स्वामी रामदेव ने कोरोनिल पर फिर दी सफाई, जानिए इस बार क्या कहा ?

1 Jul, 2020 20:09 IST|Sakshi
योगगुरु बाबा रामदेव (फोटो सौजन्य सोशल मीडिया )

बाबा रामदेव ने कोरोनिल पर फिर दी सफाई

अपनी दवा को बताया इम्युनिटी बूस्टिंग मेडिसिन

हरिद्वार :  कोरोना को लेकर बनाई अपनी दवाई को लेकर विवादों में घिरे योगगुरु स्वामी रामदेव ने बुधवार को एक बार फिर अपनी दवा कोरोनिल को लेकर सफाई दी है ।उन्होने कहा कि पतंजलि आयुर्वेद के पास कोरोनिल बनाने के लिए सभी प्रकार की स्वीकृतियां थीं और दवाई को लेकर आयुष मंत्रालय के साथ विवाद अब समाप्त हो गया है। रामदेव ने दावा किया कि आयुष मंत्रालय ने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी दवा को लेकर किसी तरह का विवाद नहीं है। 

उन्होंने कहा कि यह दवा कोरोना के प्रभाव को कम करने के लिए बनायी गयी है और अब यह दवा पूरे देश में लोगों को उपलब्ध होगी। पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण और आयुर्वेद के शोध वैज्ञानिक डॉक्टर देवेंद्र भी इस दौरान मौजूद थे।

रामदेव ने कहा, ‘‘आयुष मंत्रालय ने कहा है कि पतंजलि ने कोविड-19 प्रबंधन के लिए उचित काम किया है। मैं लोगों को बताना चाहता हूं कि जो भी इन दवाओं को लेना चाहता है, अब उनकी बिक्री पर कोई रोक नहीं है और अब देश में हर जगह ये किट के रूप में उपलब्ध होंगी।'' 

कोरोनिल के साथ ही श्वासरी बटी और अणुतेल दवाइयों को मिलाकर एक किट तैयार की गयी है। पूरे विवाद के पीछे ड्रग माफिया का हाथ होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि वे लोग कोरोना श्वासारी से घबरा गए थे और उनके अरबों रुपए के कारोबार की जड़ें और चूलें पतंजलि की वजह से हिल गई थी। 

रामदेव ने कहा, ‘‘पतंजलि आयुर्वेद ने अभी सिर्फ कोरोना का प्रभाव कम करने के लिए ही काम किया है और वह थक कर हारने वाला नहीं है।'' उन्होंने कहा कि रक्तचाप, दमा, मधुमेह सहित 10 गंभीर बीमारियों पर हमारे 500 से ज्यादा वैज्ञानिक लगातार शोध कर रहे हैं और जल्दी ही हम इन सभी रोगों के भी क्लिनिकल ट्रायल के चौंकाने वाले परिणाम पतंजलि दुनिया के सामने रखेगा। 

उन्होंने कहा कि पतंजलि देश को रोग मुक्त बनाने के लिए अपना अभियान लगातार जारी रखेगा। पिछले सप्ताह 23 जून को स्वामी रामदेव ने कोरोनिल लांच करते हुए इससे कोविड-19 मरीजों को ठीक करने का दावा किया था। इस संबंध में उन्होंने बताया था कि राजस्थान के एक मेडिकल विश्वविद्यालय के साथ मिलकर कोरोनिल के क्लिनिकल ट्रायल किए जा चुके हैं और इससे शत प्रतिशत कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज ठीक हो गये हैं। लेकिन, इसके लांच होते ही देश में विवाद छिड़ गया और केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने इस मामले की जांच होने तक दवाई की बिक्री और विज्ञापन पर रोक लगा दी थी। 

साथ ही उत्तराखंड के आयुष विभाग ने भी कोरोना की दवा बनाने की कोई अनुमति या लाइसेंस नहीं लिए जाने की बात कहते हुए पतंजलि आयुर्वेद को नोटिस जारी किया था। रामदेव ने कहा कि पतंजलि पहले से ही कह रहा है कि बनाई गयी दवाई का कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों पर इस्तेमाल किया गया और उनकी बीमारी ठीक हो गयी। उन्होंने कहा, ‘‘हकीकत यही है कि ये दवाएं इम्युनिटी बूस्टर (रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली औषधि) के रूप में काम करती हैं। 

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जिस तरह से कोरोना वायरस शरीर में घुसकर विभिन्न अंगों पर अपना प्रभाव डालता है, वहीं ये दवाएं उसके प्रभाव को खत्म कर आदमी को स्वस्थ बनाती हैं।'' रामदेव ने कहा कि क्लिनिकल ट्रायल सहित दवा बनाने का लाइसेंस लेने, सरकारी मानकों के अनुरूप दवा का निर्माण करने और मरीजों को ठीक करने तक के सभी दावे सही हैं और पतंजलि अपने दावों पर आज भी कायम है।
 

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