किसान बिल पर सीएम केसीआर ने केंद्र पर उतारा गुस्सा, कहा- शहद लगे चाकू जैसा है ये बिल

19 Sep, 2020 21:26 IST|मीता
केसीआर

सीएम केसीआर ने की किसान बिल की आलोचना

कहा- ये बिल शहद लगे चाकू के समान है 

हैदराबाद: तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर ने कहा कि केंद्र द्वारा पेश किया गया किसान बिल किसानों के साथ अन्याय करने  है। उन्होंने कहा कि इस बिल का मकसद कॉर्पोरेट व्यापारियों को लाभ पहुंचाना है। मुख्यमंत्री ने सांसद केके को संसद में कृषि विधेयक का विरोध करने का निर्देश दिया है।

सीएम केसीआर ने साफतौर पर इस किसान बिल को शहद में लिपटा हुआ चाकू बताया है। सीएम ने जनहित को नुकसान पहुंचाने वाले इस बिल कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि किसान देश में कहीं भी अपनी उपज बेच सकते हैं। 

केसीआर ने सवाल किया कि क्या वास्तव में किसानों के लिए परिवहन लागत पर लॉरी द्वारा दूसरे क्षेत्र में अपने माल को ले जाना और वहां जाकर बेचना साध्य हो सकता है। 

सीएम ने राज्यसभा में कृषि विधेयक पेश करने का जोरदार विरोध करने की जरूरत बताई। विधेयक में कहा गया है कि किसान अपनी उपज कहीं भी बेच सकते हैं।
लेकिन, वास्तव में बिल कहता है कि एक प्रक्रिया है जिसका उपयोग व्यापारियों द्वारा कहीं भी जाने और सामान खरीदने के लिए किया जा सकता है। सीएम ने देश भर में कॉर्पोरेट फेरीवालों के विस्तार और निजी व्यापारियों के लिए मार्ग प्रशस्त करने के लिए बनाए गए इस बिल की आलोचना की।

सीएम ने कहा कि केंद्र सरकार ने मक्का पर आयात शुल्क को 50 फीसदी से घटाकर 15 फीसदी करने का फैसला किया है और एक करोड़ टन अनाज के आयात को कम किया है। उन्होंने कहा कि 70-75 लाख टन मक्का को पहले ही बेच दिया गया है और उन्होंने सवाल किया कि 35 प्रतिशत कमी का लाभ किसको मिलेगा। 

सीएम ने सवाल किया कि आखिर यह फैसला ऐसे समय में क्यों लिया गया जब देश आर्थिक संकट से गुजर रहा है। उन्होंने सवाल किया कि जब हमारे देश में मक्का की बहुत कमी थी तो टैरिफ कम हो गया था और बहुत अधिक आयात किया गया तो हमारे किसानों की स्थिति क्या होगी।

हालांकि, किसान इन कृषि बिलों के खिलाफ चिंता जता रहे हैं। ये चिंताएं पंजाब और हरियाणा में सबसे ज्यादा हैं। पंजाब विधानसभा ने इन अध्यादेशों के खिलाफ अगस्त में एक प्रस्ताव पारित किया। हाल ही में केंद्रीय मंत्री हरसिमरत ने भी किसान बिल के विरोध में इस्तीफा दे दिया।

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यह पता चला है कि लोकसभा ने हाल ही में कमोडिटी एंड ट्रेड (इंसेंटिव, फैसिलिटेशन) बिल, किसानों का अधिकार (सशक्तीकरण, संरक्षण) मूल्य गारंटी, सेवा अनुबंध बिल -2020 और आवश्यक वस्तु संशोधन विधेयक पारित किया है।
 

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