हैदराबाद की 2 कंपनियों पर टिकी देश की निगाहें, 15 अगस्त तक कोरोना वैक्सीन आने की उम्मीद

3 Jul, 2020 09:17 IST|Sakshi
हैदराबाद की दो कंपनियों को कोरोना वैक्सीन ट्रायल की इजाजत

कोरोना वैक्सीन को लेकर बड़ी उम्मीद

15 अगस्त तक वैक्सीन आने की उम्मीद

हैदराबाद की दो कंपनियों की कोशिश जारी

नई दिल्‍ली: कोरोना के खिलाफ जंग में हैदराबाद की अहम भूमिका देखने को मिल रही है। भारत बायोटेक की 'कोवाक्सिन' (COVAXIN) के बाद अब हैदाराबाद स्थित फार्मास्यूटिकल कंपनी जाइडस कैडिला हेल्‍थकेयर लिमिटेड को भी कोविड-19 वैक्‍सीन के ह्यूमन ट्रायल की इजाजत मिली है। खास बात है कि भारत में अब तक दो कंपनियों को इस तरह की परमिशन मिली है दोनों हैदराबाद की है। खास बात ये कि कोवाक्सिन को आगामी 15 अगस्त तक लॉन्च किया जा सकता है। भारत बायोटेक ने इस बारे में आधिकारिक घोषणा की है। बता दें कि दोनों हीं कंपनियां हैदराबाद बेस्ड है। लिहाजा पूरे देश की निगाहें तेलंगाना की राजधानी पर टिकी है। अगर ये दवाइयां बाजार में आ जाती है तो कोरोना के खिलाफ जंग में तेजी आएगी। 

हैदराबाद पर टिकी देश की निगाहें

कोरोना वायरस को लेकर पूरा देश हलकान है। हैदराबाद की दो कंपनियों को कोरोना वैक्सीन के ट्रायल परमिशन के बाद लोगों की उम्मीदें काफी बढ़ गई है। अगर 15 अगस्त तक कोरोना वायरस का वैक्सीन बाजार में आ जाता है तो ये भारत के लिए बड़ी उपलब्धि होगी। यहां तक कि देश पूरी दुनिया को कोरोना से लड़ने में मदद कर सकता है। 

ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (Drugs Controller General of India, DCGI) ने जाइडस कैडिला को इस वैक्‍सीन के इंसानों पर ट्रायल करने की इजाजत दी है। हैदराबाद की भारत बायोटेक को पहले ही इस तरह इजाजत मिली हुई है और उसने काम भी शुरू कर दिया है। 

देश में लगातार कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को लेकर इस तरह के अप्रूवल की प्रक्रिया को तेज किया गया है। इसके लिए बकायदा विशेषज्ञ समिति बनाई गई है। जाइडस कैडिला ने दावा किया है कि उसकी वैक्सीन जानवरों पर इस्तेमाल के बाद कारगर साबित हुई है। जाइडस कैडिला ने जानवरों पर ट्रायल की रिपोर्ट पहले ही ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया को भेज दी थी। जिसका काफी समय तक अध्ययन किया गया, फिर डीजीसीआइ के डॉ. वीजी सोमानी (Dr VG Somani) ने वैक्सीन के दूसरे चरण के प्रयोग को मंजूरी दी। 

Zydus Cadila Healthcare Ltd की वैक्सीन अगर इंसानों पर कारगर साबित होती है तो ये देश के लिए बड़ी उपलब्धि होगी। हालांकि दूसरे चरण के ह्यूमन ट्रायल में तीन महीने का वक्त लगेगा। भारत बायोटेक ने पहले ही 'कोवाक्सिन' (COVAXIN) नाम से वैक्सीन बनाई है जिसका ह्यूमन ट्रायल चल रहा है। 

भारत बायोटेक फिलहाल भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद यानी आइसीएमआर और राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (एनआइवी) के साथ मिलकर काम कर रही है। आईसीएमआर ने देश के पहले स्वदेशी कोविड-19 टीके के इंसानों पर क्लीनिकल ट्रायल के लिए कुल 12 संस्थानों को चुना है। ये संस्थान ओडिशा, विशाखापत्तनम, रोहतक, नई दिल्ली, पटना, बेलगाम (कर्नाटक), नागपुर, गोरखपुर, कट्टानकुलतुर (तमिलनाडु), हैदराबाद, आर्य नगर, कानपुर (उत्तर प्रदेश) और गोवा में स्थित हैं।
 

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