अब रेलवे के लिए भी काम करेंगे मनरेगा के मजदूर, प्रवासी मजदूरों के लिए नई पहल

12 Jun, 2020 22:06 IST|Sakshi
मनरेगा के तहत रेलवे में भी मिलेगा काम

नई दिल्ली : कोरोना महामारी की वजह से अपने-अपने घरों को लौट चुके प्रवासी श्रमिकों के लिए रेलवे अब रोजगार की व्यवस्था करने जा रही है। भारतीय रेलवे ने इसके लिए आर्थिक तंगी से जूझ रहे प्रवासी श्रमिकों को मनरेगा के जरिये काम देने का मन बनाया है। इस बाबत रेल मंत्री पीयूष गोयल ने रेलवे को योजना बनाने को कहा है।

रेलवे ने बताया है कि इस योजना के तहत देश के पांच राज्यों में प्रवासी श्रमिकों को काम दिया जाएगा। तय किया गया है कि इस योजना के तहत रेलवे क्रॉसिंग, रेलवे स्टेशनों के लिए संपर्क मार्ग का निर्माण और मरम्मत कराने का काम मनरेगा के तहत दिया जाए।

रेलवे के मुताबिक प्रवासी श्रमिकों में से ज्यादातर मजदूर अकुशल हैं। इसलिए उन्हें लेवल क्रॉसिंग के लिए संपर्क मार्ग का निर्माण और मरम्मत, ट्रैक के पास ड्रेन, जलमार्गों की सफाई, रेलवे स्टेशनों के संपर्क मार्गों के निर्माण और रखरखाव, झाड़ियों आदि को हटाने और रेलवे की जमीन पर पेड़-पौधे लगाने जैसे कार्यों में लगाया जा सकता है।

इसके साथ ही रेलवे ने यह भी साफ किया कि मनरेगा के तहत रेलवे में अधिक कामकाज नहीं किया जा सकता है। इसका कारण साफ है कि रेलवे का काम गांवों से दूर होता है। मुख्य रूप से यह काम शहरों के आसपास होता है। ऊपर से गांवों के आसपास रेलवे ट्रैक कम होते है, जहां इन लोगों से काम लिया जा सके। ज्यादातर अकुशल श्रमिक होने की वजह से रेलवे में ज्यादातर कामों में इनको नहीं लगाया जा सकता है। लिहाजा रेलवे कुछ चुने हुए काम ही इन प्रवासी श्रमिकों से करवा सकती है।

इन्हें भी पढें :

सुप्रीम कोर्ट का फरमान: कोरोना योद्धाओं को खुश रखने की जरूरत

जानिए आजकल कहां हैं और क्या कर रहें हैं वायरल बाथरूम वीडियो वाले हिमाचल के नेता

रेल मंत्रालय के प्रवक्ता डीजे नरेन ने बताया है कि रेलवे के सभी जोन को जिला और राज्य सरकारों से इस बारे में चर्चा कर संभावनाएं तलाशने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि इस तरह से रेलवे उन श्रमिकों को सहायता कर पाएगी, जो मुश्किल समय में रोजगार की तलाश में हैं।

गौरतलब है कि रेल मंत्री पीयूष गोयल ने अभी हाल ही में इस मुद्दे पर एक बैठक की थी। उन्होंने रेलवे के विभिन्न जोनों को मनरेगा के तहत कार्य आवंटन करने और श्रमिकों को रोजगार देने के तरीके ढूंढने को कहा था। इस बाबत रेलवे के सभी जोनों को कहा गया था कि वे उन श्रमिकों की सूची तैयार करें, जिन्हें इसके तहत विभिन्न तरह के कार्यों में लगाया जा सकता है।

फिलहाल रेलवे ने कई जिलों, जैसे— बिहार के कटिहार, आंध्र प्रदेश के वारंगल, राजस्थान के उदयपुर, तमिलनाडु के मदुरै, उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद और पश्चिम बंगाल के मालदा में इस योजना का इस्तेमाल किया है। लेकिन अन्य क्षेत्रों में उसने ज्यादातर निजी क्षेत्र के कुशल श्रमिकों की सेवाएं ली हैं। रेलवे के प्रवक्ता डी जे नारायण ने कहा कि हम अपने गांवों को लौट चुके प्रवासी मजदूरों के मनरेगा के तहत रोजगार की संभावना तलाश रहे हैं। इससे सभी को फायदा होगा।

Load Comments
Hide Comments
More News
आंध्र-प्रदेश
मुख्य समाचार
.