कोरोना वैक्सीन पर AIIMS का बड़ा बयान, 2-3 महीने के अंदर आ जाएगी दवा

7 Jun, 2020 10:58 IST|Sakshi
एम्स के डायरेक्टर डॉ रणदीप गुलेरिया (फाइल फोटो)

नई दिल्ली : देश में तमाम कोशिशों के बावजूद कोरोना संक्रमितों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि आने वाले दिनों में मरीजों की संख्या और बढ़ेगी, लेकिन राहत की खबर यह है कि कोविड-19 की दवा दो-तीन महीने में आ सकती है। एम्स के डायरेक्टर डॉ रणदीप गुलेरिया उम्मीद जताई है कि जल्द दवा आ जाएगी।

एक न्यूज चैनल से बात करते हुए एम्स डायरेक्टर डॉ रणदीप गुलेरिया ने कहा है कि अगले दो से तीन महीने में कोरोना वायरस की दवा आ जाएगी। उन्होंने दावा किया कि अगर इस साल के आखिर तक नहीं बनी, तो अगले साल की शुरुआत में तो जरूर कोरोना की दवा तैयार हो जाएगी। डॉ गुलेरिया के बयान से लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिलेगी।

आने वाले दिनों में और बढ़ेगी मरीजों की संख्या

डॉ रणदीप गुलेरिया ने बताया कि भारत में मरीजों की संख्या बढ़ने की सबसे बड़ी वजह जनसंख्या घनत्व है। देश में इतनी आबादी है कि संक्रमण को रोकना आसान नहीं है। भारत की आबादी काफी ज्यादा है और ऐसे में संख्या और बढ़ेगी लेकिन यहां मरने वालों की संख्या बेहद कम है जिससे हमें घबराना नहीं है।

सावधानी है जरूरी

लॉकडाउन हटने के बाद लोगों ने मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग जैसे सुरक्षात्मक पहलुओं को नजरअंदाज करना शुरू कर दिया है। इसलिए आम जनता को इस बात का विशेष ख्याल रखना होगा कि वह मास्क जरूर लगाएं, जिससे इंफेक्शन का खतरा कम हो जाता है। साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग फॉलो करें। 

यह भी पढ़ें : 

कोरोना से बेहाल भारत, स्पेन को पीछे छोड़ बना 5वां सबसे प्रभावित देश

देश में फिर से लगेगा लॉकडाउन ! एक दिन में करीब 10 हजार कोरोना मरीज आए सामने

अस्पताल में सबका भर्ती होना जरुरी नहीं

एम्स डायरेक्टर डॉ रणदीप गुलेरिया ने बताया कि बिना लक्षण वाले रोगी को अस्पताल में भर्ती होना जरूरी नहीं है। उनको घर में सही तरीके से अलग-थलग रहना चाहिए। 99 प्रतिशत मामलों में बिना लक्षण वाले रोगी ऐसे ही ठीक हो जाते हैं। ऐसे लोग दूसरों को इन्फेक्शन दे सकते हैं, ये गंभीर समस्या है।

Load Comments
Hide Comments
More News
आंध्र-प्रदेश
मुख्य समाचार
.