सिद्धार्थ ने हायर किए थे अखिला प्रिया के लिए बांउसर्स, एडवांस में दिए थे इतने रुपए

17 Jan, 2021 17:25 IST|Sakshi
सिद्धार्थ नाम के शख्स ने अखिलाप्रिया के लिए बाउंसर्स हायर किए थे।

हैदराबाद :  बोइनपल्ली किडनैपिंग केस ( Bowenpally Kidnaping Case) में शनिवार को पुलिस ने 15 अन्य लोगों को गिरफ्तार किया है। इन सभी के कनेक्शन केस की मुख्य आरोपी अखिला प्रिया ( Bhuma Akhila Priya) से हैं।  इन गिरफ्तारियों के साथ अब तक गिरफ्तार किए गए लोगों की कुल संख्या टीडीपी नेता ( TDP Leader) सहित 19 हो गई है। पुलिस का कहना है कि नौ और लोगों को गिरफ्तार किया जाना है।

पुलिस की जांच जैसे- जैसे आगे बढ़ रही वैसे- वैसे इस केस में रोचक जानकारी निकलकर सामने आ रही है। बता दें कि प्रवीण राव और उनके दो भाईयों का 6 जनवरी को भूमि विवाद के सिलसिले में हैदराबाद के हाजपेट में नाटकीय तरीके से अपहरण कर लिया गया था। जिन तीन लोगों का अपहरण किया गया था वे राज्य के सीएम केसीआर के पीए के रिश्तेदार बताए जा रहे हैं। 

पुलिस ने इस मामले में जिन लोगों को गिरफ्तार किया है वे लोग प्रवीण राव के घर इनकम टैक्स अधिकार बनकर पहुंचे थे। मिली जानकारी के अनुसार विजयवाड़ा के रहने वाले  सिद्धार्थ नाम के एक व्यक्ति ने एक अन्य आरोपी और भूमा अखिला के करीबी सहयोगी सीनू के साथ समझौते के अनुसार इन लोगों को भेजा। पुलिस ने कहा कि सिद्धार्थ को भी गिरफ्तार कर लिया गया। बताया जा रहा है कि मंत्री रहने के दौरान अखिला प्रिया हैदराबाद और बैंगलोर दोनों जगहों पर रहती थी। वे जब भी विजयवाड़ा आती थी तो उसके साथ अंगरक्षकों के रूप में पुरुषों की एक टीम होती थी।

अखिला प्रिया ने जब भी  विजयवाड़ा और अमरावती का दौरा किया, गुंटूर सीनू ही थे जो इन लोगों को इक्कठा करता था। उसकी सिद्धार्थ से जान- पहचान थी जो विजयवाड़ा में एक जनशक्ति कंसल्टेंसी चला रहा था। अखिला के साथ रहने वाले प्रति व्यक्ति को 1,000 रुपये का भुगतान किया गया था।

प्रवीण राव और उनके भाईयों के किडनैपिंग की साजिश अखिला प्रिया और उनके पति भार्गव राम ने रची थी। वहीं सिद्धार्थ ने  गुंटूर के रहने वाले सीनू के माध्यम से  किराए के बाउंसर हायर किए थे। इन बाउंसरों को आयकर अधिकारी के रूप में काम करने को कहा गया था। इसके लिए सिद्धार्थ ने उन्हें 50,000 रुपये की एडवांस दिया था। इसके अलावा काम खत्म हो जाने के बाद उन्हें एक बड़ी रकम देने का वादा किया गया था।  इसके साथ, सिद्धार्थ ने विजयवाड़ा में विभिन्न कॉलोनियों के लगभग 20 लोगों को भेजा और उन्हें कुकुरपल्ली के पार्थ ग्रैंड होटल में रखा। कहा जाता है कि भार्गव राम ने यूसुफगुडा के एमजीएम स्कूल में आईटी अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों के रूप में कार्य करने के लिए उन्हें निर्देशित किया था।

एक बार अपहरण के बाद उनमें से कुछ विजयवाड़ा के लिए निकल गए और कुछ अन्य पीड़ितों को ओआरआर रोड पर नरसिंगी के पास छोड़ दिया गया। हैदराबाद पुलिस ने सिद्धार्थ सहित 15 लोगों को घटना के सिलसिले में गिरफ्तार किया है। बता दें कि पुलिस ने अखिला प्रिया के पीए बोया संपत कुमार, भार्गव राम के निजी सहयोगी नागराडोडी मल्लिकार्जुन रेड्डी, और ड्राइवर दोलू बाला चेन्नाय्या को  11 जनवरी को हिरासत में ले लिया था। बाकी के आरोपियों के साथ भार्गव राम और गुंटूर सीनू अभी भी फरार हैं। 

ऐसा माना जाता है कि सीनू ने हाई वोल्टेज किडनैप ड्रामा में अहम रोल निभाया था। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई क्योंकि उसका मानना है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद ही अहम जानकारी हासिल हो पाएगी। पुलिस उसे गिरफ्तार करने के लिए  स्पेशल टीमों को गोवा और कर्नाटक के पड़ोसी राज्यों में भेजा गया है।

इस बीच अखिला प्रिया जिसकी पुलिस हिरासत 14 जनवरी को समाप्त हो गई थी, उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और वह फिलहाल में चंचलपुडा जेल में बंद है। पुलिस ने बेगमपेट में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और गांधी अस्पताल में मेडिकल टेस्ट के बाद उसे एक मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया। COVID-19 सहित विभिन्न टेस्ट किए गए थे। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह गर्भवती नहीं थी जैसा कि कई मीडिया रिपोर्ट्स में जानकारी सामने आई थी। हालांकि अस्पताल में अखिला का चेकअप करने के बाद डॉक्टरों ने पाया कि वह पूरी तरह से स्वस्थ है और उन्हें किसी इलाज की जरूरत नहीं है। 

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