढ़ गया, जो खतरे के निशान से ऊपर तक पहुंच गया। और मूसा राम बाग की कॉलोनियों और रिहायशी इलाकों में पानी घुस गया। 

टोलीचौकी और अन्य कॉलोनियों में अब भी 9 से 10 फीट पानी है। नदीम लोनी, छाबड़ा एन्क्लेव और वली चौकी के अन्य स्थानों से सेना और एनडीआरएफ के जवान नावों द्वारा पीड़ितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। इन कॉलोनियों में 800 से 1000 घर ऐसे हैं, जो पानी से घिरे हुए हैं। वहीं पुराने शहर में चंद्रायन गुट्टा, चादर घाट, मूसा राम बाग, जो मूसा नदी के तट पर स्थित हैं, जैसे हैदराबाद के इलाकों में आज भी पानी भरा हुआ है। यहां राहत और बचाव कार्य अब भी जारी है। अगर हैदराबाद में इसी तरह पहाड़ों को काटकर और तालाबों को भर कर कॉलोनियां बनती रहीं तो आने वाले समय में यहां के हालात और भी खराब हो सकते हैं।

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