भगवद् गीता, भगवान गणेश की मूर्ती लेकर पहली बार अंतरिक्ष गईं थी सुनीता विलियम्स, दर्ज हैं ये रिकॉर्ड

18 Sep, 2020 21:12 IST|अनूप कुमार मिश्रा
अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स (फाइल फोटो)

19 सितंबर 1965 को अमेरिका में हुआ था जन्म

सुनीता के पिता गुजरात के रहने वाले थे, जो अमेरिका में डॉक्टर हैं

अंतरिक्ष इतिहास में सुनीता विलियम्स के नाम दर्ज है बेहद खास रिकॉर्ड

नई दिल्ली : अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत को विश्व में एक महाशक्ति के तौर पर देखा जाता है और सितंबर के महीने का देश के अंतरिक्ष इतिहास में खास महत्व है। दरअसल भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स का जन्म 19 सितंबर को ही हुआ था। अमेरिकी नौसेना की अधिकारी सुनीता विलियम्स को नासा ने अंतरिक्ष यात्रा पर भेजा था। आइए जानते हैं सुनीता विलियम्स की जिंदगी से जुड़ी कुछ खास बातें।

अमेरिका के ओहायो राज्य के यूक्लिड शहर में 19 सितंबर, 1965 को जन्मी सुनीता विलियम्स ने एक अंतरिक्ष यात्री के रूप में 195 दिन तक अंतरिक्ष में रहने का विश्व रिकॉर्ड बनाया और एक महिला यात्री के तौर पर सबसे ज्यादा बार अंतरिक्ष में चहलकदमी करने का रिकॉर्ड भी एक समय उनके नाम पर था। ऐसा करने वाली वह दुनिया की पहली शख्स हैं।

सुनीता का भारत से रिश्ता

सुनीता विलियम्स का जन्म 19 सितंबर 1965 को अमेरिका के ओहायो राज्य में यूक्लिड नगर में हुआ था। मैसाचुसेट्स से हाई स्कूल पास करने के बाद 1987 में उन्होंने संयुक्त राष्ट्र की नौसैनिक अकादमी से फिजिकल साइन्स में बीएस (स्नातक उपाधि) की परीक्षा उत्तीर्ण की। उसके बाद 1995 में उन्होंने फ्लोरिडा इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से इंजीनियरिंग मैनेजमेंट में एम.एस. की उपाधि हासिल की। 

सुनीता के पिता डॉ. दीपक एन. पांड्या अमेरिका में डॉक्टर हैं, जिनका संबंध भारत से है। वह गुजरात के रहने वाले हैं। उनकी मां बॉनी जालोकर पांड्या स्लोवेनिया की हैं। बताते हैं कि उनके पिता 1958 में अहमदाबाद से अमेरिका के बोस्टन में आकर बस गए थे। 

नासा में चयनित दूसरी भारतीय मूल की महिला

सुनीता विलियम्स का जून 1998 में अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा में चयन हुआ और प्रशिक्षण शुरू हुआ। सुनीता भारतीय मूल की दूसरी महिला हैं जो अमरीका के अंतरिक्ष मिशन पर गईं। सुनीता विलियम्स ने सितंबर-अक्टूबर 2007 में भारत का दौरा भी किया था। जून, 1998 से नासा से जुड़ी सुनीता ने अभी तक कुल 30 अलग-अलग अंतरिक्ष यानों में 2770 उड़ानें भरी हैं। साथ ही सुनीता सोसाइटी ऑफ एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलेट्स, सोसाइटी ऑफ फ्लाइट टेस्ट इंजीनियर्स और अमेरिकी हैलिकॉप्टर एसोसिएशन जैसी संस्थाओं से भी जुड़ी हुई हैं।

भगवद् गीता और भगवान गणेश की मूर्ती रखी थी सात

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सुनीता विलियम्स ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया था कि जब वह पहली बार अंतरिक्ष में गईं तो अपने साथ भगवद् गीता, भगवान गणेश की मूर्ती और समोसा लेकर गई थीं। सुनीता विलियम्स अंतरिक्ष में सबसे ज्यादा चलकदमी करने वाली महिला अंतरिक्षयात्री हैं। इतना ही नहीं, सबसे लंबे स्पेसवॉक का रिकॉर्ड भी सुनीता विलियम्स के नाम दर्ज है। जब उन्होंने 50 घंटे 40 मिनट का स्पेसवॉक किया था।

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