बिहार चुनाव : एआईएमआईएम ने किया समाजवादी जनता दल (डी) के साथ गठबंधन

20 Sep, 2020 13:18 IST|के. राजन्ना
असदुद्दीन ओवैसी (फाइल फोटो)

बिहार विधानसभा चुनाव में एआईएमआईएम का बड़ा गठबंधन

धर्मनिरपेक्ष दल इस गठबंधन में शामिल होने का आह्वान

हैदराबाद/पटना : हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने आसन्न बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर पूर्व सांसद देवेन्द्र प्रसाद यादव की पार्टी समाजवादी जनता दल (डी) के साथ संयुक्त जनतांत्रिक सेकुलर गठबंधन नामक नया गठबंधन बनाया है। पटना में शनिवार को एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और समाजवादी जनता दल (डी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेन्द्र प्रसाद यादव ने एक संवाददाता सम्मेलन में संयुक्त रूप से इस नए गठबंधन की घोषणा करते हुए कहा कि जो भी गैर भाजपा और धर्मनिरपेक्ष दल इस गठबंधन में शामिल होना चाहते हैं वे उनसे संपर्क कर सकते हैं । 

यह पूछे जाने पर कि क्या राजद के गठबंधन को लेकर एआईएमआईएम पहल करेगी ओवैसी ने कहा, ‘‘अगर कोई हमसे बात करना चाहता तो मैं उनसे कहुंगा कि वह हमारे गठबंधन के संयोजक देवेंद्र प्रसाद यादव से बातचीत करे।'' राजद द्वारा एआईएमआईएम को महत्व नहीं दिए जाने के सवाल पर ओवैसी ने कहा, ‘‘हम तो ट्विंकल ट्विंकल लिटिल स्टार हैं। हम कोशिश कर रहे हैं पर बिहार जनता सब देख रही है, वह फैसला करेगी।'' 

                                   फोटो सोशल मीडिया से साभार

एआईएमआईएम के अध्यक्ष ओवैसी तथा समाजवादी जनता दल के अध्यक्ष एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री देवेंद्र प्रसाद यादव ने शनिवार को यहां संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में घोषणा की कि बिहार में एक नया गठबंधन बना है। इस गठबंधन का नाम यूडीएसए रखा गया है। इस गठबंधन को वृहद रूप देने के लिए अन्य दलों से बात चल रही है।

उन्होंने राजद पर तंज कसा कि पिछले लोकसभा चुनाव में वह एक भी सीट नहीं जीत सकी थी। ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी किशनगंज सीट से चुनाव लड़ी और हमारे उम्मीदवार ने 3 लाख वोट हासिल किए, जबकि जदयू ने 3.25 लाख वोट हासिल किए और जीतने वाली कांग्रेस के उम्मीदवार ने 3.50 लाख वोट हासिल किए थे। हमारे उम्मीदवार अगर खडे नहीं होते उसे एक सीट भी नहीं आती (राजद के साथ महागठबंधन में शामिल कांग्रेस को)। 

एआईएमआईएम के अध्यक्ष ने मुख्य विपक्षी राष्ट्रीय जनता दल द्वारा उनकी पार्टी को वोट कटवा कहे जाने पर कहा कि जो लोग ऐसा कहते हैं वह वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में हुए हादसे को जरा याद कर लें। मुस्लिम मतदाताओं पर किसी का अधिकार नहीं चलता। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि कोई मुस्लिम मतदाताओं पर किस हैसियत से दावा करता है यह उनकी समझ से परे है।

एआईएमआईएम के बिहार में अपने उम्मीदवार प्रदेश में सत्ताधारी राजग दलों- भाजपा और जदयू को लाभ पहुंचाने के लिए खडा किए जाने के आरोप के बारे में ओवैसी ने कहा कि 2019 के आम चुनाव में उनकी पार्टी ने देश में तीन स्थानों हैदराबाद, महाराष्ट्र के औरंगाबाद और बिहार के किशनगंज पर अपने उम्मीदवार खडे किए थे जिनमें से दो हैदाराबाद और औरंगाबाद सीट (शिवसेना के उम्मीदवार को हराकर) अपनी जीत दर्ज की। उनका कहना था कि आज महाराष्ट्र में कांग्रेस शिवसेना के साथ है पर उससे कोई सवाल नहीं पूछता। 

उल्लेखनीय है कि लोकसभा चुनाव के बाद बिहार विधानसभा की किशनगंज सीट के उपचुनाव में एआईएमआईएम के उम्मीदवार ने पहली बार अपनी जीत दर्ज की थी। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 15 साल के शासन को नाकामयाबी भरा बताते हुए ओवैसी ने कहा कि इतना लंबा ऐतिहासिक मौका उन्हें इस प्रदेश की जनता ने दिया पर उसे उन्होंने गवां दिया। उन्होंने कहा कि वैसे लोग जो पिछली राजद सरकार के 15 साल के शासन और नीतीश कुमार के 15 साल के शासन से नाराज हैं और वे यह उम्मीद लगाए बैठे हैं कि बिहार एक विकल्प उभरकर सामने आएगा, हम ऐसे लोगों का स्वागत करेंगे। 

यह पूछे जाने पर कि एआईएमआईएम किन मुद्दों को लेकर चुनावी मैदान में उतरेगी, ओवैसी ने कहा कि वे अपने गठबंधन के पक्ष में लोगों से इसलिए वोट देने की अपील करेंगे क्योंकि पांच साल पहले बिहार की जनता के साथ धोखा किया गया। जनादेश महागठबंधन के नाम पर लिया गया और आज भाजपा के साथ सत्ता में हैं। उन्होंने कहा कि उनका गठबंधन आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में प्रवासी मजदूरों की दुदर्शा और युवाओं की हित की अनदेखी को चुनावी मुद्दा बनाएग।

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