पहला टीका लगवाने वाली महिला ने शेयर की अपनी कहानी, कहा-घरवालों ने किया था मना

17 Jan, 2021 13:05 IST|मीता
सोशल मीडिया के सौजन्य से

तेलंगाना का पहला टीका लगा गांधी अस्पताल की कृष्णम्मा को

कृष्णम्मा ने कहा घरवालों के मना करने पर भी लगवाया टीका

सबको टीका लगवाना चाहिए जिससे कि हम कोरोना पर विजय पा सकें 

हैदराबाद: तेलंगाना (Telangana) में कोविड-19 (Covid-19) वैक्सीन (Vaccine) प्राप्त करने वाली पहली महिला बनीं गांधी अस्पताल की स्वच्छता कर्मचारी कृष्णम्मा (Krishnamma) (45 वर्षीय) । जब पहले पहल उससे मीडिया ने बात करनी चाही तो वह उनके प्रश्नों का उत्तर दे नहीं पा रही थी। 

और फिर कुछ समय बाद जब उसने बात करना शुरू किया तो सारे संदेहों पर विराम लग गया। उसने दृढ़ता और आत्मविश्वास के साथ कहा कि टीका लगने के बाद सबसे पहले तो वह तेलंगाना की जनता से यही आग्रह करना चाहती है कि सारे लोग इस टीकाकरण (Vaccination) अभियान में भाग लें और टीका लगवाएं।  

कृष्णम्मा ने आगे कहा कि, “मैं कल थोड़ा तनाव में थी और आज सुबह भी मेरे मन में संदेह था। मेरा बेटा जो पुलिस विभाग में काम करता है और परिवार के अन्य सदस्य भी मुझे टीका लगवाने से मना कर रहे थे। लेकिन पिछले एक साल में  मैंने व्यक्तिगत रूप से गांधी अस्पताल में कोविड रोगियों और अन्य स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की पीड़ा को करीब से देखा है और महसूस किया है कि टीकाकरण कोविड महामारी पर विजय प्राप्त करने का एकमात्र तरीका है। जब मुझे टीका लगाया गया था और अब मुझे देखिये कितना समय हो चुका है। मैं बिलकुल ठीक हूं। मैं सभी स्वास्थ्य कर्मचारियों से आग्रह करती हूं कि वे वैक्सीन ड्राइव में भाग लें और जब भी वे उपलब्ध हों, टीका लगाने के लिए जनता से अनुरोध करें।"

टीकाकरण का निर्णय लेने से पहले, स्वच्छता कर्मचारियों और अन्य ग्रेड IV कर्मचारियों को अस्पताल के अधिकारियों द्वारा परामर्श दिया गया था, साथ ही प्रोत्साहित भी किया गया था।

गांधी अस्पताल के अधीक्षक डॉ एम राजा राव ने कहा कि, “हमने उन्हें वैक्सीन के फायदे और नुकसान के बारे में पहले ही बता दिया था । मैंने उन्हें यह भी बताया कि उनके साथ, अस्पताल के अन्य स्वास्थ्यकर्मी, जिनमें नर्स और डॉक्टर भी शामिल हैं, टीका लगवाएँगे। कृष्णम्मा की तरह, अन्य स्वच्छता कर्मचारी आसानी से सहमत हो गए।”

दमाईगुड़ा में रहने वाली कृष्णम्मा गांधी अस्पताल में एक दशक से स्वच्छता विंग में काम कर रही हैं। 

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कृष्णम्मा ने कहा कि, “जब कोविड ने कहर ढाना शुरू किया और लॉकडाउन लगाया गया, तो मैंने व्यक्तिगत रूप से इसके रोगियों की पीड़ा को देखा। शुरू में मुझे यकीन नहीं था लेकिन टीका लगने के बाद, मेरा मानना है कि हम इस बीमारी को हरा सकते हैं। इसमें सबको सहयोग करना होगा, टीका लगवाना होगा। ”

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