RBI के तहत धनतेरस पर सस्ता सोना खरीदने का मौका, जानिए पूरी स्कीम

9 Nov, 2020 18:32 IST|Sakshi
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पेपर गोल्ड में निवेश का सुनहरा मौका

चोरी होने या लॉकर में रखने की चिंता नहीं

खबर में जानिए स्कीम की पूरी जानकारी 

नई दिल्ली: धनतेरस पर अगर सोना खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं तो ये खबर आपके काम की है। केंद्र सरकार के सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम में बाजार भाव से कम कीमत पर सोना खरीद सकते हैं। हालांकि ये फिजिकल गोल्ड नहीं होगा, बल्कि गोल्ड बॉन्ड स्कीम में ऑन पेपर ही आप निवेश कर सकेंगे। वित्त वर्ष 2020-21 के लिए सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की यह आठवीं सब्सक्रिप्शन सीरीज की शुरुआत आरबीआई ने की है। 9 नवंबर से 13 नवंबर तक इस योजना में इन्वेस्ट करने का सुनहरा मौका है। 

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने सोने की इश्यू प्राइस 5177 रुपये प्रति ग्राम रखी है। अच्छी बात ये कि ऑनलाइन आवेदन करने वाले निवेशकों को प्रति ग्राम 50 रुपये की छूट भी मिलेगी। एक ग्राम सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के लिए 5,127 रुपये चुकाना होगा। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड योजना 2020-21 की सातवीं सीरीज के तहत पिछले महीने 12 से 16 अक्टूबर के बीच शुरू हुआ था, तब एक ग्राम गोल्ड बॉन्ड का दाम RBI ने 5,051 रुपये तय किया था। 

सरकारी गोल्‍ड बॉन्ड की कीमत बाजार में चल रहे सोने के भाव से कम होती है। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड योजना में सोने की कीमत रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ही तय करती है। बॉन्ड में कम से कम निवेश एक ग्राम सोने के तौर पर किया जा सकता है। मजे की बात ये कि इस पर टैक्स दरों में छूट भी मिलती है। खास बात ये कि स्कीम के तहत आप बैंकों से कर्जा भी ले सकते हैं। 

कितना खरीद सकते हैं सोना

आरबीआई इस बॉन्ड में निवेश एक ग्राम के गुणकों में करने की इजाजत देता है। आप कम से कम एक ग्राम और अधिक से अधिक 500 ग्राम तक सोना खरीद सकते हैं। हिन्दू संयुक्त परिवार एक साल के भीतर 4 किलोग्राम सोने की कीमत के बराबर बॉन्ड खरीद सकता है। ट्रस्ट और कुछ खास इकाइयों को एक साल में 20 किलो सोने के बराबर निवेश की इजाजत है। 

बॉन्‍ड खरीदने के फायदे

सोने की कीमत में बढोत्तरी के साथ ही आपके निवेश में इजाफा होता रहेगा। बॉन्‍ड पेपर इलेक्‍ट्रॉनिक फॉर्मेट में आपको मुहैया कराई जाएगी। अच्छी बात ये है कि पेपर गोल्‍ड की सुरक्षा की चिंता आपको नहीं करनी होगी। गोल्‍ड की बिक्री बैंकों, डाकघरों, एनएसई और बीएसई के अलावा स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के जरिए आप कर सकते हैं। 

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के फायदे

माना जाता है कि गोल्ड बॉन्‍ड पर सालाना कम से कम ढाई पर्सेंट रिटर्न तो तय है। ये बॉन्ड 8 साल में मैच्योर होते हैं। हालांकि ग्राहकों को पांच साल बाद बॉन्ड को भुनाने का ऑफर होता है। केंद्र सरकार ने सबसे पहले साल 2015 में इस योजना की शुरुआत की थी। जिसमें निवेशकों की बड़ी डिमांड देखने को मिली थी। 
 

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