इस क्रिकेटर ने टीम इंडिया को दी थी समंदर में फेंकने की धमकी, जानें क्या था मामला

25 Sep, 2020 11:23 IST|मो. जहांगीर आलम
फोटो : सौ. सोशल मीडिया

ऐसे अंगुलियों को बनाया मजबूत

पाकिस्तान के खिलाफ विवादित मैच

भारतीय टीम को दी समंदर में फेंकने की धमकी

हैदराबाद : टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और बाएं हाथ के महान स्पिनर्स में से एक बिशन सिंह बेदी आज अपना 74वां जन्मदिन मना रहे हैं। उनका जन्म 25 सितंबर 1946 को पंजाब के अम-तसर में हुआ था। बिशन सिंह बेदी ने भारत के लिए 13 सालों तक क्रिकेट खेला। वो 1966 से लेकर 1979 तक टीम इंडिया का हिस्सा रहे। उन्होंने अपने करियर में कई रिकॉर्ड बनाए और तोड़े। वह अपनी फिरकी में बड़े से बड़े बल्लेबाजों को चकमा दे देते थे। यही वजह है कि दुनिया के सर्वश्रेष्ठ स्पिनर रहे शेन वार्न भी बेदी को अपना आदर्श मानते हैं। आईए उनके जन्मदिन पर जानते हैं उनसे जुड़ी बातें...  

ऐसे अंगुलियों को बनाया मजबूत

बिशन सिंह बेदी ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का शुरूआत 1967 में वेस्टइंडीज के खिलाफ किया था। वह करीब 13 साल तक भारत के लिए खेले। इस दौरान उन्होंने 67 टेस्ट मैच खेलकर 266 और 10 वनडे मैचों में 7 विकेट हासिल किए। साथ ही उन्होंने बतौर कप्तान काफी नाम कमाया। बिशन सिंह बेदी ने अपने करियर में कुल 370 फर्स्ट क्लास मैच खेले, जिसमें उन्होंने 1560 विकेट झटके. फर्स्ट क्लास में विकेट लेने के मामले में बिशन सिंह बेदी भारत में नंबर 1 हैं।  

बेदी ने एक बार इंटरव्यू में कहा था, 'उनकी गेंदबाजी की ताकत उनकी अंगुलियां हैं।' यही वजह है कि वह अपनी अंगुलियों को मजबूत बनाने और कलाई को फ्लेक्सिबल बनाने के लिए अपने कपड़े खुद धोया करते थे। इससे उनकी अंगुलियों को ताकत मिलती और गेंद को अंगुलियों में फंसाकर घुमाना आसान होता जाता था। 

पाकिस्तान के खिलाफ विवादित मैच

बिशन सिंह बेदी की अगुवाई में टीम इंडिया 1978 में पाकिस्तान दौरे पर गई थी। तीन मैचों की वनडे सीरीज का आखिरी मैच पाकिस्तान के साहीवाल में खेला गया। यह मैच काफी विवादित रहा क्योंकि भारत ने पाकिस्तान को जानबूझकर मैच जितवाया था।

दरअसल हुआ यूं कि पाकिस्तानी कप्तान मुश्ताक मोहम्मद ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने का निर्णय लिया। पाक ने निर्धारित ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 205 रन बनाए। अब भारत का जीत के लिए 206 रन चाहिए थे।

भारत की तरफ से ओपनिंग करने आए अंशुमान गायकवाड़ ने शानदार पारी खेली। उन्हें सुरिंदर अमरनाथ का साथ मिला। हालांकि अमरनाथ तो 62 रन बनाकर आउट हो गए मगर गायकवाड़ 78 रन पर नाबाद डटे रहे। आखिर में भारत को मैच जीतने के लिए 26 गेंदों में 23 रन की जरूरत थी। सभी को लगा कि भारत यह मैच आसानी से जीत जाएगा। अगले ओवर में पाकिस्तानी गेंदबाज सरफराज नवाज बॉलिंग करने आए। नवाज ने लगातार चार गेंद बाउंसर फेंकी।

बेदी ने इसके खिलाफ अपील की और अंपायर से इसे वाइड बॉल करने का कहा। मगर अंपायर बेदी की बात से सहमत नहीं हुए फिर क्या बिशन सिंह ने भारतीय बल्लेबाजों को वापस पवेलियन बुला लिया। भारतीय बल्लेबाजों के वापस लौटते ही पाकिस्तान को विजेता घोषित कर दिया गया। इस तरह भारत के हाथ से एक जिता हुआ मैच निकल चुका था। इसे लेकर बेदी की काफी आलोचना भी तब हुई थी। 

भारतीय टीम को दी समंदर में फेंकने की धमकी 

साल 1989-90 में बेदी न्यूजीलैंड दौरे पर बतौर टीम इंडिया के मैनेजर बनकर गए। जहां रॉथमैंस कप में भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया से हार झेलनी पड़ी। इस हार के बाद बेदी ने कमेंट किया था कि पूरी टीम इंडिया को प्रशांत महासागर में डुबो देना चाहिए। 1990 में उन्होंने पूरी भारतीय टीम को स्वदेश लौटते वक्त समंदर में फेंकने की धमकी दी थी।

दुनिया के महानतम गेंदबाजों में से एक पूर्व ऑस्ट्रेलियाई लेग स्पिनर शेन वॉर्न बिशन सिंह बेदी को अपना आदर्श मानते थे। वॉर्न का कहना था कि उन्होंने लेग स्पिन का ककहरा बेदी से ही सीखा। बेदी ने भारतीय क्रिकेट टीम को मनिंदर सिंह जैसा शानदार स्पिनर भी दिया। 

Load Comments
Hide Comments
More News
आंध्र-प्रदेश
मुख्य समाचार
.