अस्पताल का हाल : परिजन कर रहे थे ठीक होने का इंतजार, चूहों ने कुतर डाला कोरोना मरीज का शव

21 Sep, 2020 18:15 IST|अनूप कुमार मिश्रा
सोशल मीडिया से ली गई तस्वीर

मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के अस्पताल का हाल

कोरोना मरीज के शव को कुतर गए चूहे

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन जागा

इंदौर : कोरोना वायरस के खिलाफ तैयारियों पर सरकार भले ही तमाम दावे करे, लेकिन अस्पतालों की हकीकत उससे अलग है। सोशल मीडिया पर एक अस्पताल का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें कोविड-19 से पीड़ित मरीज के शव की दुर्गति साफ नजर आ रही है। वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आया है और मामले की जांच के आदेश दिया है।

जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में कोविड-19 से 87 वर्षीय व्यक्ति की रविवार रात मौत के बाद उसके शव को यहां एक निजी अस्पताल में कथित तौर पर चूहों ने कुतर दिया। शव की दुर्गति का वीडियो सोमवार को सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन ने मजिस्ट्रेटी जांच का आदेश दिया है। 

वीडियो से हुआ खुलासा

वीडियो में कफन में पूरी तरह लिपटे शव के चेहरे और पैर की जगह पर घाव नजर आ रहे हैं। वीडियो में विलाप करते एक परिजन की आवाज सुनायी पड़ रही है, "ये देखिये, हमें यूनिक हॉस्पिटल से जो लाश दी जा रही है, उसे चूहे ने कुतर दिया है।" अधिकारियों ने बताया कि मृतक की पहचान नवीनचंद्र जैन के रूप में हुई है। 

कोविड-19 की रोकथाम के लिए इंदौर जिले के नोडल अधिकारी अमित मालाकार ने बताया, "कोविड-19 के इस मरीज ने यूनिक हॉस्पिटल में इलाज के दौरान रविवार रात दम तोड़ा। मरीज को उसकी गंभीर हालत के चलते ऑक्सीजन भी दी जा रही थी।" उन्होंने बताया कि निजी अस्पताल की लापरवाही के चलते बुजुर्ग के शव को चूहों के कुतरने के आरोपों के मद्देजनर जिला प्रशासन ने मजिस्ट्रेटी जांच का आदेश दिया है। 

चार दिन पहले किया था भर्ती

इस बीच, दिवंगत बुजुर्ग के पोते चेतन ने बताया कि उनके दादा नवीनचंद्र जैन के शरीर में ऑक्सीजन के स्तर में लगातार उतार-चढ़ाव के चलते उन्हें चार दिन पहले दशहरा मैदान के पास स्थित यूनिक हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने बताया, "जांच में मेरे दादा कोरोना वायरस से संक्रमित पाये गये थे। हालांकि, डॉक्टरों ने हमें भरोसा दिलाया था कि वह जल्द ठीक हो जाएंगे।" 

जैन ने बताया, "अस्पताल प्रबंधन ने मेरे दादा का शव सोमवार को सौंपा। हमने देखा कि चूहे उनके शव का कान और अंगूठा कुतर गये थे।" मामले में निजी अस्पताल के प्रबंधन का पक्ष जानने का कई बार प्रयास किया गया। लेकिन अब तक उससे संपर्क नहीं हो सका है। 

बहरहाल, कोरोना वायरस संक्रमण काल के दौरान इंदौर के अस्पतालों में शवों की दुर्गति का यह कोई पहला मामला नहीं है। शहर के शासकीय महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय के मुर्दाघर में एक वयस्क व्यक्ति की लावारिस लाश के सड़कर कंकाल में बदल जाने का मामला पांच दिन पहले सामने आया था। यह मामला शांत भी नहीं हुआ था कि इसी अस्पताल में मुर्दाघर में पांच महीने के बालक के शव को कथित तौर पर छह दिन तक गत्ते के बक्से में बंद कर रखे जाने के प्रकरण का खुलासा हुआ था। 

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