अयोध्या में 'गौरी गणेश पूजा' के साथ शुरू हुआ अनुष्ठान, सीएम योगी भी आज होंगे शामिल

3 Aug, 2020 11:56 IST|अनूप कुमार मिश्रा
अयोध्या पहुंचे साधू-संत (फाइल फोटो)

अयोध्या : राम नगरी अयोध्या में राम मंदिर के भूमिपूजन से पहले की रस्में सोमवार को 'गौरी गणेश' पूजा के साथ शुरू हुईं। तीन दिवसीय अनुष्ठानों का समापन बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए जाने वाले 'भूमिपूजन' के साथ होगा, जो हिंदू धर्म में सभी प्रमुख अवसरों के लिए अनिवार्य माने जाने वाले गणेश पूजा के साथ शुरू हुआ था।

पूजा सुबह 8 बजे शुरू हुई, जिसमें 11 पुजारियों द्वारा मंत्रों का जाप किया गया जबकि विभिन्न अन्य मंदिरों में 'रामायण पाठ'आयोजित किए गए। एक स्थानीय पुजारी महंत सत्येंद्र ने कहा, "प्रतीत होता है कि अयोध्या मानो आज 'त्रेता युग' में पहुंच गया है। आज सिर्फ मंत्रों का उच्चारण, आरती, घंटियों और रामायण पाठ की गूंज है। यह तीन दिवसीय रस्मों की शुरूआत है। अनुष्ठान का समापन 'भूमि पूजन' के साथ होगा और मंदिर निर्माण की शुरूआत भी होगी।"

सीएम योगी आदित्यनाथ का अयोध्या दौरा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज अयोध्या के दौरे पर रहेंगे। उन्हें रविवार को ही राम नगरी आना था, लेकिन उत्तर प्रदेश की कैबिनेट मंत्री कमला रानी वरुण के निधन के कारण उन्होंने अपना दौरा रद्द कर दिया था। सीएम योगी दो घंटे से ज्यादा समय अयोध्या में बिताएंगे।

अयोध्या पहुंचा 151 नदियों का जल

राम मंदिर के 'भूमिपूजन' के लिए दो भाइयों ने देश भर से 151 नदियों और तीन समुद्रों से जल एकत्र किया है और अब इस जल को अयोध्या लाया गया है। इन दोनों भाईयों की उम्र 70 वर्ष के आसपास है। जौनपुर जिले से ताल्लुक रखने वाले राधेश्याम पांडे और पंडित त्रिफला साल 1968 से इस काम में लगे हुए हैं। इस दौरान उन्होंने भारतीय नदियों-सागरों से जल इकठ्ठा करने के अलावा श्रीलंका की 16 जगहों से मिट्टी भी एकत्रित की है।

राधेश्याम पांडे ने कहा, "हमेशा से हमारा सपना रहा है कि जब भी राम मंदिर का निर्माण होगा, हम भारत भर की नदियों-सागरों के पवित्र जल और श्रीलंका से लाई गई मिट्टी का उपहार देंगे। हमने श्रीलंका में 16 स्थानों से मिट्टी और देश में 151 नदियों और तीन समुद्रों से जल एकत्र किया है।" 1968 से 2019 तक इन तत्वों को इकट्ठा करने के लिए दोनों भाई कभी पैदल चले तो कभी साइकिल, मोटरसाइकिल, ट्रेन और हवाई जहाज से यात्रा की।

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को अयोध्या में राम मंदिर का भूमिपूजन करने वाले हैं। अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण इस समारोह के बाद शुरू होगा। इस कार्यक्रम में संतों, सरकार, आरएसएस और हिंदू संगठनों के शीर्ष नेताओं के भाग लेने की संभावना है। सुप्रीम कोर्ट ने 9 नवंबर, 2019 को केंद्र सरकार को अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए जगह सौंपने का निर्देश दिया था।

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