आखिर क्यों जिद पर अड़ी त्रिपुरा सरकार, हरियाणा की महिला IAS अफसर काे वापस बुलाने की कोशिश क्यों?

23 Sep, 2020 01:00 IST|सुषमाश्री
2008 आईएएस अफसर सोनल गोयल

मूल रूप से हरियाणा के पानीपत की रहने वाली हैं सोनल

पति आदित्य 2014 बैच के आईआरएस अधिकारी हैं

कई योजनाओं के लिए सोनल को मिले अवॉर्ड

चंडीगढ़: हरियाणा में 'सुकन्या समृद्धि योजना', 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' जैसी योजनाओं में बेहतर क्रियान्वयन के लिए कई अवॉर्ड अपने नाम कर चुकीं सीनियर आईएएस अधिकारी सोनल गोयल पर त्रिपुरा कैडर में लौटने का भारी दबाव है। वहीं, हरियाणा सरकार उन्हें अपने यहां से जाने नहीं देना चाहती। ऐसे में इस महिला आईएएस अफसर को लेकर दोनों सरकारों में भी ठन गई है।

मूल रूप से हरियाणा के पानीपत की रहने वाली हैं सोनल

बता दें कि सिविल सर्विस परीक्षाओं में देश भर में 13वें स्थान पर रहीं 2008 बैच की आईएएस अधिकारी सोनल मूल रूप से हरियाणा के पानीपत की रहने वाली हैं। उन्होंने अपनी सर्विस के आठ साल त्रिपुरा में सेवाएं दी हैं। नियम के अनुसार, सोनल नौ साल तक हरियाणा में रह सकती हैं और उन्हें यहां अभी सिर्फ चार साल हुए हैं, लेकिन त्रिपुरा सरकार उन पर पांच साल पहले ही अपने कैडर में लौटने का दबाव बना रही है।

पति आदित्य 2014 बैच के आईआरएस अधिकारी हैं

2008 की सिविल सर्विस परीक्षाओं में जब सोनल का 13वां रैंक आया तो उन्हें त्रिपुरा कैडर थमा दिया गया। इतनी बढ़िया रैंकिंग के बाद सोनल को उम्मीद थी कि उन्हें हरियाणा या दिल्ली कैडर मिल सकता है, लेकिन उन्हें त्रिपुरा कैडर मिला। इसके बावजूद वहां उन्होंने आठ साल तक अपनी सेवाएं दीं। सोनल के पति आदित्य 2014 बैच के आईआरएस अधिकारी हैं और दिल्ली में कस्टम में तैनात हैं। सोनल की माता किडनी पेशेंट हैं तथा फरीदाबाद में रहती हैं। दो छोटे बच्चों की सुरक्षा और माता के स्वास्थ्य के मद्देनजर सोनल ने अब हरियाणा सरकार से छुट्टी ले ली है।

कई योजनाओं के लिए सोनल को मिले अवॉर्ड

हरियाणा में सेवाएं देते हुए सोनल गोयल ने सरकार के खाते में कई बड़ी उपलब्धियां डाली हैं। मिनिस्ट्री ऑफ रूरल डेवलपमेंट, भारत सरकार की तरफ से नेशनल मनरेगा अवॉर्ड से नवाजी जा चुकीं सोनल गोयल के प्रयासों के चलते हरियाणा में आंगनबाड़ी सेंटर की दशा में सुधार हुए और बच्चों की संख्या में वृद्धि हुई।

हरियाणा में झज्जर की जिला उपायुक्त, फरीदाबाद नगर निगम की आयुक्त और गुरुग्राम में मिनी बस सेवा लिमिटेड में सेवाएं देते हुए सोनल गोयल ने कई मुकाम हासिल किए हैं। प्रदेश की कल्याणकारी योजनाओं के संचालन के लिए केंद्र व राज्य सरकार से उन्हें पुरस्कृत किया जा चुका है।

प्रदेश सरकार भी नहीं चाहती कि सोनल गोयल त्रिपुरा जाएं

प्रदेश सरकार भी नहीं चाहती कि सोनल गोयल त्रिपुरा जाएं, लेकिन वहां की सरकार उन्हें त्रिपुरा बुलाने की जिद पर अड़ी है। वह भी उस स्थिति में जब, कोरोना का संक्रमण लगातार फैल रहा है। सोनल ने अपने दो छोटे बच्चों की सुरक्षा का हवाला देते हुए त्रिपुरा सरकार से अभी कुछ दिन हरियाणा में रहने देने की अनुमति मांगी है, लेकिन तमाम नियम, कानून और शर्तों को पूरा करने के बावजूद त्रिपुरा सरकार उन्हें हरियाणा से वापस बुलाने पर अड़ी हुई है। वह भी तब, जब हरियाणा सरकार उन्हें वापस भेजना नहीं चाहती।

इसी जिद के चलते सोनल गोयल का केंद्र में डेपुटेशन पर जाने का रास्ता भी बाधित हो रहा है। उनकी केंद्रीय जल संसाधन विभाग में नियुक्ति की संभावना जताई जा रही थी। हालांकि, इस बारे में जब सोनल से बात की गई तो उन्होंने सरकारी सर्विस की सीमाओं का हवाला देते हुए किसी तरह की टिप्पणी से इनकार कर दिया।

सोशल मीडिया पर सात लाख फॉलोअर्स

सोशल मीडिया पर सोनल गोयल के सात लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं। पिछले कई दिनों से उनके केंद्र में जाने की चर्चाएं चल रही थीं, लेकिन त्रिपुरा सरकार द्वारा उन्हें समय से पहले ही अपने कैडर में वापस बुला लिए जाने से इस बड़े अवसर पर भी ग्रहण लग गया। सोनल गोयल का नाम देश की उन टॉप 25 महिलाओं में शामिल है, जो देश, समाज और प्रदेश के लिए कुछ अच्छा करना चाहती हैं। इन टॉप 25 महिलाओं में सोनल गोयल एक मात्र आइएएस हैं, जबकि अन्य महिलाएं दूसरे क्षेत्रों से हैं। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान में बेहतर काम करने के लिए उन्हें मिनिस्ट्री ऑफ वूमेन एंड चाइल्ड डेवलपमेंट की तरफ से पुरस्कृत किया गया था।

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