कोरोना के डर से चिकन में मिलाया सैनिटाइजर, उसके बाद क्या हुआ हाल, पढ़िए खबर

8 Sep, 2020 12:35 IST|मीता
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तेलंगाना में बढ़ते जा रहे कोरोना के मामले 

कोरोना के डर से इस शख्स की जान पर बन आई

हैदराबाद: कोरोना महामारी दिन ब दिन बढ़ती ही जा रही है और इसके डर ने लोगों को पूरी तरह से जकड़ लिया है। इसके डर से लोग बेहद सतर्क हो गए हैं और नियमों का पालन भी कर रहे हैं। बाहर जाने से पहले मास्क लगा रहे हैं, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे हैं और बार-बार हाथों को सैनिटाइज कर रहे हैं साथ ही बाहर से लाई गई हर चीज को सैनिटाइज करने के बाद ही इस्तेमाल कर रहे हैं। 

बाहर से खरीदकर लाई गई सब्जियों को भी विभिन्न प्रकार के तरल पदार्थों से धोया जा रहा है ताकि इस महामारी से बचाव हो सके। पर कभी-कभी ये सावधानी भी लोगों के जान पर बन आ रही है और सही जानकारी न होने से लोग कई तरह के गलत कदम भी उठा रहे हैं। 

ऐसा ही कुछ हुआ एक व्यक्ति के साथ जिसने कोरोना के डर से पके हुए चिकन में सैनिटाइजर डाला और अब उसे खाने के बाद उसकी जान पर बन आई है। 

ये घटना  तेलंगाना के करीमनगर जिले के जम्मीकुंटा मंडल के पापक्कपल्ली गांव में हुई। गांव के मजदूर याकूब की पत्नी और तीन बच्चे हैं। याकूब के दिल में चिकन खाने की बात आई तो वह बाजार से ले आया। 

स्वादिष्ट चिकन भी पकाया गया। पकने के बाद याकूब को लगा कि चिकन तो बाहर से लाया गया है तो उसको तो सैनिटाइज करना चाहिए और उसने जानकारी के अभाव में पके हुए चिकन में ही सैनिटाइजर डाल दिया। चिकन में सैनिटाइजर की गंध के कारण पत्नी और बच्चों ने उसे नहीं खाया।

याकूब ने अकेले ही खाया और खाने के तुरंत बाद उसे उल्टियां होने लगी। इसके बाद उसे वरंगल के एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया। अगस्त में हुई यह घटना देर से सामने आई है।

पहले सप्ताह में उसका उपचार वरंगल के एमजीएम अस्पताल में किया गया। वहां के डॉक्टरों ने निर्धारित किया कि याकूब की आंतें चोटिल हुई है। इसी अस्पताल में कोरोना के मरीजों का भी इलाज चल रहा था और यह जानकर डर के मारे याकूब डॉक्टरों को सूचित किए बिना 29 अगस्त को अस्पताल से भागकर अपने गांव पहुंच गया।   

अब जब वह अपने गांव आ गया तो उसके पास इलाज के लिए पैसे नहीं है और न ही वह काम करने लायक है क्योंकि उसके हाथ-पैर भी काम नहीं कर रहे है, तो वह घर पर ही रह रहा है।  

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याकूब गंभीर अवस्था में है यह जानने के बाद जेडपीटीसी श्रीराम श्याम वहाँ पहुँचे। अपनी ओर से उसकी आर्थिक मदद भी की। इस मामले से मंत्री ईटेला राजेंद्र को अवगत कराया गया और परिवार को आश्वासन दिया कि याकूब को उचित चिकित्सा प्रदान की जाएगी।


 

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