कोवैक्सीन को लेकर भारत बायोटेक का बड़ा ऐलान, मुआवजा देगी कंपनी

17 Jan, 2021 09:44 IST|अंजू वशिष्ठ

टीका के बावजूद कोविड-19 नियमों का पालन जरूरी

साइड इफेक्ट को लेकर कंपनी लेगी मरीज की जिम्मेदारी

हैदराबाद : कोवैक्सीन की निर्माता कंपनी भारत बायोटेक (Bharat Biotech) काफी समय से कोरोना वायरस के टीके को लेकर विवादों का सामना कर रही है। आखिर कंपनी ने कोवैक्सीन (Covaxin) के साइड इफेक्ट को लेकर घोषणा कर दी है कि कंपनी वैक्सीन के गंभीर साइड इफेक्ट (Side Effect) होने पर मरीज को मुआवजा देगी। दिल्ली (Delhi) के एक जाने माने अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा 'कोवैक्सीन' (Covaxin) पर संदेह जताए जाने के बीच हैदराबाद (Hyderabad) की कंपनी भारत बायोटेक मैदान में आ गयी है। 

हैदराबाद की इस कंपनी ने घोषणा की है कि अगर टीका लगवाने के बाद किसी को गंभीर प्रतिकूल प्रभाव होते हैं, तो उसे कंपनी मुआवजा देगी। उल्लेखनीय है कि कंपनी के चीफ मैनेजिंग डायरेक्टर कृष्णा एल्ला ने दावा किया था कि उनकी वैक्सीन इतनी सुरक्षित है कि वे अपने 6 साल के पोते को भी इसे लगवाने से नहीं हिचकिचाएंगे। 

कंपनी करेगी मरीज की देखभाल 

टीका लगवाने वाले लोगों ने जिस फॉर्म पर हस्ताक्षर किये जाने हैं, उस पर भारत बायोटेक ने कहा कि किसी प्रतिकूल या गंभीर प्रतिकूल प्रभाव की स्थिति में आपको सरकार चिन्हित और अधिकृत केंद्रों और अस्पतालों में चिकित्सकीय रूप से मान्यता प्राप्त देखभाल प्रदान की जाएगी। 

सहमति के मुताबिक, अगर टीके से गंभीर प्रतकिूल प्रभाव होने की बात साबित होती है, तो मुआवजा बीबीआईएल द्वारा अदा किया जाएगा। कोवैक्सीन के पहले और दूसरे चरण के क्लीनिकल परीक्षण में कोविड-19 के खिलाफ एंटीडॉट विकसित होने की पुष्टि हुई है। 

तीसरे चरण के क्लीनिकल ट्रायल में स्टडी जारी

टीका निर्माता के मुताबिक टीके के क्लीनिकल रूप से प्रभावी होने का तथ्य अभी अंतिम रूप से स्थापित नहीं हो पाया है और इसके तीसरे चरण के क्लीनिकल ट्रायल में इसका अध्ययन अभी किया जा रहा है। इसमें कहा गया है कि इसलिए ये जान लेना जरूरी है कि टीका लगाने का मतलब ये नहीं है कि कोविड-19 संबंधी बाकी सावधानियों को नहीं बरता जाए। 

इस क्षेत्र के एक विशेषज्ञ के मुताबिक चूंकि टीका अभी क्लीनिकल ट्रायल के चरण में ही है, इसलिए अगर किसी को गंभीर दुष्प्रभाव होते हैं, तो मुआवजा देना कंपनी की जिम्मेदारी बनती है। इस बीच, भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड (बीबीएलई) की संयुक्त प्रबंध निदेशक सुचित्रा एल्ला ने ट्वीट किया कि कोवैक्सीन और भारत बायोटेक, राष्ट्र और कोरोना योद्धाओं की सेवा करके सम्मानित और कृतज्ञ महसूस कर रहे हैं। 

सरकार ने दिया साफ जवाब

बता दें कि कुछ समय पहले वैक्सीन निर्माताओं ने सरकार से अपनी रक्षा की मांग की थी। हालांकि सरकार ने खरीदी ऑर्डर पर ये साफ कर दिया कि किसी भी तरह की दूष्परिणाम होने पर कंपनी को जिम्मेदारी लेनी होगी। 

इस संबंध में भारत बायोटेक के चेयरमैन डॉक्टर कृष्णा एल्ला से जब कोवैक्सीन की प्रभावकारिता को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि भारतीय वैज्ञानिकों को लक्ष्य बनाना आसान है। मैं ये कहना चाहता हूं, क्योंकि किसी दूसरी कंपनी ने मेरे उत्पाद को पानी की तरह साफ बताया था। उन्होंने कहा कि केवल तीन कंपनियों ने प्रभावकारिता की जानकारी दी है।
 

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