घर के लोग करोना मृतकों से डरते रहे और एक मुसलमान ने किया 200 लोगों का अंतिम संस्कार

18 Sep, 2020 17:05 IST|Sakshi
फोटो : सौ. सोशल मीडिया

भरूच : देश में कोरोना संक्रमण का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। अब संक्रमितों की संख्या 52 लाख के पार पहुंच गया है। अच्छी खबर ये है कि 24 घंटे में रिकॉर्ड 87,472 मरीज ठीक भी हुए हैं। लेकिन से 84,372 लोगों की मौत हो चुकी है। इसी बीच यह खबर भी सामने आ रही है कि कोरोना वायरस के संक्रमण से मर रहे लोगों का अंतिम संस्कार किए जाने में उनके परिजनों को डर लगता है। यहां तक कि, मृतकों के लिए अंतिम रिवाज भी इन दिनों लोग नहीं निभा पा रहे। 

कोरोना महामारी के दौर में संवेदना और असंवेदना की तमाम ऐसी खबरें आ रही हैं, जैसा पहले कभी नहीं हुआ। यहां हम बात कर रहे हैं एक मुस्लिम शख्स की, जिसने अब तक 200 से अधिक लाशों का अंतिम संस्कार किया। उस शख्स का नाम इरफान मलिक है। 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गुजरात में भरूच स्थित अंकलेशवर के कोविड श्मशान में इरफान को कोई भी अंतिम संस्कार करते देख सकता है। इरफान श्मशान गृह में लकड़ियों के इंतजाम से लेकर अग्निदाह की जिम्मेदारी निभाते हैं। उनके इसी तरह के सराहनीय कार्य के लिए कई संस्थाएं सम्मानित भी कर चुकी हैं।

वहीं, इरफान बताते हैं कि राज्य में 3 हजार से ज्यादा लोग कोरोना की वजह से मर चुके हैं। संक्रमण ज्यादा न फैले इसलिए हमारे यहां लोगों के मरने पर उनके परिजन, लाशों को हाथ लगाने से भी डरते थे। ऊपर से सरकार की गाइडलाइंस भी कुछ ऐसी ही थीं। ऐसे में ज्यादातर हुआ यह कि अंतिम संस्कार श्मशान की जिम्मेदारी संभाल रहे लोग ही करते रहे। 

इरफान की मानें तो वह अब तक ऐसे ही 220 से ज्यादा शवों का अंतिम संस्कार कर चुके हैं। बहरहाल, इरफान कोविड श्मशान में तैनात टीम का हिस्सा हैं। बताया जाता है कि उनके रहते कई मामले ऐसे भी सामने आए कि मृतक के परिवार ने लाश का अंतिम संस्कार करने से भी मना कर दिया था और दूर ही रहे। ऐसे में श्मशान गृह में तैनात इरफान ने ही लाशें जलाईं। 

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