भारत के लिए बड़ी खुशख़बरी: अगले महीने से लगने लगेगा  कोरोना वायरस का टीका 

3 Dec, 2020 17:45 IST|Sakshi
रणदीप गुलेरिया, दिल्ली एम्स निदेशक

नई दिल्ली: भारत के बड़े हिस्से ने कोरोना वायरस की दूसरी लहर भी झेली है। अभी भी देश में कोरोना वायरस की तीसरी लहर को लेकर आशंकाएं जाहिर की जा रही है। इस बीच एम्स के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया ने बड़ी खुशखबरी दी है। उनके मुताबिक भारत में जो कोविड19 टीके बनाए जा रहे हैं उनका ट्रायल अंतिम चरण में है। दिसंबर के आखिरी या फिर जनवरी के शुरुआत में कोरोना टीका के एमरजेंसी इस्तेमाल को मंजूरी मिल जाएगी। 

बीते 24 घंटे में कोरोना के करीब 35 हजार नए मामले सामने आए हैं। माना जा रहा है कि ये कोरोना संक्रमण की थमती रफ्तार है। दिल्ली एम्स के निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने कोरोना के गिरते ग्राफ पर खुशी जाहिर की है। साथ ही कहा कि दिल्ली अब राहत ले सकती है लेकिन सावधानियां बरतनी जरूरी है। गुलेरिया ने लोगों से गुजारिश की कि अगर नियमों का पालन करते रहें तो कोरोना संक्रमण का ग्राफ और नीचे गिरेगा। 

बेहद अहम हैं आने वाले तीन महीने 

डॉक्टर रणदीप गुलेरिया के मुताबिक आने वाला तीन महीना भारत के लिए काफी मायने रखता है। उन्होंने लोगों को हिदायत दी कि किसी भी सूरत में सावधानी बरतने से कोताही नहीं करनी है। भारत में जिस तरह की स्थिति बन रही है उससे लोगों को लगने लगा है कि कोरोना महामारी का खतरा अब कुछ महीनों का ही मेहमान है। कोरोना वैक्सीन पर डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इनके परिणाम सकारात्मक हैं और ट्रायल अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। खुद प्रधानमंत्री कार्यालय टीकों के परीक्षण पर नजरें गड़ाए हुए है। लिहाजा औपचारिक अप्रूवल्स में देरी नहीं होगी और जनवरी तक उम्मीद की जा रही है कि भारत में टीके के आपातकालीन इस्तेमाल को मंजूरी मिल जाएगी। 

इमरजेंसी वैक्सीनाइजेशन को हरी झंडी मिलने के बाद उम्मीद की जा रही है कि बड़ी संख्या में मरीजों की जान बचाई जा सकेगी। हालांकि आम जनता के वैक्सीनेशन को लेकर गुलेरिया ने सख्त नियम बनाने की वकालत की। अफरातफरी न हो इसके लिए तमाम तैयारियों पर जोर दिया गया। डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहा कि वैक्सीन के अच्छे असर और सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं होगा। लिहाजा वैक्सीन को लेकर आशंकाएं या फिर अफवाह फैलाने से लोगों को बचना चाहिए। गुलेरिया के मुताबिक 70,000-80,000 लोगों ने अपनी मर्जी से टीके लगवाए। जिनपर किसी तरह का कोई नकारात्मक असर देखने को नहीं मिला। जिससे साफ जाहिर होता है कि टीका सुरक्षित है और इसका अंतिम चरण ट्रायल भी सफल होगा। 

टीके के साइडइफेक्ट से इनकार नहीं

डॉ गुलेरिया ने कहा कि जब मास लेवल पर टीकाकरण अभियान चलेगा तो हो सकता है कुछ लोगों को थोड़ी बहुत परेशानी हो सकती है। जिससे घबराने की जरूरत नहीं है। इन परिस्थितियों के लिए देश भर के विभिन्न अस्पतालों में अभी से तैयारियां शुरू हो गई है। गुलेरिया ने आह्वान किया कि देश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर लोगों को भरोसा करते हुए टीकाकरण अभियान में साथ देना होगा। 

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