हैदराबाद के जलजमाव वाले इलाकों में मौसमी बीमारियों की बाढ़

18 Oct, 2020 20:21 IST|विजय कुमार
हैदराबाद में जलजमाव

चंद्रायनगुट्टा के मुहम्मद शमीम के घर में पानी घुस गया था। इन्होंने अपने परिचित की छत पर शरण ली। अब इन्हें घर लौटने में डर लगने लगा है। घर में जमे पानी में कीड़े मकोड़े घूम रहे हैं।

हैदराबाद: महानगर में बाढ़ की स्थिति के बाद अब लोगों को बीमारियों का खतरा सताने लगा है। पुराने शहर में करीब दो हजार लोगों को घरों से निकालकर सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया था। इनमें जांच के बाद करीब दो दर्जन लोगों में कोरोना संक्रमण पया गया। इसके बाद से जीएचएमसी अधिकारियों और जलजमाव प्रभावित लोगों में हड़कंप है। कई लोगों ने घर छोड़कर एक जगह शरण ली है। जहां बिस्तर साझा करने के साथ ही एक ही हांडी में खाना पकाने और खाने की मजबूरी है। ऐसे में लोगों को लग रहा है कि उनमें कोरोना संक्रमण की आशंका बढ़ गई है। जीएचएमसी इलाके में वैसे भी कोरोना संक्रमितों की तादाद अधिक है। 

घर लौटने पर बीमारियों का खतरा

चंद्रायनगुट्टा के मुहम्मद शमीम के घर में पानी घुस गया था। इन्होंने अपने परिचित की छत पर शरण ली। अब इन्हें घर लौटने में डर लगने लगा है। घर में जमे पानी में कीड़े मकोड़े घूम रहे हैं। मच्छरों का आतंक भी बढ़ा 13 लोगों के शमीम के परिवार में दो लोगों को बुखार है। उन्हें लगता है घर लौटने के बाद बाकी लोगों में भी संक्रमण की स्थिति होगी और पूरे परिवार की हालत खराब हो सकती है। ये हालत अकेले शमीम के परिवार का नहीं। बल्कि कई घरों से लोग बाहर निकलकर जहां तहां शरण लिये हुए हैं। उन्हें जलजमाव के बाद बीमारियों से डर लगने लगा है। 

जीएचएमसी अब सफाई और छिड़काव पर दे रही जोर

जीएचएमसी की प्राथमिकता अब जल जमाव वाले इलाके में व्यापक छिड़काव को लेकर है। ताकि संक्रमण के चलते डेंगू का खतरा नहीं हो। जानकार बताते हैं कि कोरोना संक्रमण इन गंदे इलाकों में उफान ले सकता है। कर्मचारियों की कमी से दो चार हो रहे जीएचएमसी के लिए सफाई अभियान चलाना भी इतना आसान नहीं। जिन इलाकों में पहुंचना भी मुश्किल है वहां व्यापक छिड़काव की व्यवस्था किसी चुनौती से कम नहीं। 

डेंगू को लेकर चला था बड़ा अभियान

बीते साल डेंगू की तादाद अधिक होने के चलते इस बार सरकार ने कई इलाकों में छिड़काव की व्यवस्था कराई थी। नतीजा ये रहा कि तुलनात्मक तौर पर इस बार डेंगू के काफी कम मामले आए थे। अब हालिया जलजमाव के बाद मौसमी बीमारी से परेशान लोगों की अस्पतालों में भीड़ लग रही है। प्रिंसेस एसरा अस्पताल में बुखार और खांसी की तकलीफ वाले मरीजों की तो जैसे बाढ़ ही आ गई है। महानगर में साल 2019 में 1,726 डेंगू के मरीज रिकॉर्ड किये गए थे। अब सफाई की अनदेखी की गई तो इस बार डेंगू एक बार फिर फन फैला सकता है। 

म्यूनिसिपल डिपार्टमेंट की जिम्मेदारी संभाल रहे मंत्री केटीआर डेंगू को लेकर काफी सजग है। मंत्री ने अधिकारियों को इससे पहले घरों की पहचान कर छिड़काव की हिदायत दी थी। खासकर ओल्ड सिटी में इस साल करीब 3000 घरों की पहचान की गई थी। अब इन इलाकों में एक बार फिर व्यापक अभियान चलाने की दरकार है। वरना लोगों जलजमाव के बाद कोरोना और डेंगू की दोहरी मार झेलनी होगी।
 

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