संयुक्त राष्ट्र संघ : 50 देशों के साथ शुरू हुआ था सफर, जानिए 75 साल में कितना बदला United Nations

24 Oct, 2020 12:06 IST|अनूप कुमार मिश्रा
संयुक्त राष्ट्र संघ महासभा (फाइल फोटो)

संयुक्त राष्ट्र संघ का 75वां स्थापना दिवस

24 अक्टूबर 1945 को हुई थी संयुक्त राष्ट्र की स्थापना

द्वितीय विश्वयुद्ध के विजेता देशों ने मिलकर बनाया था संगठन

जेनेवा : द्वितीय विश्व युद्ध के बाद दुनिया में शांति के लिए एक ऐसे संगठन की जरूरत पड़ी, जिससे देशों के बीच उभर रहे मतभेद को मध्यस्थता के साथ खत्म किया जा सके। 24 अक्टूबर 1945 को संयुक्त राष्ट्र की स्थापना इसी उद्देश्य के साथ किया गया। आज संयुक्त राष्ट्र का स्थापना दिवस है, आइए जानते हैं संगठन से जुड़ी कुछ खास बातें।

संयुक्त राष्ट्र संघ अंतरराष्ट्रीय कानून को सुविधाजनक बनाने के सहयोग, अन्तरराष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक विकास, सामाजिक प्रगति, मानव अधिकार और विश्व शांति के लिए कार्यरत है। संयुक्त राष्ट्र की स्थापना 24 अक्टूबर 1945 को संयुक्त राष्ट्र अधिकारपत्र पर 50 देशों के हस्ताक्षर होने के साथ हुई।

संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना का उद्देश्य

द्वितीय विश्वयुद्ध के विजेता देशों ने मिलकर संयुक्त राष्ट्र को अन्तरराष्ट्रीय संघर्ष में हस्तक्षेप करने के उद्देश्य से स्थापित किया था। वे चाहते थे कि भविष्य में फिर कभी द्वितीय विश्वयुद्ध की तरह के युद्ध न उभर आए। संयुक्त राष्ट्र की संरचना में सुरक्षा परिषद वाले सबसे शक्तिशाली देश (संयुक्त राज्य अमेरिका, फ़्रांस, रूस और यूनाइटेड किंगडम) द्वितीय विश्वयुद्ध में बहुत अहम देश थे।

1929 में भी हुई थी कोशिश 

प्रथम विश्वयुद्ध के बाद 1929 में राष्ट्र संघ का गठन किया गया था। राष्ट्र संघ काफ़ी हद तक प्रभावहीन था और संयुक्त राष्ट्र का उसकी जगह होने का यह बहुत बड़ा फायदा है कि संयुक्त राष्ट्र अपने सदस्य देशों की सेनाओं को शांति संभालने के लिए तैनात कर सकता है। संयुक्त राष्ट्र के बारे में विचार पहली बार द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान उभरे थे। द्वितीय विश्व युद्ध में विजयी होने वाले देशों ने मिलकर कोशिश की कि वे इस संस्था की संरचना, सदस्यता आदि के बारे में कुछ निर्णय कर पाए।

इन देशों में है ऑफिस

संयुक्त राष्ट्र संघ का प्रमुख सेक्रेटरी जनरल होता है। इसका मुख्यालय अमेरिका के न्यूयॉर्क में है। इसके अलावा इसके मुख्य ऑफिस जिनीवा, नैरोबी और वियना में भी है। संयुक्त राष्ट्र संघ को वित्तीय मदद इसके सदस्य देशों से मिलती है। शुरुआत में संयुक्त राष्ट्र संघ के सदस्य केवल 51 देश थे लेकिन आज 193 देश इसके सदस्य बन चुके हैं। 

संयुक्त राष्ट्र और भारत

संयुक्त राष्ट्र में भारत लगातार अपनी मौजूदगी दर्ज कराने की कोशिश कर रहा है। संयुक्त राष्ट्रने 6 भाषाओं को "राज भाषा" स्वीकृत किया है, जिनमें अरबी, चीनी, अंग्रेजी, फ्रांसीसी, रूसी और स्पेनी शामिल है, लेकिन इनमें से केवल दो भाषाओं अंग्रेजी और फ्रांसीसी को संचालन भाषा माना जाता है।

भारत काफी लम्बे समय से यह कोशिश कर रहा है कि हिंदी भाषा को संयुक्त राष्ट्र संघ की आधिकारिक भाषाओं में शामिल किया जाए। भारत का यह दावा इस आधार पर है कि हिन्दी, विश्व में बोली जाने वाली दूसरी सबसे बड़ी भाषा है और विश्व भाषा के रूप में स्थापित हो चुकी है।

Load Comments
Hide Comments
More News
आंध्र-प्रदेश
मुख्य समाचार
.