मुंबई पुलिस कमिश्नर परमवीर सिंह हो रहे सोशल मीडिया पर ट्रोल, रिपब्लिक टीवी ने बताया झूठा

18 Oct, 2020 16:50 IST|विजय कुमार
परमवीर सिंह, मुंबई पुलिस आयुक्त

मुंबई: मुंबई पुलिस कमिश्नर परमवीर सिंह के खिलाफ इन दिनों सोशल मीडिया पर जबरदस्त कैंपेन चलाए जा रहे हैं। यहां तक कि मुंबई पुलिस आयुक्त को उनके पद से हटाने के लिए सोशल मीडिया पर वोटिंग भी कराई जा रही है। दलील दी जा रही है कि अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत को लेकर परमवीर सिंह ने पक्षपात किया और राजनीति से प्रेरित होकर काम किया। 

इस बीच टेलीविजन चैनल टीआरपी घोटाले को लेकर परमवीर सिंह मीडिया के एक धड़े के निशाने पर है। परमवीर सिंह से खार खाये रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क और पत्रकार अर्नब गोस्वामी ने तो उनके खिलाफ मुहिम ही छेड़ दी है। ‘रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क’ ने खुलासा किया है कि मुंबई के पुलिस कमिश्नर परमवीर सिंह ने ‘रिपब्लिक’ चैनल को लेकर झूठ बोला। अर्नब गोस्वामी ने ‘ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल ऑफ इंडिया (BARC)’ के इमेल्स के हवाले से ये दावा किया है। ईमेल के मुताबाकि BARC ने अपने ईमेल में FIR में ‘इंडिया टुडे’ के नाम होने की बात कही है ना कि ‘रिपब्लिक’ का। 

रिपब्लिक टीवी अक्टूबर 17, 2020 को भेजे गए ईमेल का हवाला दे रही है। अर्नब गोस्वमी के मुताबिक BARC ने कहा है कि उसके पास ‘रिपब्लिक’ या उससे जुड़ी किसी भी कम्पनी के खिलाफ गड़बड़ी का कोई मामला ही नहीं है। हालांकि अर्नब गोस्वामी ने कोर्ट पर भरोसा जताते हुए मामले में न्यायालय की शरण लेने की बात कही है। 

सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले का विवाद

सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में सबसे अधिक मुंबई पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह पर आरोप लगे। हालांकि आयुक्त ने मीडिया पर उन्हें बदनाम करने का भी आरोप लगाया। वहीं मुंबई पुलिस और बिहार पुलिस के बीच की तनातनी में भी परमवीर की सीधी भूमिका की बात कही जाती है। साल 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी परमवीर सिंह तेजतर्रार छवि वाले अध‍िकारी माने जाते हैं। उन्हें कई संगीन मामलों को हैंडल करने का एक्सपीरियेंस है। 

इससे पहले वो मालेगांव ब्लास्ट को लेकर भी परमवीर सिंह की खूब चर्चा हुई थी। मालेगांव ब्लास्ट की साजिश के आरोप में साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को एटीएस ने गिरफ्तार किया था। उस वक्त हेमंत करकरे एटीएस चीफ थे और डीआईजी एटीएस का पद परमवीर के पास था। प्रज्ञा ठाकुर ने परवीर पर टॉर्चर करने का आरोप लगाया था। अब साध्वी सांसद भी बन गई हैं, लिहाजा उनके समर्थन में आज भी परवीर को पद से हटाने के लिए सोशल मीडिया पर सुगबुगाहट होती है। 

उद्धव सरकार को परमवीर पर भरोसा

माना जाता है कि अगर बीजेपी के समर्थन वाली सरकार महाराष्ट्र में बनती तो परमवीर सिंह को मुंबई का कमिश्नर कतई नहीं बनाया जाता। बल्कि उन्हें साइड कर दिया जाता। मौजूदा शिवसेना पार्टी की सरकार को परमवीर पर पूरा भरोसा है। सुशांत सिंह राजपूत मामले में जिस तरह से परमवीर सिंह ने कथित तौर पर सरकार के इशारे पर काम किया। उससे मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे खुश हैं। सोशल मीडिया पर सीधे सीएम ठाकरे के बेटे का नाम लिया जा रहा था। पूरे प्रकरण को परमवीर सिंह ने ऐसा घुमाया कि बिहार पुलिस भी सकते में आ गई। अब क्षेत्रीय भावनाओं को भड़काकर भी परमवरी पर निशाना साधा जा रहा है। 

परमवीर को अंडरवर्ल्ड मामलों की अच्छी समझ

अंडरवर्ल्ड मामलों के जानकार माने जाते हैं परमबीर सिंह। तभी तो फिल्म अभ‍िनेत्री ममता कुलकर्णी को ड्रग्स मामले में उन्होंने आसानी से लपेटे में ले लिया था। ठाणे पुलिस कमिश्नर रहने के दौरान इन्होंने ड्रग्स रैकेट केस में ममता कुलकर्णी और उनके पति को आरोपी बनाया था। इस केस के बाद तो ममता का सार्वजनिक जीवन ही तबाह हो गया। 

परमवीर को पद से हटाना आसान नहीं

सोशल मीडिया पर परमवीर सिंह भले ट्रोल हो रहे हों। बावजूद इसके रिपब्लिक और तमाम न्यूज चैनलों के निशाने के बावजूद वो झुकने वाले अधिकारी नहीं हैं। अच्छी बात ये है कि सरकार का भी उनपर पूरा भरोसा है। लिहाजा ये तो कहा ही जा सकता कि परमवीर फिलहाल मुंबई पुलिस कमिश्नर के पद पर बने रहेंगे।
 

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