क्या बाबा रामदेव ने बोला झूठ, कफ-बुखार की दवा के नाम पर बना डाली कोरोना की वैक्सीन !

24 Jun, 2020 15:27 IST|Sakshi
कोरोनिल दवा लॉन्च करते बाबा रामदेव एवं अन्य (फाइल फोटो)

उत्तराखंड आयुर्वेद विभाग ने पतंजलि को भेजा नोटिस

विभाग ने पतंजलि से पूछा, दवा लॉन्च करने की अनुमति कहां से मिली

आयुष मंत्रालय ने पहले ही कोरोनिल दवा के प्रचार पर लगा दी है रोक

नई दिल्ली : कोरोना वायरस की दवा 'कोरोनिल' को लेकर योग गुरु बाबा रामदेव की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही है। आयुष मंत्रालय द्वारा विज्ञापन पर रोक लगाने के बाद अब उत्तराखंड आयुर्वेद विभाग ने पतंजलि को नोटिस भेजा है। राजस्थान सरकार ने भी भ्रम फैलाने के मामले में बाबा रामदेव पर केस दर्ज कराने की बात कही है।

पतंजलि द्वारा लॉन्च की गई 'कोरोनिल' दवा बाबा रामदेव की गले की हड्डी साबित हो रही है। उत्तराखंड आयुर्वेद विभाग ने मामले में संज्ञान लिया है। उत्तराखंड आयुर्वेद विभाग ने नोटिस जारी करके पूछे है कि दवा लॉन्च करने की अनुमति कहां से मिली ?

राज्य आयुर्वेद विभाग के लाइसेंसिंग ऑफिसर का कहना है कि पतंजलि के अप्लीकेशन पर हमने लाइसेंस जारी किया। इस अप्लीकेशन में कहीं भी कोरोना वायरस का जिक्र नहीं था। इसमें इम्युनिटी बढ़ाने, कफ और बुखार की दवा बनाने का लाइसेंस लेने का जिक्र है।

आयुष मंत्रालय ने लगाई रोक

आयुष मंत्रालय ने पतंजलि को इस औषधि में मौजूद विभिन्न जड़ी-बूटियों की मात्रा एवं अन्य ब्योरा यथाशीघ्र उपलब्ध कराने को कहा है । साथ ही, मंत्रालय ने विषय की जांच-पड़ताल होने तक कंपनी को इस उत्पाद का प्रचार भी बंद करने का आदेश दिया है। हालांकि, यह तत्काल स्पष्ट नहीं हो सका कि दवा की बिक्री अभी भी की जा सकती है ? 

आचार्य बालकृष्ण ने दी सफाई

पतंजलि के प्रबंध निदेशक आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि हमने नैदानिक परीक्षण के सभी मानदंडों को शत-प्रतिशत पूरा किया है और कंपनी ने दवाओं की संरचना का विस्तृत ब्योरा आयुष मंत्रालय को भेज दिया है। उन्होंने कहा कि कंपनी की ओर से मंत्रालय को भेजे गए 11 पन्ने के जवाब में दवा और परीक्षण मंजूरी संबंधी पूरा ब्योरा उपलब्ध कराया गया है। 

क्या है रामदेव के दावे

योग गुरु स्वामी रामदेव ने कोरोना वायरस की दवा 'कोरोनिल' को मंगलवार को बाजार में उतारा और दावा किया कि आयुर्वेद पद्धति से जड़ी-बूटियों के गहन अध्ययन और अनुसंधान के बाद बनी यह दवा मरीजों को शत प्रतिशत फायदा पहुंचा रही है। यहां पतंजलि योगपीठ में संवाददाताओं से बाबा रामदेव ने कहा कि पतंजलि पूरे विश्व में पहला ऐसा आयुर्वेदिक संस्थान है जिसने जड़ी-बूटियों के गहन अध्ययन और अनुसंधान के बाद कोरोना महामारी की दवाई प्रमाणिकता के साथ बाजार में उतारी है । 

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बाबा रामदेव ने कहा कि यह दवाई शत प्रतिशत मरीजों को फायदा पहुंचा रही है। साथ ही बताया कि 100 मरीजों पर नियंत्रित क्लिनिकल ट्रायल किया गया, जिसमें तीन दिन के अंदर 69 प्रतिशत और चार दिन के अंदर शत प्रतिशत मरीज ठीक हो गये और उनकी जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई। बाबा रामदेव ने कहा, “यह इतिहास की बहुत बड़ी घटना है।'' उन्होंने इस संबंध में कटाक्ष भी किया और कहा कि हो सकता है कि कई लोग इस दवाई पर संदेह करें और 'कहें कि यह कैसे हो सकता है।' 

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