बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी बरकरार रखने के लिए तेंदुलकर ने दी गेंदबाजों को खास सलाह

24 Nov, 2020 14:04 IST|मो. जहांगीर आलम
फोटो : सौ. सोशल मीडिया

संतुलित गेंदबाजी आक्रमण हो

सचिन तेंदुलकर का टिप्स

नई दिल्ली :  महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) का कहना है कि स्टीव स्मिथ (Steve Smith) की गैरपारंपरिक तकनीक के कारण भारतीय गेंदबाजों को उन्हें थोड़ी बाहर गेंदबाजी करनी होगी। उन्होंने भारतीय तेज गेंदबाजों (Indian Fast Bowler) को सलाह दी कि ऑस्ट्रेलिया (Australia) के खिलाफ आगामी श्रृंखला के दौरान इस बल्लेबाज को ‘पांचवीं स्टंप' की लाइन पर गेंदबाजी करें। गेंद से छेड़छाड़ प्रकरण में संलिप्तता के कारण भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच 2018-19 में हुई पिछली श्रृंखला से बाहर रहे स्मिथ इस बार इसकी भरपाई के लिए तैयार होंगे। स्मिथ ने भारत के खिलाफ छह टेस्ट शतक जड़े हैं।

 तेंदुलकर ने पीटीआई को दिए साक्षात्कार में कहा, ‘‘स्मिथ की तकनीक गैरपारंपरिक है.... सामान्यत: टेस्ट मेचों में हम गेंदबाज को आफ स्टंप या चौथे स्टंप की लाइन के आसपास गेंदबाजी करने के लिए कहते हैं लेकिन स्मिथ मूव करता है इसलिए शायद गेंद की लाइन चार से पांच इंच और आगे होनी चाहिए।'' उन्होंने कहा, ‘‘स्टीव के बल्ले का किनारा लगे इसके लिए चौथे और पांचवें स्टंप के बीच की लाइन पर गेंदबाजी करने का लक्ष्य बनाना चाहिए। यह कुछ और नहीं बल्कि लाइन में मानसिक रूप से बदलाव करना है।'' 

तेंदुलकर ने कहा, ‘‘मैंने पढ़ा है कि स्मिथ ने कहा है कि वह शॉर्ट पिच गेंदबाजी के लिए तैयार है... संभवत: वह उम्मीद कर रहा है कि गेंदबाज शुरुआत से ही उसके खिलाफ आक्रामक रवैया अपनाएंगे। लेकिन मुझे लगता है कि आफ स्टंप के बाहर की तरफ उसकी परीक्षा ली जानी चाहिए। उसे बैकफुट पर रखो और शुरुआत में ही गलती करवाओ।'' 

सचिन तेंदुलकर का टिप्स

अंदर की ओर स्विंग होती गेंद क्या अधिक प्रभावी नहीं होगी इस बारे में पूछने पर तेंदुलकर ने कहा, ‘‘इसके लिए यह देखना होगा कि गेंद कितनी स्विंग कर रही है। ये सभी चीजें मायने रखती हैं। आप लार का इस्तेमाल नहीं कर सकते इसलिए अगर विकेट अधिक जीवंत है तो यह अलग मामला है। इंग्लैंड में टेस्ट मैचों के दौरान कभी कभी ड्यूक गेंद काफी स्विंग नहीं करती। '' 

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं पता कि वे विकेट पर अधिक घास छोड़ेंगे या नहीं जिससे कि गेंद अधिक मूव करे। अगर गेंद स्विंग नहीं करती है तो शायद आपको स्विंग होती यॉर्कर देखने को भी नहीं मिले।'' जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी, इशांत शर्मा और उमेश यादव की मौजूदगी में भारत का तेज गेंदबाजी आक्रमण प्रभावी है लेकिन तेंदुलकर चाहते हैं टीम प्रबंधन एक रक्षात्मक गेंदबाज की भी पहचान करे।

संतुलित गेंदबाजी आक्रमण हो

 उन्होंने कहा, ‘‘जैसा कि मैंने हमेशा से कहा है, हमारे पास भारत के सर्वकालिक सर्वश्रेष्ठ और संतुलित गेंदबाजी आक्रमण में से एक है। टेस्ट मैच जीतने के लिए अंतत: आपको 20 विकेट हासिल करने होते हैं। लेकिन 20 विकेट हासिल करने के लिए काफी रन भी नहीं लुटाने चाहिए।'' तेंदुलकर ने कहा, ‘‘आक्रामक गेंदबाजों के साथ हमें ऐसे गेंदबाज की भी पहचान करनी होगी जो प्रतिकूल पिचों पर एक छोर से रन नहीं बनने दे, लगातार मेडन ओवर फेंककर दबाव बनाए।'' 

