भूमि पूजन के लिए राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख आडवाणी और जोशी को नहीं मिला निमंत्रण, जानिए क्या है वजह

1 Aug, 2020 13:14 IST|अनूप कुमार मिश्रा
भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी एवं लाल कृष्ण आडवाणी (फाइल फोटो)

राम मंदिर निर्माण के लिए 5 अगस्त को भूमि पूजन कार्यक्रम

लाल कृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी के शामिल होने की संभावना कम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 अगस्त को जाएंगे अयोध्या, 200 मेहमान होंगे शामिल

नई दिल्ली : अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए 5 अगस्त को भूमि पूजन कार्यक्रम है। राम नगरी पूरी तरह से सज कर तैयार हो गई है। खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं। कार्यक्रम में शामिल होने वालों में राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख रहे लाल कृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी का नाम शामिल नहीं हैं। सूत्रों के मुताबिक, इन दोनों नेताओं के भूमि पूजन में शामिल होने की संभावना कम है।

एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक, भूमि पूजन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा कुछ ही लोगों के शामिल होने के सूचना है। कार्यक्रम में कोई इंडस्ट्रियलिस्ट या हाई प्रोफाइल एनआरआई गेस्ट भी शामिल नहीं होगा।

जानकारी के अनुसार राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख चेहरे पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी और पूर्व एचआरडी मंत्री मुरली मनोहर जोशी का अयोध्या आने का प्रोग्राम नहीं है। इसके पीछे कोरोना वायरस का हवाला दिया जा रहा है। बताया जा रहा है कि दोनों ही नेताओं की उम्र को ध्यान में रखते हुए यह फैसला किया गया है।

जिन लोगों को शामिल होना है उनमें पीएम मोदी, सीएम योगी आदित्यनाथ, राष्ट्रीय स्वयंसेवक प्रमुख मोहन भागवत, वीएचपी नेता तथा मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, राम जन्मभूमि न्यास के हेड महंत नृत्यगोपाल दास शामिल हैं। जो लिस्ट पहले जारी की गई थी उसमें आडवाणी और मुरली मनोहर का नाम भी शामिल था। अभी तक आधिकारिक तौर पर उनके शामिल होने या नहीं होने पर कुछ कहा नहीं गया है।

अगले महीने 'निर्माण यज्ञ' का होगा आयोजन

श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट ने कहा है कि वह आने वाले महीनों में अयोध्या में एक 'निर्माण यज्ञ' का आयोजन करेगा और इसमें भाग लेने के लिए सभी राम भक्तों को आमंत्रित करेगा। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि यह निर्णय इसीलिए लिया गया है क्योंकि भक्त महामारी के कारण 5 अगस्त को अयोध्या में होने जा रहे 'भूमिपूजन' समारोह के गवाह नहीं बन सकेंगे।

चंपल राय ने कहा, "ट्रस्ट ने भूमि पूजन के लिए देश भर से सभी रामभक्तों को अयोध्या में आमंत्रित करने की योजना बनाई थी। उनमें से कई ने 1984 से चल रहे मंदिर आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और जाहिर है वे 5 अगस्त को होने जा रहे इस ऐतिहासिक समारोह का गवाह बनना चाहते थे, लेकिन महामारी के कारण इस योजना को टालना पड़ा। अब जैसे ही महामारी के कारण बने हालात सामान्य होंगे हम राम भक्तों के लिए एक 'निर्माण यज्ञ' आयोजित करेंगे।"

अभी ट्रस्ट ने 5 अगस्त के कार्यक्रम के लिए 200 लोगों की एक चुनिंदा सभा को आमंत्रित किया है। उन्होंने कहा, "सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए मेहमानों को ब्लॉक में बैठाया जाएगा।" उन्होंने आगे कहा कि मंदिर का काम 'भूमिपूजन' के तुरंत बाद शुरू होगा और इसके अगले तीन वर्षों में पूरा होने की उम्मीद है।

विश्व हिंदू परिषद के उपाध्यक्ष राय ने सभी लोगों से अपील की है कि वे 'भूमिपूजन' के लिए अयोध्या न जाएं, बल्कि इस समारोह को टीवी पर लाइव देखें। उन्होंने भारतीय नागरिकों के साथ-साथ प्रवासी भारतीयों को भी 5 अगस्त को सुबह 11.30 बजे से 12.30 बजे के बीच पूजा करने और उसके बाद शाम को दीये जलाने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि लोगों को अपनी क्षमता के अनुसार राम मंदिर के लिए दान करने का संकल्प लेना चाहिए।

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