लक्ष्‍मी विलास बैंक के बाद अब इस बैंक से भी आप नहीं निकाल पाएंगे पैसे, RBI ने लगाई पाबंदी

18 Nov, 2020 08:03 IST|मो. जहांगीर आलम
फोटो : सौ. सोशल मीडिया

मंता अर्बन बैंक पर पैसों के भुगतान पर रोक 

लक्ष्‍मी विकास बैंक पर लगाई पाबंदियां

आरबीआई ने अपने हाथ में लिया जिम्मा​

मुंबई  : तमिलनाडु के प्राइवेट सेक्‍टर के लक्ष्‍मी विलास बैंक (Lakshmi Vilas Bank) के बाद अब महाराष्ट्र के जालना जिले में मंता अर्बन कोऑपरेटिव बैंक पर संकट गहरा गया है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मंता अर्बन कोऑपरेटिव बैंक (Mantha Urban Cooperative Bank) पर पैसों के भुगतान और कर्ज के लेनदेन को लेकर छह माह के लिए पाबंदी लगा दी है। 

आरबीआई ने मंगलवार को मंता अर्बन कोऑपरेटिव बैंक के बारे में एक विज्ञप्ति जारी कर बताया कि उसने इस बैंक को कुछ निर्देश दिए हैं, जो 17 नवंबर 2020 को बैंक बंद होने के बाद से छह माह तक प्रभावी होंगे। 

आरबीआई के निर्देशों के मुताबिक, यह बैंक आरबीआई की अनुमति के बिना कोई कर्ज या उधार नहीं दे सकेगा और न ही पुराने कर्जों का नवीनीकरण तथा कोई निवेश कर सकेगा। बैंक पर नई जमा राशि स्वीकार करने पर भी पाबंदी लगा दी गयी है। वह कोई भुगतान भी नहीं कर सकेगा और ना ही भुगतान करने का कोई समझौता कर सकेगा।

लक्ष्‍मी विकास बैंक पर लगाई पाबंदियां

इससे पहले केंद्र सरकार ने तमिलनाडु के प्राइवेट सेक्‍टर के लक्ष्‍मी विलास बैंक पर एक महीने के लिए कई तरह की पाबंदियां लगा दी हैं।  इस बैंक से निकासी की सीमा अधिकतम 25 हजार कर दी है। ये व्यवस्था आगामी 16 दिसंबर तक ऐसे ही चलेगी। सरकार ने रिजर्व बैंक की सलाह पर यह कदम उठाया है।

बताया जा रहा है कि बैंक काफी समय से पूंजी संकट से जूझ रहा था और इसके लिए अच्छे निवेशकों की तलाश की जा रही थी। आकड़ों के मुताबिक जून तिमाही में बैंक के पास कुल जमा पूंजी 21,161 करोड़ रुपये थी। 

आरबीआई ने अपने हाथ में लिया जिम्मा

आरबीआई ने हाल में इस बैंक का जिम्मा अपने हाथ में ले लिया था। बैंक के संचालन के लिए आरबीआई ने नीता मखान की अगुआई में तीन सदस्यीय कमिटी का गठन किया था। इससे पहले यस बैंक में नकदी संकट बढ़ने पर भी आरबीआई के निर्देश पर एसबीआई के पूर्व अधिकारी को संचालन का जिम्मा सौंपा गया था।

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