एडीलेड में 17 दिसंबर से शुरू हो रही टेस्ट श्रृंखला के पहले गुलाबी टेस्ट के बारे में तेंदुलकर का मानना है कि अगर पारी घोषित की जाती है तो उसका समय बड़ी भूमिका निभाएगा। तेंदुलकर ने कहा, ‘‘संभवत: समय में बदलाव के कारण आपको दिन के पहले सत्र में तेजी से रन बनाने होगी जो दोपहर में होगा और जब पिच सपाट होती है। सूरज ढलने के समय गुलाबी गेंद सीम करना शुरू करती है और यह गेंदबाजी का आदर्श समय है।''

पिच के ठंडा होने के समय विकेट हासिल करना आसान 

उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए पारी की रन गति और पारी घोषित करने का समय काफी अहम है। मान लीजिए आपने ठीक ठाक स्कोर बना लिया है और सूरज ढलने के समय आपके आठ विकेट गिर चुके हैं तो अतिरिक्त 20 रन बनाने का प्रयास करने की जगह आपको पारी घोषित कर देनी चाहिए।'' तेंदुलकर कहा कि ‘पिच के गीला' होने की तुलना में ‘पिच के ठंडा' होने के समय विकेट हासिल करना आसान होगा। उन्होंने कहा, ‘‘शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों को उस समय आउट करो जब पिच पर उगी घास ठंडी हो लेकिन गीली नहीं। अगर घास ठंडी होगी तो गेंद सीम करेगी लेकिन अगर गीली होगी तो गेंद सीधी जाएगी और सतह पर फिसलेगी।'' 

सलामी बल्लेबाजी के बारे में पूछने पर तेंदुलकर ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि मयंक अग्रवाल का खेलना तय है। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पता है कि मयंक का खेलना तय है क्योंकि वह बड़ी पारियां खेल रहा है और अगर रोहित फिट और उपलब्ध होता है तो उसे उतरना चाहिए। '' 

ऑस्ट्रेलिया का बल्लेबाजी क्रम बेहतर

तेंदुलकर ने कहा, ‘‘अन्य खिलाड़ियों (पृथ्वी साव, लोकेश राहुल) के बीच, यह प्रबंधन का फैसला होगा क्योंकि उन्हें पता है कि कौन सा खिलाड़ी फॉर्म में है।'' तेंदुलकर ने कहा कि इस समय ऑस्ट्रेलिया का बल्लेबाजी क्रम बेहतर लग रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘स्मिथ, (डेविड) वार्नर और (मार्नस) लाबुशेन अहम होंगे और मुझे यकीन है कि जहां तक तैयारी का सवाल है तो भारतीय टीम कोई कमी नहीं छोड़ेगी।'' 

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भारत के बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी अपने पास बरकरार रखने की अच्छी संभावना जताते हुए तेंदुलकर ने कहा, ‘‘दो सीनियर खिलाड़ियों की टीम में वापसी और लाबुशेन की मौजूदगी से बल्लेबाजी क्रम काफी बेहतर हुआ है। यह अधिक प्रतिस्पर्धी श्रृंखला होगी और मुझे यकीन है कि भारत इसके लिए तैयार है।'' तेंदुलकर ने सहमति जताई कि तीन टेस्ट मैचों में विराट कोहली के नहीं खेलने से अंतर पैदा होगा लेकिन यह अन्य खिलाड़ियों को मौका देगा। कोहली अपने पहले बच्चे के जन्म के लिए पहले टेस्ट के बाद भारत वापस आएंगे। 

उन्होंने कहा, ‘‘इसमें कोई संदेह नहीं कि विराट के नहीं होने से बड़ा अंतर पैदा होगा लेकिन साथ ही हमारे पास जिस तरह की बेंच स्ट्रेंथ और प्रतिभा उपलब्ध है उसे देखते हुए यह किसी अन्य के पास खुद को स्थापित करने का अच्छा मौका होगा।'' तेंदुलकर ने कहा कि टेस्ट मैचों में चेतेश्वर पुजारा की मौजूदगी बेहद महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने कहा, ‘‘मैं चेतेश्वर पुजारा का नाम विराट के साथ रखूंगा। ये दोनों खिलाड़ी सबसे अधिक समय तक साथ खेले हैं। अजिंक्य रहाणे भी है लेकिन अंतिम एकादश में उसे लगातार उतने मौके नहीं मिले जितने पुजारा और विराट को मिले।''

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