झारखंड पुलिस गेस्ट हाउस गैंगरेप मामले में नाबालिग को मुकम्मल न्याय का इंतजार

21 Sep, 2020 19:22 IST|Sakshi
झारखंड की राज्यपाल और कार्यवाहक डीजीपी

झारखंड का चर्चित पुलिस गेस्ट हाउस रेप मामला 

राज्यपाल और महिला आयोग मामले में सख्त 

वर्दीवालों ने ही साथी की बेटी पर डाला हाथ 

रांची: झारखंड में आईजी नटराजन बलात्कार मामला अंतरराष्ट्रीय सुर्खियां बना था। उस वक्त पुलिस का आलाधिकारी आरोपों के कठघरे में था। नटराजन का करियर बर्बाद हुआ, और वो आज भी खुल्ला घूम रहा है। अब एक और मामला झारखंड के लिए काला स्याह धब्बा साबित हो रहा है। जी हां रांची पुलिस लाइन में नाबालिग से बलात्कार किया गया। आरोपी खुद खाकी वर्दी वाला ही है। साथ ही नाबालिग बच्ची का पिता भी पुलिस महकमे में ही है। जब पीड़िता घटना के बाद अपने फेसबुक फ्रैंड के पास मदद के लिए गई तो उसने भी अपने बाकी साथियों के साथ उससे सामूहिक दुष्कर्म किया। नाबालिग पीड़िता के मन पर क्या बीती होगी इसका आप अंदाजा भी नहीं लगा सकते हैं।

मामला 12 अगस्त का है। जब बच्ची सोशल साइट्स के जरिए दोस्त बने लड़के के बुलाने पर राँची पुलिस गेस्ट हाउस पहुंची। जहां पीसीआर में कार्यरत एएसआई  ने बच्ची के साथ गलत किया। जिसके बाद एक दूसरे युवक के द्वारा भी रात भर दुष्कर्म किया गया। आरोपियों ने इस दौरान खूब शराब पी रखी थी। पुलिस वाले ने नाबालिग की अस्मत लूटने के बाद उसे कैब के जरिए पलामू स्थित सोशल मीडिया फ्रैंड के घर भिजवा दिया। पीड़ित बच्ची को अपने दोस्त से सहारे की उम्मीद थी। जबकि इसके उलट दगाबाज दोस्त ने अपने दूसरे साथी के साथ मिलकर बच्ची से बलात्कार किया। 

राज्यपाल ने लिया संज्ञान

घटना की गंभीरता को देखते हुए राज्य की राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने डीजीपी को तलब किया साथ ही पुलिस गेस्ट हाउस में हुए जघन्य अपराध को लेकर सख्त कार्रवाई की हिदायत दी। मुर्मू ने माना कि ये बेहद शर्मसार करने वाला मामला है। जिससे राज्य की छवि खराब हुई है। महिला होने के नाते महामहिम ने भी पीड़ा महसूस की।

राज्य महिला आयोग भी हरकत में

घटना को लेकर राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रूपा कुमारी आहत नजर आईं। रूपा कुमारी की बातें आप वीडियो में देख सकते हैं। महिला आयोग की अध्यक्ष ने भी राज्यपाल मुर्मू से मिलकर उन्हें पूरी जानकारी दी है। cwc अध्यक्षा ने बताया कि जब पोक्सो के मामले पर पुलिस cwc से बयान दर्ज कराती है तो उस आधार पर कार्रवाई क्यों नहीं की जाती है। वहीं उन्होंने बताया कि राज्यपाल द्रोपदी मुर्मू ने मामले पर स्वत: संज्ञान लेते हुए राज भवन बुलाया था। वही सीडब्ल्यूसी की अध्यक्षा ने बताया कि राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू से उन्होंने मांग की है कि सीडब्ल्यूसी के सामने दिए गए बयान को 164 का दर्जा मिले।

फिर दोबारा न हो ऐसी घटना -राज्यपाल

राज्यपाल ने कहा कि पुलिस गेस्ट हाउस में पुलिस कर्मियों द्वारा इस प्रकार के कृत्य किये जाने से समाज को अच्छा संदेश नहीं जाता है। पुलिस प्रशासन को शासन की छवि माना जाता है। उन्हें समाज का रक्षक माना जाता है। ऐसे में पुलिसकर्मी ही इस प्रकार के कार्य करेंगे तो कुछ गलत पुलिस कर्मियों के कारण लोगों का पुलिस और शासन के ऊपर से विश्वास उठ सकता है। राज्यपाल ने उक्त प्रकरण में संलिप्त सभी अपराधियों को त्वरित गति से पकड़ते हुए उन पर कार्रवाई का निर्देश दिया। साथ ही भविष्य में इस प्रकार की घटना न घटित हो, इसके प्रयास हों।

चर्चा में आया था आईपीएस नटराजन का मामला

झारखंड के किसी सबसे अधिक चर्चित बलात्कार मामले की बात की जाय तो वो था आईपीएस पीएस नटराजन का मामला। इस पुलिस विभाग के आला अधिकारी की करतूत कैमरे में कैद हुई थी। साथ ही मीडिया की सुर्खियां बनी थी। मामला साल 2005 का था। सुषमा बड़ाईक नाम की महिला ने पुलिस अधिकारी पर यौन सोषण का आरोप लगाया था। जिसकी जांच खुद आईजी रैंक का अधिकारी आईपीएस नटराजन कर रहा था। वास्तव में नटराजन अपनी रसूख और धौंस दिखाकर सुषमा का रेप किया करता था।

नटराजन हुआ बाइज्जत बरी 

आईजी नटराजन की करतूत पूरी दुनिया देख चुकी है। किस तरह उसने बड़ाईक के कपड़े उतार कर उसकी अस्मत लूटी थी। बावजूद नटराजन को लंबी सुनवाई के बाद साल 2017 में बरी कर दिया गया। हालांकि सुषमा बड़ाईक ने मामले में उच्चतर न्यायालय में अपील की है। 

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