12 सरकारी बैंकों में 20 हजार करोड़ की धोखाधड़ी, SBI में सबसे ज्यादा मामले

21 Sep, 2020 08:34 IST|Sakshi

नई दिल्‍ली : सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में तीन महीनों के दौरान करीब 20 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। बताया जाता हा कि वित्‍त वर्ष 2020-21 की पहली तिमाही यानी अप्रैल-जून 2020 के दौरान देश के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के साथ धोखाधड़ी हुई है। धोखाधड़ी के मामलों की संख्‍या के लिहाज से सबसे तगड़ी चपत देश के सबसे बड़े कर्जदाता, स्‍टेट बैंक ऑफ इंडिया को लगी।

 वहीं, रकम के लिहाजा से सबसे ज्‍यादा धोखाधड़ी बैंक ऑफ इंडिया के साथ हुई। सूचना के अधिकार के तहत रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से मिली जानकारी के मुताबिक, इस दौरान देश के सरकारी बैंकों के साथ 19,964 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के 2,867 मामले सामने आए हैं। 

स्‍टेट बैंक के साथ धोखाधड़ी

अप्रैल-जून 2020 में सार्वजनिक क्षेत्र के 12 बैंकों में से एसबीआई में धोखाधड़ी के सबसे ज्‍यादा 2,050 मामले सामने आए हैं। धोखाधड़ी के इन मामलों से जुड़ी राशि 2,325.88 करोड़ रुपये है। मूल्य के हिसाब से सबसे ज्‍यादा नुकसान में रही बैंक ऑफ इंडिया के साथ 5,124.87 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के 47 मामले हुए हैं। इनके अलावा केनरा बैंक में 3,885.26 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के 33, बैंक ऑफ बड़ौदा में 2,842.94 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के 60 मामले सामने आए हैं।  

आरबीआई के मुताबिक, चालू वित्‍त वर्ष की पहली तिमाही के दौरान इंडियन बैंक में 1,469.79 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के 45 मामले, इंडियन ओवरसीज बैंक में 1,207.65 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के 37 और बैंक ऑफ महाराष्ट्र में 1,140.37 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के 9 मामले सामने आए हैं। इस दौरान दूसरे सबसे बड़े सरकारी बैंक पंजाब नेशनल बैंक में 270.65 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले सामने आए हैं। हालांकि, बैंक के साथ धोखाधड़ी के मामलों की संख्या 240 रही।  

पिछले साल 28 फीसदी बढ़े मामले

आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक, 2019-20 के दौरान बैंकों और वित्तीय संस्थानों में धोखाधड़ी के मामलों में 28 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, जबकि मूल्य के लिहाज इसमें 159 फीसदी का इजाफा हुआ है। पिछले वित्त वर्ष में धोखाधड़ी के कुल 8,707 मामले सामने आए, जिसमें 1.85 लाख करोड़ की चपत लगी। 

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