भारत में ऑक्सफोर्ड की कोरोना वैक्सीन का ट्रायल एक हफ्ते के लिए टला, जानिए वजह

7 Sep, 2020 23:31 IST|Sakshi
फोटो : सौ. सोशल मीडिया

सुरक्षा के कारण ट्रायल टला 

वॉलंटियर्स की सुरक्षा की मंजूरी का इंतजार

नई दिल्ली : देश में कोरोना वायरस का कहर जारी है। भारत में कोरोना संक्रमितों की संख्या लगभग 42 लाख है, वहीं अब तक 70 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। दुनिया भर में कोविड-19 की वैक्सीन पर शोध चल रहे हैं। रूस ने तो वैक्सीन बना लेने का दावा भी किया है। भारत में भी तीन-तीन वैक्सीन ट्रायल चरण में हैं। इस बीच खबर आ रही है कि देश में विकसित हो रही ऑक्सफोर्ड की कोरोना वैक्सीनके क्लिनिकल ट्रायल में कम से कम एक हफ्ते की देरी हो गई है। ये ट्रायल सिंतबर के पहले हफ्ते में शुरू किया जाना था। 

सुरक्षा के कारण ट्रायल टला 
 

इस हफ्ते के देरी के पीछे सुरक्षा के कुछ कारण बताए जा रहे हैं। डाटा सेफ्टी मॉनिटरिंग बोर्ड ने बताया कि सेफ्टी अप्रूवल ना मिल पाने की वजह से इस ट्रायल को एक हफ्ते के लिए टाल दिया गया है। सेफ्टी अप्रूवल मिलने में देरी की वजह से चंडीगढ़ के पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (PGIMER) में होने वाले क्लिनिकल ट्रायल में एक हफ्ते की देरी हो गई है। इस ट्रायल के लिए 100 लोगों को चुना गया है। ट्रायल में देरी की वजह से और वॉलंटियर्स की भर्ती रोक दी गई है । फिलहाल ट्रायल के लिए 400 लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है जिसमें 253 लोगों को वैक्सीन की पहली डोज दी जाएगी।

100 वॉलंटियर्स की सुरक्षा की मंजूरी का इंतजार

PGIMER में वैक्सीन ट्रायल शेड्यूल के प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर प्रोफेसर मधु गुप्ता ने कहा, 'फिलहाल, ऑक्सफोर्ड वैक्सीन के ट्रायल के लिए वॉलंटियर्स की भर्ती को होल्ड पर डाल दिया गया है क्योंकि हम डाटा सेफ्टी मॉनिटरिंग बोर्ड की तरफ से पहले 100 वॉलंटियर्स की सुरक्षा की मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं।'
 
वहीं, प्रोफेसर मधु गुप्ता ने कहा, 'इस मामले में अब कोई अपडेट अगले हफ्ते तक ही दिया जा सकेगा।' प्रोफेसर गुप्ता ने पहले इस बात की सूचना दी थी कि उनके साथ कुल 16 स्टाफ इस क्लिनिकल ट्रायल का निरीक्षण करेगा।

वैक्सीन के मार्केटिंग का काम सीरम इंस्टीट्यूट का 

आपको बता दें कि PGIMER उन 17 जगहों में से एक है जिसे ह्यूमन क्लिनिकल ट्रायल के लिए चुना गया है। ये वैक्सीन ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी एस्ट्राजेनेका के साथ मिलकर बना रही है। ट्रायल पूरा हो जाने के बाद इस वैक्सीन के प्रोडक्शन और मार्केटिंग का काम पुणे के सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) द्वारा किया जाएगा। 

सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया देश के सबसे बड़े वैक्सीन उत्पादकों में से एक है। कुछ दिनों पहले सीरम इंस्टीट्यूट ने कहा था कि इस साल के अंत तक कोरोना वायरस की वैक्सीन बना ली जाएगी। रूस ने भी कहा है कि वो अपनी वैक्सीन Sputnik V को इसी सप्ताह आम नागरिकों को उपलब्ध करा देगा। 

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