राज्यसभा में ध्वनिमत से पास हुए कृषि सुधार से जुड़े विधेयक, हंगामे के चलते कार्यवाही स्थगित

20 Sep, 2020 14:47 IST|अनूप कुमार मिश्रा
सौ. राज्यसभा टीवी

कृषि सुधार से जुड़े विधेयक राज्यसभा में पास

भारी हंगामे के चलते राज्यसभा सोमवार तक के लिए स्थगित

टीएमसी सांसद ने उपसभापति के सामने फाड़ी रूप बुक

नई दिल्ली : भारी हंगामें के बीच राज्यसभा ने कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्द्धन और सरलीकरण) विधेयक-2020 और कृषक (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) कीमत आश्वासन समझौता और कृषि सेवा पर करार विधेयक-2020 को मंजूरी दे दी है। ध्वनिमत से ये विधेयक राज्यसभा में पास हो गए। राज्यसभा की कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गई है।

इससे पहले विधेयकों पर रविवार को राज्यसभा में चर्चा के दौरान विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। नारेबाजी करते विपक्षी दलों के सांसद उपसभापति के आसन तक पहुंच गए। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर उस वक्त विपक्ष के सवालों का जबाव दे रहे थे। हंगामे के चलते राज्यसभा की कार्यवाही कुछ देर के लिए बाधित रही।

इससे पहले उच्च सदन में केंद्रीय कृषि मंत्री द्वारा चर्चा के लिए लाए गए दो अहम विधेयक, कृषक उपज व्यापार एवं वाणिज्य (संवर्धन एवं सरलीकरण) विधेयक 2020 और कृषक (सशक्तीकरण व संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक 2020 पर विपक्षी दलों के सांसदों ने पुरजोर विरोध करते हुए दोनों विधेयकों को किसानों के हितों के खिलाफ और कॉरपोरेट को फायदा दिलाने की दिशा में उठाया गया कदम करार दिया। दोनों विधेयकों को लोकसभा की मंजूरी मिल चुकी है।

राज्यसभा में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस सहित कुछ विपक्षी दलों के सदस्यों ने कृषि संबंधी दो विधेयकों को किसान विरोधी करार देते हुए आसन के समीप आकर भारी हंगामा किया। विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही कुछ देर स्थगित करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक विधेयक हैं और इनसे किसानों के जीवन में क्रांतिकारी परिवर्तन आयेंगे। इन विधेयकों पर कई विपक्षी दलों का तर्क है कि यह विधेयक एमएसपी प्रणाली द्वारा किसानों को प्रदान किए गए सुरक्षा कवच को कमजोर कर देंगे और बड़ी कंपनियों द्वारा किसानों के शोषण की स्थिति को जन्म देंगे। 

चर्चा के दौरान कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल जैसे दलों ने विधेयक को संसद की प्रवर समिति को भेजने की मांग की । सदन में हुई चर्चा का जवाब देते हुए कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा, ‘‘किसानों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की व्यवस्था जारी रहेगी और इन विधेयकों के कारण इस व्यवस्था पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।'' तोमर ने कहा कि इससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, किसानों को उनकी उपज के लिए लाभकारी मूल्य दिलाना सुनिश्चित होगा। 

उन्होंने कहा कि कृषि के क्षेत्र में एकांगी तरीके से विचार करने से किसानों का हित नहीं होगा और इसके लिये बहुत सारी पहल की गई हैं और आगे भी की जायेंगी। बहरहाल, हंगामे के कारण एक बार के स्थगन के बाद उच्च सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर विपक्षी सदस्यों का शोर-शराबा जारी रहा। तृणमूल कांग्रेस, आम आदमी पार्टी तथा कुछ अन्य विपक्षी दलों के सदस्य आसन के समीप आकर नारेबाजी करते रहे। विपक्षी सदस्यों ने यह भी मांग की कि विधेयकों पर मंत्री अपना जवाब कल दें। 

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