कोरोना के खिलाफ बड़ी खुशखरी, इंसानों पर शुरू हुआ इस वैक्सीन का ट्रायल, ये 13 सबसे एडवांस

25 Jun, 2020 23:07 IST|Sakshi

इंग्लैंड :  दुनिया भर में फैल रही महामारी के बीच हर किसी को कोरोना वायरस की वैक्‍सीन  का इंतजार है। इस बीच कोरोना वैक्सीन को लेकर अच्छी खबर आई है। दरअसल यह ऑक्‍सफर्ड यूनिवर्सिटी से अच्छी खबर आई है। ऑक्‍सफर्ड यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स कोरोना वैक्सीन के लास्ट स्टेज के ट्रायल में हैं। अब लास्ट फेज में क्लीनिकल टेस्ट किया जाएगा जिसमें ये पता लगाया जाएगा कि आखिर ये वैक्सीन कितनी कारगर है। इसके अलावा अमेरिका में एक ब्रिटेन की दो चीन में एक दवा अंतिम स्टेज में है। बता दें कि दुनिया भर में 140 से अधिक दवाईयों पर काम चल रहा है। इनमें से 13 वैक्सीन क्नीनिकल ट्रायल के दौर में है। ज्यादातर वैक्सीन का काम शुरूआती दौर में ही है। 

 रिपोर्ट की मानें तो ब्रिटेन में अगले चरण में ये वैक्सीन 10,260 वयस्कों और बच्चों को दी जाएगी। अगर ये परीक्षण सफल होता है, तो ऑक्सफोर्ड  साल के आखिरी तक कोरोना की वैक्सीन लॉन्च कर सकता है।ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी जिस वैक्सीन पर काम कर रही है, उसका इंसानों पर पहली बार परीक्षण बुधवार (24 जून) को अफ्रीका में शुरू हुआ है। इस वैक्सीन के विकास में ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी के साथ दवा बनाने वाली कंपनी एस्ट्राजेनेका भी शामिल है। 

रिपोर्ट के मुताबिक ऑक्‍सफर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका पीएलई की एक्‍सपेरिमेंट वैक्‍सीन क्लिनिकल ट्रायल के फाइनल स्‍टेज में पहुंच गई है। इस वैक्‍सीन का ट्रायल यूनाइेड किंगडम के साथ-साथ अफ्रीका और ब्राजील में भी हो रहा है। सीरम इंस्‍टीट्यूट ऑफ इंडिया ने भारत के लिए बड़े पैमाने पर वैक्‍सीन बनाने के लिए 100 मिलियन डॉलर इनवेस्‍ट किए हैं। यह वैक्सीन ChAdOx1 वायरस से बनी है जो सामान्‍य सर्दी देने वाले वायरस का एक कमजोर करने का रूप है। इसे जेनेटिकली बदला गया है इसलिए यह इंसानों को इन्‍फेक्‍ट नहीं करता। 

 क्लिनिकल इवैलुएशन में हैं 13
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार कोरोना के लिए 13 वैक्‍सीन ऐसे हैं जो क्लिनिकल इवैलुएशन में हैं। इसके अलावा 129 वैक्‍सीन कैंडिडेट्स ऐसे हैं जिनका अभी प्री-क्लिनिकल इवैलुएशन चल रहा है। 10 वैक्‍सीन ऐसे हैं जो एडवांस क्लिनिकल ट्रायल में हैं और 115 प्रीक्लिनिकल स्टेज में हैं।

 लंदन के इम्‍पीरियल कॉलेज की वैक्‍सीन का ह्यूमन ट्रायल भी जल्द शुरू होने वाला है। इसके अलावा चीन के बीजिंग इंस्‍टीट्यूट ऑफ टेक्‍नोलॉजी और कैनसिनो बायोलॉजिकल इंक का वैक्सीन ट्रायल  क्लिनिकल इवैलुएशन के दूसरे फेज में है। वहीं अमेरिका के नेशनल इंस्‍टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इन्‍फेक्शियस डिजीजेज और मॉर्डना इंक की वैक्‍सीन भी ट्रायल के दूसरे फेज में है। इसके साथ ही गेमलेया रिसर्च इंस्‍टीट्यूट का  वैक्‍सीन ट्रायल फर्स्‍ट फेज में है। ",


1. यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्‍सफर्ड की एस्ट्राजेनेका

2.- बीजिंग इंस्‍टीट्यूट ऑफ टेक्‍नोलॉजी और कैनसिनो बायोलॉजिकल इंक 

3. नैशनल इंस्‍टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इन्‍फेक्शियस डिजीजेज (US) और Moderna Inc

4. वुहान इंस्‍टीट्यूट ऑफ बायोलॉजिकल प्रॉडक्‍ट्स और साइनोफार्म

5 . बीजिंग इंस्‍टीट्यूट ऑफ बायोलॉजिकल प्रॉडक्‍ट्स/साइनोफार्म 

6.  साइनोवैक 

7.  बायोएनटेक/फोसन फार्मा/फिजर प्‍लैटफॉर्म आरएनए

8.   नोवावैक्‍स 

9.    चाइनीज एकेडमी ऑफ मेडिकल साइंसेज 

10. इनोवियो फार्मास्‍यूटिकल्‍स 

11  गेमलेया रिसर्च इंस्‍टीट्यूट 

12.  इम्‍पीरियल कॉलेज, लदन 
13.   क्‍योरवैक 
 

Load Comments
Hide Comments
More News
आंध्र-प्रदेश
मुख्य समाचार
.