कोरोना के लक्षण नहीं होना ज्यादा खतरनाक, CDFD की सर्वे में हुआ खुलासा

21 Sep, 2020 10:31 IST|संजय कुमार बिरादर
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लक्षण नहीं रहने वालों में ही कोविड वायरस अधिक असरदार

210 पीड़ितों पर सेंटर फर डीएनए फिंगर प्रिंट्स का सर्वे

इम्युनिटी अधिक रहने वालों से कम रहने वालों में फैलता है वायरस

हैदराबाद : कोविड-19 के लक्षण रहने वालों के मुकाबले कोई लक्षण नहीं रहने वाले असिम्पटमैटिक पीड़ितों में वायरस का लोड अधिक होने का खुलासा हैदराबाद स्थित सेंटर फर डीएनए फिंगर प्रिंट्स की सर्वे में हुआ है। यही नहीं, 95 फीसदी लोगों में 20बी क्लेड स्ट्रेट किस्म का वायरस होने का भी पता चला है।

मई और जून के महीनों में ग्रेटर हैदराबाद सहित सीमावर्ती क्षेत्रों में कोविड-19 से ग्रस्त 210 लोगों का एकत्रित डेटा के विश्लेषण से इस बात का पता चला है। वायरसलोड के साथ उसी स्तरपर अन्यूनिटि लेवल्स होने के कारण ही वे सभी बाहर से स्वस्थ दिखाई दे रहे हैं। उनसे ये वायरस कम इम्युनिटिवालों में फैलकर उनकी मौत की वजह बन रही है।

70 फीसदी लोगों में कोई लक्षण नहीं
जीएचएमसी की परिधि में अब तक 57 हजार से ज्यादा लोग कोरोना वायरस की चपेट में आ चुके हैं, लेकिन उनमें से 70 फीसदी लोगों में वायरस के कोई लक्षण नहीं पाए गए हैं। केवल 30 फीसदी लोगोंमें ही बुखार, खांसी, जुखाम जैसे लक्षण दिखाई दिए।

सेंटर फर डीएनए फिंगर प्रिंट्स के वैज्ञानिकों के मुताबिक  कोविड के लक्षण वाले मरीजों के मुकाबले किसी भी तरह के लक्षण नहीं रहने वाले असिम्पमैटिक पीड़ितों में वायरस लोड अधिक होता है। उनके पास से वृद्धों, बच्चे और रोग प्रतिरोधक क्षमता कम रहने वालों मे यह वायरस फैलकर परोक्ष रूप से उनकी मौत की वजह बन रहे हैं। गौरतलब है कि इस शोध की रिपोर्ट बॉयो आरेक्सिव  नामक प्रीप्रिंट रिपाजिटरी में हाल ही में प्रकाशित हई थी।

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