साक्षी समाचार पोल: जन-भावना ने बदले विपक्षी नेताओं के सुर ? जानिए क्या है दर्शकों की राय ?

5 Aug, 2020 19:01 IST|Sakshi
कॉन्सेप्ट फोटो (सौजन्य सोशल मीडिया )

साक्षी समाचार 'पोल'

भूमि पूजन पर जन- भावना का असर

जानिए क्या बदल गए विपक्षी नेताओं के स्वर ?

अयोध्या : राम मंदिर के भूमिपूजन का कार्यक्रम संपन्न हो चुका है। पीएम नरेंद्र मोदी ने पवित्र शुभ मुहूर्त में मंदिर की आधार शिला रख दी है। राम मंदिर भूमि पूजन अनुष्ठान में 9 शिलाओं की विधवत पूजा अर्चना हुई। इसके पहले पीएम मोदी राम लला के आगे दंडवत हुए, भगवान श्रीराम के किए दर्शन किए। ये दिन बेहद ऐतिहासिक है, आने वाली पीढी इन गौरवमयी पलों के बारे में सदियों तक पढ़ सकेंगी, जो इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होगा। 

श्रीराम के हुए कांग्रेस नेता ! 

हांलाकि आज पूरे विधि विधान के साथ भूमि पूजन संपन्न हो गया, लेकिन पिछले एक महीने से भी ज्यादा समय से भूमि पूजन को लेकर विपक्षी पार्टियां लगातार इस आयोजन का कोई न कोई तर्क देकर विरोध करती चली आ रहीं थीं। लेकिन अब पिछले दो दिनों से विपक्षी पार्टियों के स्वर बदल गए हैं। विशेष कर कांग्रेस नेता तो अब खुल कर अब राम भक्त हो चले हैं। कांग्रेस के कई शीर्ष नेताओं ने राम के नाम का गुण गान किया है। 

प्रियंका गांधी :  कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने मंगलवार को ट्वीट कर कांग्रेस नेताओं को हैरान कर दिया। प्रियंका गांधी ने कहा है कि भगवान राम सबमें हैं और सबके हैं तथा ऐसे में पांच अगस्त को अयोध्या में मंदिर निर्माण के लिए होने जा रहा भूमि पूजन राष्ट्रीय एकता, बंधुत्व और सांस्कृतिक समागम का कार्यक्रम बनना चाहिए।

कांग्रेस की उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका ने एक बयान में कहा, ‘‘दुनिया और भारतीय उपमहाद्वीप की संस्कृति में रामायण की गहरी और अमिट छाप है। भगवान राम, माता सीता और रामायण की गाथा हजारों वर्षों से हमारी सांस्कृतिक और धार्मिक स्मृतियों में प्रकाशपुंज की तरह आलोकित है।'' उनके मुताबिक, भारतीय मनीषा रामायण के प्रसंगों से धर्म, नीति, कर्तव्यपरायणता, त्याग, उदात्तता, प्रेम, पराक्रम और सेवा की प्रेरणा पाती रही है। 

राहुल गांधी :  अब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने अयोध्या में राम मंदिर के लिए हुए भूमि पूजन के अवसर पर बुधवार को ट्वीट कर कहा है कि "मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम सर्वोत्तम मानवीय गुणों का स्वरूप हैं। वे हमारे मन की गहराइयों में बसी मानवता की मूल भावना हैं।" राहुल गांधी ने कहा, "राम प्रेम हैं, वे कभी घृणा में प्रकट नहीं हो सकते।

राम करुणा हैं, वे कभी क्रूरता में प्रकट नहीं हो सकते, राम न्याय हैं, वे कभी अन्याय में प्रकट नहीं हो सकते।" कांग्रेस नेताओं ने बुधवार को राम मंदिर निर्माण के लिए आयोजित भूमि पूजन समारोह का स्वागत किया।

उत्तर प्रदेश के कांग्रेसी नेता जितिन प्रसाद और आरपीएन सिंह पार्टी के रुख से खुश हैं। पार्टी के नेता पार्टी के योगदान को रेखांकित करने का प्रयास कर रहे हैं, मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्रियों कमलनाथ और दिग्विजय सिंह ने कहा कि दिवंगत प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने अयोध्या में मंदिर के ताले खोलने और फिर 1989 में भूमि पूजन समारोह सुगम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। खासकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा अंतिम निर्णय दिए जाने के बाद। सभी पक्षों ने यह सुनिश्चित किया है कि वे सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करेंगे। शीर्ष अदालत के फैसले का कांग्रेस वर्किं ग कमेटी ने भी स्वागत किया है।

एसे में सवाल ये उठता है कि क्या इन कांग्रेसी नेताओं के सुर जनता की भावना को ध्यान में रखते हुए बदल गए हैं। इस बारे में साक्षी समाचार ने अपने पोल में भी दर्शकों से सवाल किया था। जिसकी प्रतिक्रिया भी आई है। इस पोल में दर्शकों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया । 

हमने अपने दर्शकों से निम्न लिखित सवाल किया था।

क्या राम मंदिर पर जनता की भावना ने कांग्रेस समेत विपक्षी पार्टियों को अपनी नीति बदलने पर मजबूर किया है ?

जवाब इस प्रकार रहे

 हां       84 प्रतिशत

नहीं     16 प्रतिशत 

तो इस प्रतिक्रिया से आप अंदाजा लगा सकते हैं कि, जनता की भावना की कोई भी राजनीतिक दल अनदेखी नहीं कर सकता है। ताजा मामला भी कुछ ऐसा ही है, देखते देखते बदल गए नेताओं के सुर ।
 

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