Bihar Election Date LIVE: 28 अक्टूबर को पहले चरण का मतदान, 10 नवंबर को काउंटिंग

25 Sep, 2020 08:55 IST|Sakshi
सुनील अरोड़ा, मुख्य चुनाव आयुक्त

बिहार में तीन चरणों में चुनाव का ऐलान 

10 नवंबर को मतगणना की तारीख तय 

28 अक्टूबर को पहले चरण की वोटिंग

नई दिल्ली: पहले चरण के लिए अधिसूचना 1 अक्टूबर को जारी होगी। अंतिम चरण के लिए अधिसूचना 8 अक्टूबर को होगी। 12 अक्टूबर तक नामांकन वापस लिये जा सकेंगे। 28 अक्टूबर को पहले चरण का मतदान होगा, इसके अलावा तीनों चरणों के मतदान के लिए काउंटिंग 10 नंवबर को होगी। पहले चरण में 71 सीटों पर वोटिंग, दूसरे चरण में 94  सीटों पर वोटिंग, तीसरे चरण में 78 सीटों पर मतदान का एलान किया गया है।

एलान के मुताबिक पहले चरण का मतदान 28 अक्टूबर को  दूसरे चरण का मतदान  3 नवंबर और तीसरे चरण का मतदान 7 नवंबर को होना है। जबकि 10 नवंबर को परिणाम आएंगे। इसी दिन शाम तक तय हो जाएगा कि नीतीश कुमार पर लोगों ने फिर से भरोसा जताया है या फिर तेजस्वी यादव की तूती बोलेगी।  

पहले फेज में  71 निर्वाचन क्षेत्र, 16 जिले (31 हजार मतदान केंद्र),दूसरे फेज  में 94 निर्वाचन क्षेत्र, 17 जिले (42 हजार मतदान केंद्र) और तीसरे फेज में 78 निर्वाचन  क्षेत्र, 15 जिले (33.5 हजार मतदान केंद्र) होंगे। चुनाव आयोग के ऐलान के साथ ही आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) लागू हो गई है। चुनाव आयोग ने साफ कहा कि दिशानिर्देशों के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित किया जाएगा साथ ही इसके लिए मुकम्मल व्यवस्था भी की जाएगी। 
 

वोटिंग के लिए एक घंटा अधिक समय

बिहार चुनाव में इस बार चुनाव आयोग ने कई तरह के खास एलान किये हैं। यहां तक कि कोरोना मरीजों को भी वोट डालने की इजाजत होगी। वोट डालने के लिए एक घंटा अधिक का समय रखा गया है। सुबह सात से शाम 6 बजे तक वोटिंग होगी। चुनाव आयोग ने कहा कि कोरोना संक्रमितों के लिए भी अलग से वोट डालने की व्यवस्था होगी। इसके अलावा बीमार और बुजुर्गों के लिए खास खयाल रखा जाएगा। 

कोरोना मरीज भी डाल सकेंगे वोट

मतदान के अंतिम समय में कोरोना पीड़ितों के वोट डालने की व्यवस्था की गई है। मरीजों के लिए अलग व्यवस्था होगी। साथ ही इस दौरान चिकित्सकों की उपस्थिति भी सुनिश्चित की जाएगी। प्रचार खास तौर पर वर्चुअल ही होगा, लेकिन डीएम छोटी रैली को इजाजत दे सकते हैं। जिसमें सामाजिक दूरी की व्यवस्था हो सके। 

एक बूथ पर एक हजार वोटर 

विधानसभा चुनाव में पोलिंग बूथ पर वोटर्स की संख्या घटा दी गई है। व्यवस्था होगी कि एक बूथ पर एक हजार से अधिक वोटर न हो ताकि सामाजिक दूरी का खयाल रखा जा सके। बता दें कि बिहार में 7.29 करोड़ वोटर्स हैं।  जिसमें 3.39 करोड़ महिला और 3.79 करोड़ पुरुष मतदाता हैं।

फेक न्यूज और डिजिटल मीडिया पर होगी नजर

मुख्य चुनाव आयुक्त ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ कहा कि तमाम मीडिया माध्यमों के साथ ही डिजिटल मीडिया पर फेक न्यूज चलाने को लेकर पैनी नजर होगी। भ्रामक खबरें चलाने और मतदाताओं को बरगलाने की स्थिति में सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। 

सीईसी सुनील अरोड़ा ने दलिल दी कि COVID19 का असर कम होने के कोई संकेत नहीं हैं। लिहाजा चुनाव टालने का कोई मतलब नहीं है। इसी को देखते हुए लोगों को स्वास्थ्य और लोगों की सुरक्षा के लिए ईमानदार और व्यवस्थित प्रयास करते हुए मतदाताओं के लोकतांत्रिक अधिकारों को सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। 

इस बार प्रत्याशी ऑनलाइन नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे। इसके साथ ही जीत का डिजिटल प्रमाण पत्र भी पा सकेंगे।
 

बिहार में चुनाव कराना चुनौतीपूर्ण

चुनाव आयोग के लिए कोरोना संक्रमण के मद्देनजर बिहार में चुनाव संपन्न कराना बड़ी चुनौती होगी। अगर बिहार में सही तरीके से चुनाव हो पाया तो ये देश के लिए नजीर साबित होगी। कोरोना काल में जहां लोग तमाम सीमाओं के बीच जी रहे हैं वहीं चुनाव और मतदान में हिस्सा लेने के लिए लोगों को उत्साहित करना किसी चुनौती से कम नहीं। 

बिहार विधानसभा चुनाव के लिए गाइडलाइन

बिहार में 243 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव कराये जाने हैं। बता दें कि चुनाव आयोग ने पहले ही विस्तार से गाइड लाइन जारी किया था। हालांकि राजनीतिक दलों के चुनाव टालने के अनुरोध को आयोग ने खारिज कर दिया है। बिहार के कई राजनीतिक दलों ने चुनाव आयोग से इस साल चुनाव टालने की अपील की थी। 

चुनाव आयोग की तरफ से दिशानिर्देशों के मुताबिक, विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन भरने का तामझाम खत्म होगा। प्रत्याशी ऑनलाइन नामांकन भर सकेंगे। घर चुनाव प्रचार की इजाजत दी गई है, लेकिन इसमें पांच लोग ही एक बार में शामिल हो सकेंगे। रोड शो के दौरान काफिले में 5 से अधिक गाड़ियों का इस्तेमाल नहीं होगा। 

चुनाव आयोग ने निर्देश दिया है कि गृह मंत्रालय की तरफ से जारी कोविड-19 गाइडलाइन्स का चुनावों के दौरान सख्ती से पालन होगा। नोडल हेल्थ ऑफिसर की चुनाव के दौरान अहम भूमिका होगी। उनकी रिपोर्ट के आधार पर कोताही बरतने वालों पर कार्रवाई भी हो सकती है। गाइडलाइन्स के मुताबिक फेस मास्क, सैनिटाइजर, थर्मल स्कैनर, ग्लव्स, फेशियल पीपी किट्स का इस्तेमाल चुनाव प्रक्रिया के दौरान किया जाना है। साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन सख्ती से करवाया जाएगा। 
 

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