अब रेलवे की नौकरी का मत देखिए ख्वाब, भारी पैमाने पर छंटनी का जारी हो गया फरमान

2 Jul, 2020 20:30 IST|Sakshi

नई दिल्ली : कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन ने पहले ही आर्थिक और मानसिक तौर पर लोगों परेशान कर रखा था। उस पर बढ़ती बेरोजगारी ने सबका हाल बेहाल कर दिया था। अब भारतीय रेल के इस नए नोटिस के सामने आने के बाद हालात और भी गंभीर होने की संभावना जताई जा रही है।

बता दें कि भारतीय रेल ने गुरुवार को एक नोटिस जारी किया है, जिसमें स्पष्ट शब्दों में यह कहा गया है कि भारतीय रेल ने नई भर्तियों पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। यही नहीं, रेलवे ने इस नोटिस में यह भी साफ किया है कि पिछले दो वर्षों के दौरान रेलवे ने ​जो भी पद बनाए थे, उन पदों की भी समीक्षा की जाएगी। वहीं, 50 प्रतिशत आरक्षण के मामले में भी रेलवे ने सरेंडर कर दिया है।

रेलवे बोर्ड (आरआरबी), रेल मंत्रालय और भारत सरकार द्वारा जारी एक नोटिस में कहा गया है कि अगले आदेशों तक नए पदों की बहाली नहीं होगी। हालांकि, सुरक्षा पदों की बहाली के लिए अवश्य इस नोटिस में छूट दी गई है। दिनांक 02.07.2020 को प्रकाशित इस आधिकारिक नोटिस में लिखा गया है कि अगले आदेश तक पिछले दो वर्षों में बनाए गए रेलवे के नए पदों की एक ​बार फिर से समीक्षा की जाएगी। नोटिस में आगे लिखा गया है कि सुरक्षा को छोड़कर नए पदों का निर्माण और भर्तियों पर भी पुनर्विचार किया जाएगा।

साफ है कि रेलवे बोर्ड पिछले दो वर्षों के दौरान बनाए गए नए पदों की समीक्षा करेगा। यदि इन पदों के लिए अभी तक भर्ती नहीं हुई है तो या तो भर्ती रद्द कर दी जाएगी या सुरक्षा संबंधी पदों को छोड़कर केवल 50 प्रतिशत की ही बहाली की जाएगी।

गौरतलब है कि ​30 जून 2020 को IBPS RRB Notification 2020: इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनल सलेक्शन ने ऑफिस असिस्टेंट एवं ऑफिसर्स की भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया था। इसमें कहा गया था कि आईबीपीएस आरआरबी नोटिफिकेशन 2020 के तहत जो भी उम्मीदवार ऑफिसर्स स्केल (Officers Scale )और ऑफिस असिस्टेंट (Office Assistant) के पदों पर आवेदन करना चाहते हैं, वे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। साथ ही यह भी कहा गया था​ कि आवेदन की प्रक्रिया 1 जुलाई 2020 से शुरू हो रही है और 21 जुलाई तक चलेगी।

इस चयन ​प्रक्रिया के लिए आवेदन करने वालों ने आज का नोटिस देखकर सरकार और रेलवे बोर्ड के प्रति नाराजगी और रोष व्यक्त किया है। उनका कहना है कि कोरोना काल और लॉकडाउन पहले ही हमें कम परेशान किया हुआ था, जो अब सरकार भी इस तरह दुश्मनों जैसा व्यवहार कर रही है! पहले से ही हम रोजगार की कमी से जूझ रहे हैं। ऐसे में काम मिलने की एक उम्मीद जगी थी, वो भी आज छिन गई। ऐसे हालात में हम जैसे गरीब और जरूरतमंद लोग कहां जाएंगे!

—सुषमाश्री, वरिष्ठ उप-संपादक, साक्षी समाचार

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