ईमानदार करदाताओं को पीएम मोदी की सौगात, आज से फेसलेस हुआ टैक्स सिस्टम

13 Aug, 2020 11:14 IST|मो. जहांगीर आलम
पीएम नरेंद्र मोदी

पीएम मोदी ने देश को समर्पित किया नया प्लेटफॉर्म

 ईमानदार टैक्सपेयर्स को मोदी सरकार की नई सौगात

नई दिल्ली :  ईमानदार टैक्सपेयर्स को प्रोत्साहन और कर प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को एक नए खास प्लेटफॉर्म की शुरुआत की। इस प्लेटफॉर्म का नाम 'ट्रांसपैरेंट टैक्सेशन: ऑनरिंग द ऑनेस्ट' दिया गया है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ये प्लेटफॉर्म 21वीं सदी के टैक्स सिस्टम की शुरुआत है, जिसमें फेसलैस असेसमेंट-अपील और टैक्सपेयर्स चार्टर जैसे बड़े रिफॉर्म हैं। पीएम मोदी ने कहा कि ईमानदार टैक्सपेयर राष्ट्र निर्माण में बड़ी भूमिका निभाता है।

पीएम मोदी ने कहा, 'रिटर्न से लेकर रिफंड की व्यवस्था को पूरी तरह ऑनलाइन किया गया है। जो नया स्लैब सिस्टम आया है उसमें बेवजह के कागजों और दस्तावेजों को जुटाने से मुक्ति मिल गई है।' उन्होंने कहा कि प्रक्रियाओं की जटिलताओं के साथ-साथ देश में टैक्स भी कम किया गया है। पांच लाख रुपये की आय पर अब टैक्स जीरो है। बाकी स्लैब में भी टैक्स कम हुआ है। कॉर्पोरेट टैक्स के मामले में हम दुनिया में सबसे कम टैक्स लेने वाले देशों में से एक हैं।

बीते 6 वर्षों में हमारा ध्यान रहा है, 'बैंकिन द अनबैंक्ड' 'सेक्योरिंग द अनसेक्योर्ड' और, 'फंडिंग द अनफंडेड' । अन्होंने कहा कि आज एक तरह से एक नई यात्रा शुरू हो रही है।

फेसलेस अपील की सुविधा 25 सितंबर यानि दीन दयाल उपाध्याय जी के जन्मदिन से पूरे देशभर में नागरिकों के लिए उपलब्ध हो जाएगी। अब टैक्स सिस्टम भले ही फेसलेस हो रहा है, लेकिन टैक्सपेयर को ये निष्पक्षता और निडरता का विश्वास देने वाला है। इस प्लेटफॉर्म में फेसलेस एसेसमेंट, फेसलेस अपील और टैक्सपेयर्स चार्टर जैसे बड़े रिफॉर्म्स हैं। मोदी ने कहा कि फेसलेस एसेसमेंट और टैक्सपेयर्स चार्टर आज से लागू हो गए हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'आज से शुरू हो रहीं नई व्यवस्थाएं, नई सुविधाएं- मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को और मजबूत करती हैं। ये देशवासियों के जीवन से सरकार को, सरकार के दखल को कम करने की दिशा में भी एक बड़ा कदम है।'

उन्होंने कहा कि अब देश में माहौल बनता जा रहा है कि कर्तव्य भाव को सर्वोपरि रखते हुए ही सारे काम करने हैं। सवाल यह कि बदलाव आखिर कैसे आ रहा है? हमारे लिए रिफॉर्म का मतलब है, रिफॉर्म नीति आधारित हो, टुकड़ों में नहीं हो, एक रिफॉर्म, दूसरे रिफॉर्म का आधार बने और नए रिफॉर्म का रास्ता बनाए। ऐसा भी नहीं है कि एक बार रिफॉर्म करके रुक गए। ये निरंतर, सतत चलने वाली प्रक्रिया है। 

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