73 साल के हुए भूपेंद्र सिंह हुड्डा, जाट नेता देवीलाल को 3 बार दी थी चुनावी पटखनी

15 Sep, 2020 15:18 IST|Sakshi
भूपेंद्र सिंह हुड्डा, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री

73 साल के हुए भूपेंद्र सिंह हुड्डा

देवीलाल को 3 बार हराकर रचा था इतिहास

नई दिल्ली: भूपेंद्र सिंह हुड्डा हरियाणा में कांग्रेस के दिग्गज नेता हैं। आज उनका जन्म दिन है और वे 73  साल के हो चुके हैं। कोरोना वायरस त्रासदी को लेकर जन्मदिन पर कोई खास जश्न नहीं मनाया जा रहा है। भूपेंद्र सिंह हुड्डा का करियर काफी प्रभावशाली रहा है। मार्च 2005 से अक्टूबर 2014 तक नौ सालों तक वे हरियाणा के मुख्यमंत्री पद पर आसीन रहे। सन 2005 के बाद अक्टूबर 2009 में कांग्रेस ने दोबारा जीत हासिल की और हुड्डा पर ही भरोसा जताया गया। हरियाणा के इतिहास पर गौर करें तो ये शानदार सियासी कामयाबी सन 1972 के बाद पहली बार कांग्रेस पार्टी को मिली थी। हालांकि 2014 के चुनाव में हुड्डा का जादू चल नहीं सका और वे हार गए। 19 अक्टूबर 2014 को तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने इस्तीफा दे दिया। 

जोड़ तोड़ की राजनीति में माहिर हुड्डा

भूपेंद्र सिंह हुड्डा की सबसे बड़ी सियासी उपलब्धि जोड़ तोड़ की सरकार चलाने को लेकर है। 2009 में सरकार में आने के बाद बहुमत नहीं होने के बावजूद हुड्डा ने पांच सालों तक सफलतापूर्वक सरकार चलाई। भूपेंद्र सिंह हुड्डा की दूसरी उपलब्धि 1991 लोकसभा चुनाव में दिग्गज जाट नेता देवी लाल को चुनावी पटखनी देने को लेकर है। मजे की बात ये कि 1996 लोकसभा में रोहतक सीट से ही दोबारा हुड्डा ने देवीलाल को हराया था। वहीं देवीलाल भी हार मानने वाले नहीं थे। उन्होंने हुड्डा को एक बार फिर 1998 के मध्यावधि चुनाव में हुड्डा को चुनौती दी और मुंह की खाई। कांग्रेस के दिग्गज नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा 2019 के लोकसभा चुनाव में बेटे दीपेंद्र सिंह हुड्डा समेत हार गए। हुड्डा के लिए मोदी लहर ने बहुत बुरा किया। अब 73 साल के हो चुके हुड्डा की कोई बड़ी महत्वाकांक्षा नहीं रही। 

भूपेंद्र सिंह हुड्डा का परिचय 
 
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का जन्म 15 सितंबर 1947 को रोहतक जिले के सांघी गांव में हुआ था। साल 1972 से 1977 तक रोहतक के गांव किलोई के ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के वे मेंबर रहे। फिर सन 1980 से 1987 तक हरियाणा प्रदेश युवा कांग्रेस के वाइस प्रेसिडेंट थे। रोहतक पंचायत समिति के अध्यक्ष और हरियाणा के पंचायत परिषद के चेयरमैन भी वे बने। हड्डा के सियासी सफर की प्रखर शुरुआत सन 1991 में हुई जब वे लोकसभा चुनाव में जीते, इसके बाद 1996, 1998 और सन 2004 में लगातार वे लोकसभा चुनाव जीतते गए। साल 1996 से 2001 तक हरियाणा कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रहे। पांच मार्च 2005 को हरियाणा के मुख्यमंत्री की हुड्डा ने शपथ ली। फिर 25 अक्टूबर 2009 को दूसरी बार मुख्यमंत्री पद पर आसीन हुए। 

भूपेंद्र सिंह हुड्डा की पारिवारिक पृष्ठभूमि

भूपेंद्र सिंह हुड्डा के पिता रणवीर सिंह हुड्डा का आजादी के आंदोलन में सक्रिय योगदान था। भारत की संविधान सभा के वे सदस्य भी थे। आजादी के बाद पंजाब सरकार में मंत्री भी बनाए गए थे। वहीं भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बेटे दीपेंद्र हुड्डा कांग्रेस के दिग्गज नेता राहुल गांधी के करीबी हैं। दीपेंद्र सांसद भी रह चुके हैं। भूपेंद्र सिंह हुड्डा को जमीन से जुड़ा नेता माना जाता है लिहाजा लोग उन्हें भूमि पूत्र कहकर भी संबोधित करते हैं। हुड्डा के परिवार में उनकी पत्नी आशा हुड्डा, बेटे दीपेंद्र सिंह हुड्डा और एक बेटी हैं। भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने पंजाब यूनिवर्सिटी से उच्च शिक्षा हासिल की है। दिल्ली विश्वविद्यालय से उन्होंने लॉ की पढ़ाई भी की है। 

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