अंतिम संस्कार की आश में स्ट्रेचर पर रखे-रखे कंकाल बना शव, इंसानियत को दफन कर बगल से गुजरते रहे लोग

15 Sep, 2020 19:23 IST|Sakshi
लापरवाही का यह मामला इंदौर के एमवाई हॉस्पिटल का है।

इंदौर : मध्यप्रदेश के इंदौर से एक इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली फोटो सामने आई है। जहां एक अस्पताल में स्ट्रेचर पर पड़ा- पड़ा शव कंकाल बन गया। लेकिन कोई इसकी सुध लेने वाला नहीं था और ना ही किसी ने इसका अंतिम संस्कार करवाया। चौंकाने वाली बात तो यह है कि शव से बदबू आने के बाद भी लोग नाक बंद कर अगल बगल से गुजरते रहे फिर किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। 

क्या है मामला?
दिलदहला देने वाली तस्वीर मध्यप्रदेश सबसे बड़े सरकारी हॉस्पिटल की है। इस अस्पताल का नाम महाराज यशवंत राव अस्पताल (एमवायएच) है। जहां मॉर्चरी रूम में स्ट्रेचर पर रखा एक शव अंतिम संस्कार के इंतजार में कंकाल बन गया। मामला मीडिया के सामने आते ही हड़कंप मचा तो जिम्मेदारों ने तत्काल बॉडी को वहां से हटवा दिया। बताया जा रहा है कि बदबू फैलने के बाद भी किसी ने इस ओर ध्यान तक नहीं दिया। हॉस्पिटल अधीक्षक का कहना है कि जो भी दोषी होगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी।

पहले भी सामने आ चुकी हैं इस हॉस्पिटल से लापरवाही की तस्वीरें
ऐसा नहीं है कि इस हॉस्पिटल में लापरवाही के यह पहला मामला है। इससे पहले भी ये हॉस्पिटल अपनी  लापरवाहियों के चलते सुर्खियों में रहता है। यहां मॉर्चरी रूम में रखी यह बॉडी 15 दिन पुरानी बताई जा रही है। हालांकि, बॉडी किसकी है और कब लाई गई थी, इस संबंध में कोई कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। स्ट्रेचर पर शव के कंकाल बन जाने से सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इतनी बड़ी चूक कैसे हो गई और यह गलती किसकी है।

हॉस्पिटल के ज्यादातर फ्रीजर खराब
बता दें कि एमवाय अस्पताल के मुर्दाघर में डेढ़ दर्जन फ्रीजर हैं जिनमें शवों को रखा जाता है लेकिन इनमें से ज्यादातर खराब पड़े हुए हैं। जब भी कोई अज्ञात शव मिलता  है तो उसे मॉर्चुरी में पोस्टमार्टम करने के बाद तीन दिनों तक रखा जाता है और उसके बाद भी शिनाख्त नहीं होती है तो नगर निगम या फिर समाजेसवी संस्थाएं उन अज्ञात शवों का अंतिम संस्कार कर देती हैं। 

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