बुराई के प्रतीक रावण का दहन, जानें कोरोना काल में कैसे हुआ आयोजन

25 Oct, 2020 20:36 IST|Sakshi
फोटो : सौ. सोशल मीडिया

नई दिल्‍ली : बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में देश में रविवार को दशहरा या विजयादशमी का पर्व मनाया जा रहा है। कोरोना वायरस महामारी को ध्‍यान में रखते हुए देश भर में मास्‍क और शारीरिक दूरी के नियम का पालन करते हुए रावण दहन का आयोजन हो रहा है। सार्वजनिक दशहरा उत्‍सव समितियों द्वारा रावण दहन की शुरूआत हो गई है। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विजयादशमी के मौके पर देशवासियों को शुभकामनाएं दी और कामना की कि यह पर्व हर किसी के जीवन में नयी प्रेरणा लेकर आए। उन्होंने ट्वीट कर कहा, 'सभी देशवासियों को विजयादशमी की ढेर सारी शुभकामनाएं। बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की जीत का यह महापर्व हर किसी के जीवन में नयी प्रेरणा लेकर आए।' 

विजयादशमी हर साल अश्विन मास की दशमी तिथि को मनाया जाता है। दशहरा को विजयादशमी के नाम से भी जानते हैं। 

 नोएडा के सेक्टर 21 ए स्थित रामलीला मैदान में रावण का पुतला जलाया गया

पंजाब के लुधियाना में 30 फीट के रावण के पुतले को जलाया गया 

उत्‍तर प्रदेश के नोएडा सेक्‍टर 21 में कुछ ही देर में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतले का दहन होगा। बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में मनाये जाने वाले विजयदशमी त्योहार के अवसर पर हर साल यहां रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण का पुतला दहन करने की परंपरा इस साल कोविड-19 महामारी के चलते टूट गई

 विजयदशमी पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रविवार को प्रदेश के लोगों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि समाज में फैली बुराइयों एवं कुरीतियों को खत्म करने का इस अवसर पर सभी लोगों को संकल्प लेना चाहिए। 

Load Comments
Hide Comments
More News
आंध्र-प्रदेश
मुख्य समाचार
.