बंद होंगी श्रमिक स्पेशल ट्रेन, अब नहीं मिल रही सवारी ?

29 Jun, 2020 21:35 IST|Sakshi
श्रमिक स्पेशल ट्रेन एवं यात्री (फाइल फोटो)

श्रमिक विशेष रेलगाड़ियों की मांग बंद

राज्यों ने रेलवे से नहीं की अब कोई भी श्रमिक ट्रेन की मांग

एक मई से अब तक 4,596 श्रमिक विशेष रेलगाड़ियां चलाई गईं

नई दिल्ली : कोरोना वायरस के कारण देशभर में हुए लॉकडाउन में सबसे ज्यादा परेशानी प्रवासी मजदूरों को हुई थी। सरकार ने उन्हें घर तक पहुंचाने के लिए एक राज्य से दूसरे तक कई श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाई थी, लेकिन समय के साथ अब इस ट्रेन की मांग खत्म हो रही है। हो सकता है आने वाले दिनों में सरकार श्रमिक स्पेशल ट्रेनों पर ब्रेक लगा दे। 

रेलवे ने सोमवार को बताया कि अब किसी राज्य से श्रमिक विशेष रेलगाड़ियों की मांग नहीं की जा रही है, लेकिन राज्यों द्वारा अनुरोध किए जाने पर ऐसी रेलगाड़ियों को चलाने की पेशकश की। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए रेलवे के प्रवक्ता ने बताया कि रविवार को कोई श्रमिक विशेष रेलगाड़ी नहीं चलाई गई और न ही मंगलवार को ऐसी रेलगाड़ी चलाने की योजना है। 

उन्होंने कहा, ‘‘केवल एक रेलगाड़ी की मांग कर्नाटक की ओर से की गई थी जो आज (सोमवार को) बेंगलुरु से बिहार के मुजफ्फरपुर के लिए चलाई जा रही है। कल भी ऐसी रेलगाड़ी की कोई मांग नहीं है। हम राज्यों से मांग किए जाने पर श्रमिक विशेष रेलगाड़ियों का परिचालन करेंगे।'' 

प्रवक्ता के मुताबिक एक मई से अब तक 4,596 श्रमिक विशेष रेलगाड़ियां चलाई गई हैं। विस्तृत जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि जून के शुरुआत से श्रमिक विशेष रेलगाड़ियों की मांग में उल्लेखनीय कमी आई है। 31 मई को रेलवे ने केवल 69 श्रमिक रेलगाड़ियों का परिचालन किया जबकि अगले दिन करीब 100 श्रमिक विशेष रेलगाड़ियों का परिचालन किया गया। श्रमिक विशेष रेलगाड़ियों का परिचालन राज्यों के अनुरोध पर किया जा रहा था जो कोरोना वायरस की वजह से लागू लॉकडाउन में फंसे प्रवासी श्रमिकों को उनके गृह राज्य भेजना चाहते थे। 

प्रवक्ता ने बताया कि एक जून से चलाई जा रही 200 मेल/ एक्सप्रेस विशेष रेलगाड़ियों से रोजाना 20 से 22 करोड़ रुपये की आय हो रही है। उन्होंने बताया कि 12 मई से राजधानी एक्सप्रेस के रूट पर चलाई जा रही 15 जोड़ी वातानुकूलित रेलगाड़ियों में क्षमता के अनुपात में 80 प्रतिशत सीटें भर रही हैं। प्रवक्ता ने कहा कि श्रमिक विशेष रेलगाड़ियों की मांग कम होने के साथ-साथ बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों से मुंबई, अहमदाबाद और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों को जाने वाली गाड़ियां शत प्रतिशत भरी हुई जा रही हैं जो संकेत है कि अर्थव्यवस्था पटरी पर लौट रही है। 

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उन्होंने बताया कि कुल चलाई गई 4,596 श्रमिक विशेष रेलगाड़ियों की 81 प्रतिशत रेलगाड़ियां इन्हीं राज्यों में आई। उल्लेखनीय है कि रेलवे एक जून से 100 जोड़ी मेल/एक्सप्रेस रेलगाड़ियों और 15 जोड़ी रेलगाड़ियों का परिचालन राजधानी एक्सप्रेस के रूट पर कर रहा है। 

पांच राज्यों के रेलवे स्टेशन पर खड़ी कोविड-मरीज देखभाल बोगी की जानकारी देते हुए प्रवक्ता ने बताया कि 20 जून से 59 मरीज उत्तर प्रदेश के मऊ स्टेशन पर खड़े विशेष डिब्बे में भर्ती थे जिनमें से 56 को छुट्टी दे दी गई है जबकि दिल्ली के शकूरबस्ती रेलवे स्टेशन पर खड़ी कोविड-19 देखभाल कोच में भर्ती 32 मरीजों में से नौ को अब तक छुट्टी दी गई है। प्रवक्ता ने बताया कि रेलवे ने अब तक रद्द टिकटों के किराए का पूरा भुगतान करने का फैसला किया है। उल्लेखनीय है कि हाल में रेलवे ने नियमित यात्री रेलगाड़ियों को 12 अगस्त तक के लिए रद्द कर दिया था, लेकिन विशेष रेलगाड़ियों का परिचालन जारी रहेगा।

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