किसान आंदोलन की 'धाकड़' दादी, जिन्होंने कंगना रनौत को भी करा दिया चुप, जानिए कौन हैं ये

2 Dec, 2020 13:05 IST|अनूप कुमार मिश्रा
मोहिंदर कौर (सौ. सोशल मीडिया)

किसान आंदोलन में छाईं दो दादियां

80 की उम्र में भी आंदोलन में रही हिस्सा

किसान आंदोलन की पोस्टर वुमन के नाम से मशहूर

नई दिल्ली : केंद्र सरकार के कृषि बिल के खिलाफ राजधानी दिल्ली में इस वक्त पंजाब (Punjab) और हरियाणा (Haryana) के किसान डेरा डाल रखे हैं। बड़ी संख्या में किसान (Farmers) पंजाब और हरियाणा से चलकर दिल्ली की सीमा पर डटे हुए हैं, जिनमें हर उम्र और वर्ग के लोग शामिल हैं। शाहीन बाग की दादी बिलकिस बानो की तरह किसान आंदोलन में दो दादियां काफी चर्चा में हैं। इन्हें किसान आंदोलन की पोस्टर वुमन भी कहा जा रहा है।

बठिंडा की मोहिंदर कौर और बरनाला की जंगीर कौर सभी का ध्यान अपनी ओर खींच रही हैं। करीब 80 साल की उम्र में भी वह आंदोलन का अहम हिस्सा बनी हुई हैं और सरकार के फैसला का खुलकर विरोध कर रही हैं। 

मोहिंदर कौर उस वक्त चर्चा में आ गई थीं, जब एक्ट्रेस कंगना रनौत ने उनकी तुलना शाहीन बाग वाली दादी बिलकिस बानो से कर दी थी। कंगना रनौत ने ट्विटर पर उनकी तस्वीर साझा करते हुए लिखा था कि यही दादी शाहीन बाग गई थीं और अब पैसों के लिए यहां आ गई हैं। 

कंगना को दिया मुंहतोड़ जवाब

कंगना के ट्वीट का जवाब देते हुए मोहिंदर कौर ने कहा कि उनके परिवार के पास पर्याप्त पैसा है। उन्होंने कहा, मैं पैसों के लिए आंदोलन में क्यों जाऊंगी? बल्कि मैं तो दान करूंगी। मोहिंदर कौर के पास कुल 12 एकड़ जमीन है। वह आंदोलन में शामिल होने के साथ ही आर्थिक तौर पर भी मदद कर रही हैं।

बिलकिस दादी को रोका गया

संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के विरोध में कई महीनों तक चले प्रदर्शन का चेहरा रहीं बिलकिस दादी किसानों के समर्थन में सिंघू बॉर्डर पर पहुंची थीं, जहां दिल्ली पुलिस ने उन्हें रोक दिया। ‘शाहीन बाग की दादी' के नाम से मशहूर बिलकिस ने दिल्ली-हरियाणा सीमा पर किसानों के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की इच्छा जताई थी। सिंघू बॉर्डर पर पहुंचते ही उन्हें दिल्ली पुलिस के कर्मियों ने रोक दिया। 

पुलिस उपायुक्त (बाह्य उत्तर) गौरव शर्मा ने कहा, “वह एक वरिष्ठ नागरिक हैं और कोविड-19 महामारी के चलते हमने उन्हें सिंघू बॉर्डर पर रोक दिया और उनकी सुरक्षा के लिए वापस जाने का अनुरोध किया।” उन्होंने कहा, “उन्हें किसी तरह की असुविधा न हो इसलिए पुलिस के एक दल ने उन्हें दक्षिण पूर्वी दिल्ली में स्थित उनके घर पहुंचा दिया।” राष्ट्रीय राजधानी के शाहीन बाग में सीएए के विरोध में कई महीनों तक चले प्रदर्शन के दौरान चर्चा में आई बिलकिस को टाइम मैगजीन की 100 सर्वाधिक प्रभावशाली हस्तियों की सूची में स्थान मिला था।

Load Comments
Hide Comments
More News
आंध्र-प्रदेश
मुख्य समाचार
.