दिल्ली की सर्दी ने नवंबर में ही तोड़ा 14 सालों का रिकॉर्ड, 7.5 डिग्री तक गिरा तापमान

21 Nov, 2020 08:42 IST|मो. जहांगीर आलम
फोटो : सौ. सोशल मडिया

दो दिन शीतलहर जैसी स्थिति

सिर्फ एक दिन तापमान सामान्य से ऊपर

58 सालों में सबसे ठंडा रहा था अक्टूबर

नई दिल्ली : देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली (Delhi) में लोग इस बार नवंबर के महीने में ही दिसंबर जैसी ठंड (Cold) का सामना कर रहे हैं। दिल्ली में शुक्रवार की सुबह न्यूनतम तापमान (Temperature) 7.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो पिछले 14 साल में नवंबर महीने में सबसे कम है। मौसम विभाग ने इसकी जानकारी दी।

मौसम विभाग के क्षेत्रीय पूर्वानुमान केंद्र के प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया कि 29 नवंबर 2006 के बाद यह पहला मौका है जब दिल्ली का तापमान नवंबर में इतना कम हुआ है। 29 नवंबर 2006 को यहां का न्यूनतम तापमान 7.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। मौसम विभाग ने कहा है कि दिल्ली में इस मौसम में पहली बार शीत लहर के आसार हैं।

दो दिन शीतलहर जैसी स्थिति

आम तौर पर मैदानों में लगातार दो दिन जब तापमान 10 डिग्री सेल्सियस या इससे कम रहे और सामान्य से 4.5 डिग्री सेल्सियस कम होता है तब मौसम विभाग शीतलहर की घोषणा करता है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों के बीच दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में शीतलहर जैसी स्थिति हो सकती है। खासतौर पर सुबह के समय लोगों को खासी ठंडी हवा का सामना करना पड़ेगा।  श्रीवास्तव ने कहा, ''यह मानदंड शुक्रवार को पूरा हो गया। अगर शनिवार को भी स्थिति ऐसी ही रहती है तो हम शनिवार को शीत लहर की घोषणा करेंगे।'' 

सिर्फ एक दिन तापमान सामान्य से ऊपर

इस बार नवंबर के अब तक के महीनों में सिर्फ एक दिन ऐसा रहा है जब तापमान सामान्य से ऊपर गया है। बादल छाए रहने के चलते 16 नवंबर को न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। जो सामान्य से दो डिग्री ज्यादा रहा है। बाकी दिनों में तापमान सामान्य से एक से लेकर पांच डिग्री तक कम रहा है। 

58 सालों में सबसे ठंडा रहा था अक्टूबर

बताया जाता है कि इस बार अक्टूबर में बीते 58 सालों में सबसे ज्यादा ठंडा रहा था। अक्टूबर का औसत न्यूनतम तापमान 17.2 डिग्री सेल्सियस रहा था। जबकि, अक्टूबर में औसत न्यूनतम तापमान सामान्यतौर पर 19.1 डिग्री सेल्सियस रहता है। इससे पहले वर्ष 1962 का अक्तूबर महीना इससे ज्यादा ठंडा रहा था। उस साल अक्तूबर का औसत न्यूनतम तापमान 16.9 डिग्री सेल्सियस रहा था। 

दिल्ली में असाधारण है यह परिस्थिति

दिल्ली में आमतौर पर दिसंबर और जनवरी में शीतलहर देखने को मिलती है। लेकिन, इस बार नवंबर में ही शीतलहर जैसी स्थिति बन रही है। प्रादेशिक मौसम पूर्वानुमान केन्द्र के प्रमुख डॉ. कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया कि इस बार सितंबर के बाद से ही आसमान साफ रहा है। इसके चलते दिन भर पैदा होने वाली गर्मी वातावरण से बाहर चली जाती है और रातें ठंडी हो जाती हैं। जबकि, पिछले दिनों आए पश्चिमी विक्षोभ के बाद उच्च हिमालयी क्षेत्रों में अच्छी बर्फबारी हुई है। इस समय हवा उधर की दिशा से ही आ रही है, जिससे ठंड में और इजाफा हुआ है।

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मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली में पिछले साल नवंबर में न्यूनतम तापमान 11.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। इसी तरह 2018 में 10.5 डिग्री सेल्सियस और 2017 में 7.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। आंकड़ों के अनुसार अब तक नवंबर में सबसे कम न्यूनतम तापमान 3.9 डिग्री सेल्सियस 28 नवंबर 1938 को दर्ज किया गया था।

पंजाब और हरियाणा में तापमान में गिरावट

विभाग के पूर्वानुमान में कहा गया है कि अगले 24 घंटों में रात के तापमान में और गिरावट होने का अनुमान है। हरियाणा और पंजाब में अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया। दोनों राज्यों की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ में अधिकतम तापमान 23.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से तीन डिग्री नीचे है।

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