संघ प्रमुख मोहन भागवत ने विजयादशमी उत्सव पर की शस्त्र पूजा, राम मंदिर पर कही मन की बात

25 Oct, 2020 09:02 IST|अनूप कुमार मिश्रा
शस्त्र पूजा करते संघ प्रमुख मोहन भागवत

सरसंघचालक मोहन भागवत ने की शस्त्र पूजा

नागपुर के रेशिमबाग में आयोजित हुआ विजयादशमी कार्यक्रम

मोहन भागवत ने कहा, देश ने राम मंदिर का फैसला संयम से स्वीकार किया

नागपुर : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने नागपुर के रेशिमबाग में आयोजित विजयादशमी कार्यक्रम में शस्त्र पूजा की। कारसेवकों को संबोधित करते हुए मोहन भागवत ने कहा कि देश ने राम मंदिर का फैसला संयम से स्वीकार किया। संघ प्रमुख ने अपने संबोधन में नागरिकता कानून (सीएए) और कोरोना वायरस महामारी का भी जिक्र किया।

मोहन भागवत ने नागरिकता कानून का जिक्र करते हुए कहा कि इससे किसी भी नागरिक को कोई खतरा नहीं है। सीएए के खिलाफ गलत वातावरण बनाया गया। सभी की नागरिकता देश में सुरक्षित है। कोरोना महामारी पर मोहन भागवत ने कहा कि समाज का हर वर्ग इस बीमारी के खिलाफ एक साथ सक्रिय हुआ। 

इस बार अलग रहा विजयादशमी उत्सव 

कोरोना वायरस के कारण विजयादशमी उत्सव कार्यक्रम का स्वरूप बदला हुआ था। सिर्फ 50 व्यक्तियों की मौजूदगी में उत्सव हुआ। पहले शस्त्र पूजन, फिर ध्वज लगाया गया, प्रार्थना और गीत गायन हुआ, इसके बाद सरसंघचालक मोहन भागवत का उद्बबोधन शुरू हुआ। कार्यक्रम का सोशल मीडिया के विभिन्न मंचों पर सीधा प्रसारण भी किया गया।"

दरअसल, संघ हर वर्ष छह प्रमुख कार्यक्रम करता है। इसमें विजयादशमी उत्सव सबसे अहम है। वजह कि विजयादशमी उत्सव का संबंध संघ के स्थापना दिवस से भी है। इस दिन शस्त्र पूजन और पथ संचलन के माध्यम से संघ अपना स्थापना दिवस मनाता है। संघ की स्थापना 27 सितंबर 1925 को विजयादशमी के दिन हुई थी। लेकिन संघ अपना स्थापना दिवस हर वर्ष 27 सितंबर की बजाए विजयादशमी के दिन मनाता है।

हर वर्ष विजयादशमी उत्सव के मौके पर संघ किसी हस्ती को मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित करता है। लेकिन पहली बार कोरोना के कारण संघ ने बाहर से किसी हस्ती को आमंत्रित नहीं किया है। इस बार कोरोना के कारण नागपुर में जयघोष, पथ संचलन जैसे कार्यक्रम नहीं होंगे।

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