Covid-19 : पूरे देश को नहीं होगी वैक्सीनेशन की जरूरत, कोरोना वैक्सीन पर आया चौंकाने वाला बयान

2 Dec, 2020 09:25 IST|अनूप कुमार मिश्रा
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पूरे देश की आबादी को कोविड-19 का टीका लगाने की जरूरत नहीं

आईसीएमआर के महानिदेशक बलराम भार्गव ने बताई सरकार की नीति

कोविड टीका अभियान का उद्देश्य संक्रमण के प्रसार की श्रृंखला को तोड़ना होगा

नई दिल्ली : कोरोना वायरस (Coronavirus) महामारी से जूझ रहे लोगों को वैक्सीन का इंतजार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) कोरोना वैक्सीन के निर्माण और लोगों तक उसके पहुंचने की प्रक्रिया पर नजर रखे हुए हैं। पीएम मोदी ने कहा है कि हर देशवासियों को कोविड से सुरक्षित रखना सरकार की जिम्मेदारी है। इस बीच केंद्र सरकार ने मंगलवार को कहा कि पूरे देश की आबादी को कोविड-19 का टीका लगाने की जरूरत नहीं है।

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक बलराम भार्गव ने एक सवाल के जवाब में कहा कि कोविड टीका अभियान का उद्देश्य संक्रमण के प्रसार की श्रृंखला को तोड़ना होगा। उन्होंने कहा, ''हमारा उद्देश्य संक्रमण के प्रसार की श्रृंखला को तोड़ना होगा। अगर हम आबादी के कुछ हिस्से का टीकाकरण करने और संक्रमण के प्रसार की श्रृंखला को तोड़ने में सक्षम हैं तो हमें देश की पूरी आबादी के टीकाकरण की आवश्यकता नहीं होगी।'' 

इस दौरान, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि पूरे देश की आबादी को कोविड-19 का टीका लगाने के बारे में कभी कोई बातचीत नहीं हुई। उन्होंने कहा, ''मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि सरकार ने पूरे देश की आबादी के टीकाकरण के बारे में कभी नहीं कहा।'' इस बीच, केंद्र ने मंगलवार को कहा कि चेन्नई में ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के कोविड-19 टीके के परीक्षण में हिस्सा लेने वाले एक भागीदार के कथित तौर पर दिक्कतों का सामना करने के संबंध में शुरूआती निष्कर्षों के मद्देनजर परीक्षण रोकने की आवश्यकता नहीं थी। साथ ही स्पष्ट किया कि इस घटना का किसी भी तरीके से टीके को पेश करने की समय-सीमा पर असर नहीं पड़ेगा। 

डॉ रेड्डीज लेबोरेटरीज लिमिटेड और रूसी प्रत्यक्ष निवेश कोष (आरडीआईएफ) ने मंगलवार को घोषणा की कि उन्होंने हिमाचल प्रदेश स्थित कसौली की केंद्रीय औषधि प्रयोगशाला से आवश्यक मंजूरी मिलने के बाद कोविड-19 के लिए विकसित टीके 'स्पूतनिक-वी' के भारत में क्लीनिकल परीक्षण के दूसरे/तीसरे चरण की शुरुआत की है। वहीं, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मंगलवार को अद्यतन आंकड़ों के मुताबिक देश में कोविड-19 के 31,118 नए मामले आए। नए मामलों के साथ संक्रमितों की संख्या 94.62 लाख से ज्यादा हो गयी और स्वस्थ होने वाले मरीजों की संख्या बढ़कर 88,89,585 हो गयी। 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) द्वारा परीक्षण के दौरान सामने आए ‘अप्रिय चिकित्सा घटना' की जांच भारत के औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) कर रहे हैं ताकि पता लगाया जा सके कि घटना और उन्हें दिए गए डोज के बीच कोई संबंध है। पिछले हफ्ते चेन्नई में ‘‘कोविशील्ड'' टीके के परीक्षण के तीसरे चरण में 40 वर्षीय एक व्यक्ति ने गंभीर दुष्प्रभाव की शिकायतें कीं जिसमें तंत्रिका तंत्र में खराबी आना और बोध संबंधी दिक्कतें पैदा होना शामिल हैं। उसने परीक्षण को रोकने की मांग करने के अलावा सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) एवं अन्य से पांच करोड़ रुपये का मुआवजा भी मांगा है।

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