महाराष्ट्र की 'गिरफ्त' में IPS विनय तिवारी, बिहार के DGP ने दी ऐसी चेतावनी

6 Aug, 2020 21:22 IST|Sakshi
डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे।

महाराष्ट्र डीजीपी को किया एसएमएस : गुप्तेश्वर पांडे

डीजीपी ने चिट्ठी लिख पूछा था- अब छोड़ोगे या नहीं

शुक्रवार को महाधिवक्ता से मिलकर तय होगी रणनीति : डीजीपी

पटना : बिहार के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत मामले की जांच के लिए मुंबई गए प्रदेश के एक आईपीएस अधिकारी को लौटने की अनुमति नहीं दिए जाने पर बृहस्पतिवार को कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अधिकारी को जबरन पृथक-वास में रखा गया है। डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने बृहस्पतिवार को कहा, ''हमारे अधिकारी विनय तिवारी मुंबई पुलिस को सूचना देकर वहां गए थे। पटना के वरिष्ठ पुलिस ने उनके वहां जाने की सूचना दी थी । पत्र लिखकर उनके ठहरने के लिए आईपीएस मेस व्यवस्था करने का अनुरोध किया था।''

 महाराष्ट्र डीजीपी को किया एसएमएस
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने भी वहां के पुलिस महानिदेशक को एसएमएस कर स्पष्ट किया था कि वे सुशांत की मौत मामले की जांच को दिशा देने और समन्वय के लिए वे तीन दिन के लिए वहां जा रहे हैं । ये वहां गए । '' डीजीपी ने कहा, ‘‘आईपीएस मेस में ठहरने की व्यवस्था नहीं होने पर वे जहां ठहरे हुए थे आधी रात को बीएमसी के पदाधिकारियों ने उनका बिना कोई त्वरित जांच कराए हुए उनके हाथ पर मुहर मारकर उन्हें पृथक-वास में भेज दिया। कहा गया कि अब आप बाहर नहीं निकल सकते, अनुसंधान नहीं कर सकते और किसी का बयान दर्ज नहीं कर सकते।'' 

डीजीपी ने चिट्ठी लिख पूछा था- अब छोड़ोगे या नहीं
डीजीपी पांडे ने यह भी बताया कि अब हमने लिखित रूप में चिट्ठी लिखवाया है कि ये बता दो, अब छोड़ोगे कि नहीं, ...या तो लिख कर दे दो कि हम सुप्रीम कोर्ट के ऑब्जर्वेशन को कुछ नहीं समझते, या आप लिखकर दे दो कि गिरफ्तार कर लिया है। ये क्या मजाक है पूरा देश देख रहा है।'...

एक तरह से इसे हाउस अरेस्ट ही कहूंगा
डी
जीपी ने कहा, ‘‘इसे मैं एक तरह से हाउस ऐरेस्ट ही कहूंगा । जब मुझे जानकारी मिली हमलोगों ने उन्हीं के नियम एवं प्रावधान का हवाला देते हुए कि उक्त आईपीएस अधिकारी को पृथक-वास से मुक्त किए जाने को लेकर बीएमसी प्रमुख को पत्र लिखा पर उनके जवाब का सारंश यही है कि उन्हें पृथकावास से मुक्त नहीं किया जा सकता है । '' उन्होंने कहा कि सुशांत मामले की सुनवाई के दौरान बुधवार को सर्वोच्च न्यायालय ने माना कि उक्त अधिकारी को पृथक-वास में रखा जाना ठीक नहीं है।

शुक्रवार को महाधिवक्ता से मिलकर तय होगी रणनीति : डीजीपी
पांडेय ने कहा ‘‘हमें उम्मीद थी कि पृथक-वास में रखे गए आईपीएस अधिकारी को वे छोड देंगे पर बुधवार की रात्रि 11 बजे जब मैंने विनय तिवारी को फोन किया तो पता चला कि उन्हें नहीं छोडा गया है ।'' उन्होंने कहा, ‘‘राज्य सरकार को इस बारे में बता दिया है और आज भर इंतजार करेंगे और उसके बाद महाधिवक्ता से राय लेकर शुक्रवार को तय करेंगे कि क्या करना है । अदालत भी जाने का एक विकल्प है ।'' इस बीच, पटना पुलिस की चार सदस्यीय टीम आज यहां लौट आयी। यह टीम एक सप्ताह से अधिक समय से मुंबई में डेरा डाले हुए थी और मामले की जांच कर रही थी। इस पर उन्होंने कुछ भी मीडिया से साझा करने से इंकार करते हुए कहा कि “सब ठीक से हो गया। हमने अपने वरिष्ठ के निर्देशों के अनुसार अपनी जाँच की। हमारे जो भी निष्कर्ष आए हैं, हम उन्हें साझा करेंगे।'' 

14 जून को मिला सुशांत का शव 
राजपूत पिछले 14 जून को अपने बांद्रा आवास के अंदर मृत पाए गए थे। पिछले 25 जुलाई को पटना के राजीव नगर थाना में सुशांत के पिता केके सिंह द्वारा एक प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी जिसमें चक्रवर्ती और उसके परिवार के खिलाफ कई आरोप लगाए गए थे। सिंह के अनुरोध पर बिहार सरकार द्वारा सुशांत मौत मामले की जांच सीबीआई से कराने की अनुशंस को केंद्र सरकार ने स्वीकार लिया है।

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